बीजापुर में स्कूल की 3 छात्राएं हुईं गर्भवती, विधानसभा में गरमाया मुद्दा, विपक्ष का वॉकआउट
NEWS IN SHORT
- विधानसभा में बीजापुर के स्कूल की 3 छात्राओं के गर्भवती होने का मामला उठा।
- विपक्ष ने मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, प्रस्ताव खारिज।
- नाराज विपक्षी विधायकों का वॉकआउट।
- भूपेश बघेल ने जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
NEWS IN DETAIL
विधानसभा में गूंजा छात्राओं के गर्भवती होने का मामला
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन आवासीय संस्था की 3 छात्राओं के गर्भवती होने का मामला जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार के जवाब के बाद आसंदी ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
छात्राओं के हॉस्टल में नहीं रहने का दावा
शिक्षा मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि संबंधित तीनों छात्राएं हॉस्टल में नहीं रहती थीं। हालांकि इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और चर्चा नहीं होने से नाराज होकर विधायकों ने सदन में नारेबाजी की। इसके बाद विपक्ष ने विरोध स्वरूप वॉकआउट कर दिया।
3 आदिवासी छात्राएं करीब 5 माह की गर्भवती
जानकारी के मुताबिक बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र के एक हायर सेकेंडरी स्कूल की 3 आदिवासी छात्राएं गर्भवती पाई गई हैं। इनमें से दो छात्राएं कक्षा 12वीं और एक छात्रा कक्षा 11वीं की है। दो छात्राएं नाबालिग हैं और सभी करीब 5 माह की गर्भवती बताई जा रही हैं। बताया गया कि लगभग 4 महीने पहले इस जानकारी के सामने आने के बाद उन्हें संस्था से हटा दिया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय से आ रही यह खबर चिंता पैदा करती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अमला इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अन्य मुद्दों पर भी सदन में हंगामा
विधानसभा में इस दौरान अन्य मुद्दे भी गूंजे। विधायक ब्यास कश्यप ने अमानक चावल खरीदी का मुद्दा उठाया और दोषियों पर FIR की मांग की। मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि 8153 क्विंटल अमानक चावल मिला है और कुछ अधिकारियों को निलंबित कर नोटिस जारी किया गया है।
धान उठाव और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर भी सवाल
सक्ती जिले में धान उठाव नहीं होने से किसानों के नुकसान का मुद्दा भी सदन में उठा। विधायक रामकुमार यादव ने आरोप लगाया कि धान उठाव रोकने से बारिश में फसल खराब हुई। वहीं बस्तर संभाग में 2209 आंगनबाड़ी केंद्र बिना भवन के संचालित होने और कई भवन जर्जर होने का मुद्दा भी विपक्ष ने उठाया।
IMP FACTS
- स्थान: गंगालूर, बीजापुर (छत्तीसगढ़)
- संस्था: पोर्टा केबिन आवासीय स्कूल
- पीड़ित: 3 आदिवासी छात्राएं
- स्थिति: करीब 5 माह की गर्भवती
- दो छात्राएं नाबालिग
- मामला विधानसभा में उठा, विपक्ष ने वॉकआउट किया
आगे क्या
मामले की जांच को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच की संभावना है। यदि छात्राएं नाबालिग हैं तो POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोषियों की पहचान की जा सकती है।
निष्कर्ष
बीजापुर पोर्टा केबिन स्कूल की छात्राओं के गर्भवती होने का मामला गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक सवाल खड़े करता है। विधानसभा में इस मुद्दे पर सियासी टकराव भी देखने को मिला। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले की जांच कितनी पारदर्शी और सख्त तरीके से की जाती है।
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