बिलासपुर में यूनिटी मार्च के दौरान BJP नेताओं में जमकर विवाद, केंद्रीय मंत्री के सामने बढ़ा तनाव

Harrison Masih | Nov 11, 2025, 18:13 IST
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सरदार पटेल जयंती पर निकला यूनिटी मार्च एकता की मिसाल बनने से पहले ही विवादों में फंस गया। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के सामने ही विधायक सुशांत शुक्ला और संगठन मंत्री हर्षिता पांडेय के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

Bilaspur. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को आयोजित भाजपा के यूनिटी मार्च के दौरान एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की मौजूदगी में बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला और संगठन की प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय आपस में भिड़ गए। दोनों नेता फर्स्ट लाइन में चलने की जगह को लेकर आपस में उलझ पड़े और एक-दूसरे को "देख लेने" की बात करते दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।



BJP यूनिटी मार्च में हंगामा: कैसे शुरू हुआ विवाद?

जानकारी के मुताबिक दोनों नेता यूनिटी मार्च की पहली पंक्ति में चलने को लेकर विवाद कर रहे थे। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और विधायक अमर अग्रवाल के साथ मार्च की शुरुआत तिफरा स्थित मां काली मंदिर से की गई थी।



मार्च की शुरुआत में हर्षिता पांडेय केंद्रीय मंत्री के बगल में चल रही थीं, जबकि सुशांत शुक्ला को जगह न मिलने के कारण दूसरी लाइन में चलना पड़ा। थोड़ी दूरी चलने के बाद सुशांत शुक्ला आगे बढ़कर तोखन साहू के बिल्कुल पास पहली लाइन में आने लगे। हर्षिता पांडेय ने उन्हें रोकने की कोशिश की, और यहीं से विवाद शुरू हो गया।



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उंगली दिखाते हुए तकरार

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि केंद्रीय मंत्री तोखन साहू तिरंगा झंडा लिए आगे चल रहे हैं। सुशांत शुक्ला और हर्षिता पांडेय दोनों एक-दूसरे के करीब खड़े हैं। दोनों एक-दूसरे की तरफ उंगली दिखाते हुए बात कर रहे हैं। बहस बढ़ने पर समर्थक बीच-बचाव की कोशिश करते हैं। इस दौरान अमित सिंह नाम का एक बीजेपी कार्यकर्ता हर्षिता पांडेय की बांह पकड़कर उन्हें शांत कराने की कोशिश करता दिख रहा है, और उनके कान में कुछ कहता नजर आता है।



केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने संभाला मामला

विवाद बढ़ता देख केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद नहीं थमा। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक को बीच-बचाव करना पड़ा। कौशिक ने दोनों नेताओं को अलग करते हुए मार्च की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। आखिरकार दोनों नेता शांत हुए और मार्च आगे बढ़ा। मार्च के अंत में नेहरू चौक पर सभी नेताओं ने "एकता का संकल्प" भी लिया और दोनों विवादित नेता एक-दूसरे के बगल में खड़े भी दिखाई दिए।



विवाद पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने भाजपा के खिलाफ तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा— “भाजपा के भीतर निपटो-निपटाओ का खेल चल रहा है। अंदरूनी कलह उजागर होने लगा है। अभी केंद्रीय मंत्री के सामने हुआ, बहुत जल्द प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के सामने भी उजागर होगा।”



कांग्रेस ने वीडियो का हवाला देकर भाजपा को अंदरूनी गुटबाजी का शिकार बताया।



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बीजेपी का पलटवार— मीडिया की मनगढ़ंत कहानी

बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने विवाद को पूरी तरह नकारते हुए कहा— “कहीं कोई विवाद की स्थिति नहीं बनी। मीडिया अपने मन से बातें बना रही है। मीडिया ने कांग्रेस को मौका दिया है। हम सब एक हैं।” उन्होंने कहा कि जो लोग अपने घरों में ईंट-पत्थर चलाते हैं, वे दूसरों पर कीचड़ न उछालें।



धरमलाल कौशिक का बयान— कांग्रेस की संस्कृति BJP में नहीं

वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा— “कोई विवाद नहीं है। कांग्रेस की संस्कृति भाजपा में नहीं है। कांग्रेस क्या बोल रही है, यह उनके पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह से पूछिए। उसके बाद जवाब देने की जरूरत नहीं।” कौशिक ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा में एकता का दावा दोहराया।



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