सरचार्ज माफ, सिर्फ 5% पंजीयन शुल्क पर निपटाएं बिजली बिल
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया समाधान योजना जारी
पंजीयन शुल्क घटाकर अब सिर्फ 5 फीसदी किया गया
बीपीएल और आम उपभोक्ताओं को मिल रही बड़ी राहत
अंबिकापुर, बिलासपुर और रायपुर ने सबसे ज्यादा लाभ उठाया
योजना 30 जून तक सभी बकायेदारों के लिए खुली
Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में करीब नौ लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाया का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल बकाया भुगतान समाधान योजना शुरू की है। योजना के तहत अब तक लगभग साढ़े सात लाख उपभोक्ताओं ने अपने बकाया बिल का निपटारा किया है।
पहले इसमें पंजीयन के लिए दस फीसदी शुल्क देना जरूरी था, लेकिन अब इसे घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। इसका मकसद अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ पहुंचाना है। पंजीयन शुल्क के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी को अब तक 60 करोड़ रुपए मिल चुके हैं।
यह योजना 30 जून 2026 तक जारी रहेगी। प्रदेश में आम उपभोक्ताओं पर कुल तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है, जिसमें 31 मार्च 2023 से पहले के उपभोक्ताओं पर डेढ़ हजार करोड़ से ज्यादा बकाया है। इन उपभोक्ताओं पर सरचार्ज की राशि 758 करोड़ रुपए है, जिसमें अब तक छह सौ करोड़ का सरचार्ज माफ किया जा चुका है।
अंबिकापुर ने सबसे ज्यादा लाभ उठाया
समाधान योजना का सबसे ज्यादा लाभ अंबिकापुर रीजन के उपभोक्ताओं ने उठाया है। यहां कुल 3,06,171 बकायेदार उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग पौने तीन लाख ने पंजीयन कराया है। इनसे 21 करोड़ रुपए से अधिक पंजीयन शुल्क प्राप्त हुए हैं। बिलासपुर रीजन दूसरे स्थान पर है, जहां 2,24,635 बकायेदार हैं
और लगभग पौने दो लाख ने पंजीयन कराया। इनसे करीब 12 करोड़ रुपए पंजीयन शुल्क के रूप में प्राप्त हुए। रायपुर तीसरे नंबर पर है, जहां कुल 1,17,000 बकायेदारों में से 1,00,000 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया और 9 करोड़ रुपए जमा हुए। अन्य रीजन में भी उपभोक्ताओं ने पंजीयन कर लिया है।
पंजीयन शुल्क में कमी
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं के बकाया बिल का समाधान सुनिश्चित करने के लिए पंजीयन शुल्क को दस फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। इससे अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा सकेंगे और अपने बकाया बिल का निपटारा कर सकेंगे।
आम उपभोक्ताओं को छूट
सामान्य वर्ग के उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर छूट का लाभ मिलता है। यदि कोई उपभोक्ता अपना पूरा बकाया एक साथ जमा करता है तो उसे मूल राशि में दस फीसदी की छूट मिलेगी। यदि बकाया तीन किस्तों में जमा किया जाता है तो पांच फीसदी की छूट मिलेगी। छह किस्तों में भुगतान करने की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसमें कोई छूट नहीं दी जाएगी।
बीपीएल वर्ग के लिए अतिरिक्त राहत
योजना में बीपीएल वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए विशेष छूट और राहत दी गई है। जिन बीपीएल उपभोक्ताओं का कनेक्शन 31 मार्च 2023 से पहले कट चुका है, उन्हें सरचार्ज पूरी तरह माफ करते हुए मूल राशि में 75 फीसदी की छूट दी जा रही है। जिन बीपीएल उपभोक्ताओं का कनेक्शन सक्रिय है
और जिन पर हजारों या लाखों रुपए का बकाया है, उन्हें भी योजना के तहत राहत दी गई है। पांच साल से अधिक समय से बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 फीसदी की छूट मिलेगी, जबकि एक से पांच साल के बकायेदारों को 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।
योजना का उद्देश्य
छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य बकाया बिजली बिल के बोझ को कम करना और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है। पंजीयन शुल्क में कमी और बीपीएल वर्ग के लिए अतिरिक्त छूट से योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचेगा। इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं का वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि वितरण कंपनी की वसूली में भी सुधार आएगा।
योजना की समय सीमा
योजना 30 जून 2026 तक चलेगी और इस अवधि में उपभोक्ताओं को अपने बकाया बिल का समाधान कर पंजीयन शुल्क जमा करना होगा। इससे बकाया राशि और सरचार्ज दोनों का निपटारा सुनिश्चित होगा।
प्रमुख रीजन और पंजीयन
अंबिकापुर, बिलासपुर और रायपुर सबसे अधिक लाभ उठाने वाले रीजन हैं। अंबिकापुर में पौने तीन लाख उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया, बिलासपुर में लगभग पौने दो लाख और रायपुर में एक लाख उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया। अन्य रीजन में भी उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है, जिससे कुल मिलाकर साढ़े सात लाख से अधिक उपभोक्ताओं का समाधान हो चुका है।
वित्तीय लाभ
पंजीयन शुल्क और छूट के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी को वित्तीय लाभ भी हुआ है। अब तक पंजीयन शुल्क से 60 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं। सरचार्ज में माफी से 600 करोड़ रुपए की राशि माफ की जा चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत मिली है।
उपभोक्ताओं के लिए मार्गदर्शन
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे जल्दी से जल्दी योजना का लाभ उठाएं। पंजीयन शुल्क पांच फीसदी होने के कारण अब योजना और अधिक सुलभ है। बीपीएल और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए छूट उपलब्ध है, जिससे बकाया राशि का निपटारा आसान हो गया है।
भविष्य की योजना
सरकार का लक्ष्य है कि योजना के अंत तक सभी बकायेदारों का समाधान किया जाए। इससे न केवल उपभोक्ताओं की वित्तीय स्थिति बेहतर होगी, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली की वसूली में भी सुधार आएगा। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
FAQ
- योजना का पंजीयन शुल्क कितना है?
पहले पंजीयन शुल्क 10% था, लेकिन अब सभी उपभोक्ताओं के लिए इसे घटाकर 5% कर दिया गया है। इसका मकसद अधिक से अधिक बकायेदारों को योजना का लाभ दिलाना है और उन्हें अपने बकाया बिल का समाधान करने में मदद करना है। - बीपीएल वर्ग के उपभोक्ताओं को कितनी छूट मिल रही है?
योजना में बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए डबल राहत दी गई है। जिनका कनेक्शन 31 मार्च 2023 से पहले कट गया था, उन्हें सरचार्ज पूरी तरह माफ करते हुए मूल बिल राशि में 75% छूट दी जा रही है। वहीं जिनके कनेक्शन सक्रिय हैं और बकाया 1 से 5 साल के बीच है, उन्हें 50% छूट दी जा रही है। पांच साल से अधिक पुराने बकाए पर भी 75% की राहत मिलती है। - योजना कब तक जारी रहेगी?
मुख्यमंत्री बिजली बिल बकाया समाधान योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। इस अवधि में उपभोक्ताओं को पंजीयन कर बकाया बिल का निपटारा करना होगा। योजना का उद्देश्य है कि सभी बकायेदारों का समाधान हो और उन्हें वित्तीय राहत मिले।
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