बिलासपुर श्मशान तंत्र-मंत्र मामला, तीन और आरोपी गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
- बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई।
- आरोपियों ने श्मशान घाट में मुख्य न्यायाधीश की फोटो रखकर तंत्र-मंत्र किया।
- पुलिस ने मौके से एक आरोपी ऋषिकेश कुमार को रंगे हाथ पकड़ा।
- फरार चल रहे तीन अन्य साथियों को भी अब गिरफ्तार कर लिया है।
- अदालत के आदेश पर सभी चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
श्मशान में काली पूजा और तांत्रिक क्रिया
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक अजीबोगरीब अपराध दर्ज हुआ है। देवरी गांव के श्मशान घाट पर रात में तंत्र - मंत्र चल रहा था। आरोपियों ने वहां कई लोगों की तस्वीरें रखी थीं। इनमें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की फोटो भी शामिल थी। आधी रात को तांत्रिक क्रियाएं की जा रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों को श्मशान में संदिग्ध रोशनी दिखी। ग्रामीणों की सूचना पर तोरवा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
एक आरोपी मौके से पकड़ाया, तीन हुए फरार
पुलिस ने श्मशान घाट पर अचानक छापेमारी की। मौके से पूजा सामग्री, सिंदूर, नींबू और तस्वीरें बरामद हुईं। पुलिस ने मौके से ऋषिकेश कुमार को पकड़ लिया। अंधेरे का फायदा उठाकर तीन आरोपी वहां से भाग निकले। भागने वालों में ओम बोले, तरुण बजाज और मोहम्मद इसरार शामिल थे। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह दबिश दी।
पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों को दबोचा
तोरवा पुलिस की टीम लगातार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। आखिर में पुलिस को सफलता मिल गई। पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का केस बना है। छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम (Chhattisgarh Anti-Tonhi Pratadna Act) की धाराएं भी लगाई गई हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से सभी को केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
जमानत न मिलने पर रची गई थी साजिश
पूछताछ में पुलिस को इस अपराध की मुख्य वजह पता चली। आरोपियों में से एक का भाई बिलासपुर जेल में बंद है। अदालत से उसकी जमानत याचिका बार-बार खारिज हो रही थी। इससे आरोपी काफी परेशान और गुस्से में थे।
कानून से राहत न मिलने पर उन्होंने तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। वे पीड़ित परिवार और अधिकारियों को डराना चाहते थे। श्मशान में फोटो रखकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।
अंधविश्वास पर कानून का कड़ा प्रहार
21वीं सदी में भी समाज में अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं। अदालती फैसलों को तंत्र-मंत्र से बदलने की सोच बेहद खतरनाक है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए कड़ा कानून बनाया है। टोनही प्रताड़ना कानून के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है। न्याय व्यवस्था को डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी। रात के समय श्मशान घाटों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
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