कंप्यूटर टीचर करता था छात्राओं से छेड़छाड़, शिकायत पर प्रिंसिपल ने कहा चुपचाप रहो
RAIPUR : बीजापुर जिले के एक सरकारी आवासीय स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक पर सात छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप लगा है। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें परेशान कर रहा था। विरोध करने या इसकी शिकायत करने पर वह परीक्षा में फेल करने और बदनाम करने की धमकी देता था। मामले में स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि छात्राओं के मुताबिक उन्होंने कई बार प्रिंसिपल से शिकायत की, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
कंप्यूटर टीचर करता था छेड़छाड़:
पीड़ित छात्राओं ने बताया कि कंप्यूटर प्रैक्टिकल के दौरान शिक्षक उनके साथ अनुचित व्यवहार करता था। छात्राओं ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया। आरोप है कि शिक्षक ने उन्हें किसी को भी घटना के बारे में बताने से मना किया। यहां तक कि शिकायत करने पर स्कूल से निकालने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। लगातार परेशान किए जाने के बाद छात्राओं ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन छात्राओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत की। परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
7 से ज्यादा छात्राओं की शिकायत:
परिजनों का कहना है कि पीड़ित छात्राओं की संख्या सात से अधिक भी हो सकती है। इसलिए उन्होंने मांग की है कि स्कूल में पढ़ने वाली सभी छात्राओं की गोपनीय काउंसिलिंग कराई जाए, ताकि यदि किसी अन्य छात्रा के साथ भी इस तरह की घटना हुई है तो वह सामने आ सके।
महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दर्ज हों बयान:
परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि पीड़ित छात्राओं के बयान महिला पुलिस अधिकारियों और बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों की मौजूदगी में दर्ज किए जाएं। उनका कहना है कि छात्राएं बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकें, इसके लिए बयान की प्रक्रिया संवेदनशील और गोपनीय तरीके से होनी चाहिए।
दूसरी मांग पूरे हॉस्टल की काउंसिलिंग से जुड़ी है। परिजनों ने कहा कि निष्पक्ष जांच के दौरान अन्य छात्राओं से भी जानकारी ली जानी चाहिए। इसके लिए सभी छात्राओं की गोपनीय काउंसिलिंग कराई जाए, ताकि किसी अन्य संभावित पीड़ित छात्रा की जानकारी सामने आ सके।
तीसरी मांग आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और प्रिंसिपल की भूमिका की जांच की है। परिजनों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रिंसिपल ने मामले को दबाने की कोशिश की और छात्राओं को चुप रहने के लिए कहा। इसलिए उन्होंने प्रिंसिपल पर भी सह-अपराधी के रूप में कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, संयुक्त टीम कर रही जांच:
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आए हैं। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि छात्राओं से अनुचित व्यवहार का मामला संज्ञान में आया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और प्रशासन की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मामला गंभीर होने के कारण अब जांच में स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। खासकर यह पता लगाया जाएगा कि छात्राओं ने पहले किन स्तरों पर शिकायत की थी और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही, आरोपी शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों की स्वतंत्र जांच कर छात्राओं के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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