मोर बिजली एप से पुराने बिल के बोझ से मिलेगी मुक्ति, भारी छूट दे रही सरकार
NEWS IN SHORT
- मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 शुरू
- बी.पी.एल. और निष्क्रिय उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
- सक्रिय उपभोक्ताओं के लिए पंजीकरण और न्यूनतम भुगतान जरूरी
- ई-रिक्शा चालक शेखर सोनी को 3,565 रुपए की राहत
- योजना से आर्थिक बोझ कम और नियमित भुगतान सुनिश्चित
NEWS IN DETAIL
Raipur। सरकार ने पुराने बिजली बिलों के बकाया से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 शुरू की है। इस योजना में 31 मार्च 2023 तक के लंबित बिल शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों पर बकाया बिल का बोझ कम करना है।
बी.पी.एल. और निष्क्रिय उपभोक्ताओं को राहत
योजना के तहत निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत और अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं निष्क्रिय घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूरी छूट का लाभ मिलेगा। यह कदम उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए लिया गया है।
पंजीकरण और लाभ लेने की प्रक्रिया
पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए मोर बिजली एप या नजदीकी सीएसईबी कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य है। निष्क्रिय उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी और जिला प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं से समय पर योजना का लाभ लेने का आग्रह किया है।
ई-रिक्शा चालक को मिली राहत
ई-रिक्शा चालक शेखर सोनी अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए कई साल से काम कर रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण वे अपने बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे थे और उनका बकाया लगातार बढ़ रहा था। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित राशि जमा की और अपना बकाया नियमित कर लिया।
3,565 रुपए का बिल माफ
मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत शेखर सोनी को 3,565 रुपए की राहत मिली। इससे उनका आर्थिक बोझ काफी कम हुआ। शेखर ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह योजना वास्तव में जरूरतमंद लोगों के लिए सहायक साबित हो रही है।
प्रशासन की अपील और फायदे
जिला प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे योजना का लाभ समय पर लें। इससे न केवल पुराने बकाया बिलों का बोझ कम होगा, बल्कि बिजली विभाग के साथ नियमित भुगतान भी सुनिश्चित होगा। योजना छोटे व्यवसायियों और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद कर रही है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 बी.पी.एल., निष्क्रिय घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है। समय पर पंजीकरण और न्यूनतम भुगतान करने वाले उपभोक्ता बकाया बिल में छूट प्राप्त कर आर्थिक बोझ से मुक्ति पा सकते हैं।
FAQ
- मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 क्या है?
यह योजना पुराने बिजली बिलों के बकाया पर राहत देने के लिए शुरू की गई है। - योजना का लाभ कौन ले सकता है?
बी.पी.एल., निष्क्रिय घरेलू और कृषि उपभोक्ता और पात्र सक्रिय उपभोक्ता इसका लाभ ले सकते हैं। - सक्रिय उपभोक्ताओं को क्या करना होगा?
उन्हें मोर बिजली एप या नजदीकी सीएसईबी कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा और कम से कम 10% बकाया राशि जमा करनी होगी। - योजना कब तक लागू रहेगी?
यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
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