अपराधी को पकड़ने के लिए सबूत चाहिए, तंत्र-मंत्र नहीं, हाई कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा?
Jageshwar prasad | May 21, 2026, 15:35 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने चोरी के मामले में तांत्रिक की मदद लेने वाले जांच अधिकारी पर फटकार लगाते हुए उसे 15 दिन में हटाने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा- आपराधिक जांच तांत्रिक के इशारों पर नहीं चल सकती। नागौर एसपी को नया जांच अधिकारी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
News In Short
- चोरी के मामले में तांत्रिक की शरण में गई पुलिस, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार।
- जांच अधिकारी ने तांत्रिक के कहने पर बहू के पिता को बना डाला संदिग्ध।
- कोर्ट बोली- आपराधिक मामले की जांच अंधविश्वास के आधार पर नहीं हो सकती।
- 80 वर्षीय पीड़िता के घर से 12 लाख रुपए के गहने और नकदी हुई थी चोरी।
15 दिन में जांच अधिकारी बदलने के निर्देश, नागौर एसपी को सौंपी जिम्मेदारी।
News In Detail
जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता खेमी देवी (80) की याचिका पर सुनवाई करते हुए नागौर एसपी को जांच अधिकारी बदलने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आदेश की प्रति मिलने के 15 दिन के अंदर जांच श्रीबालाजी थाने से हटाकर किसी अन्य थाने के सब-इंस्पेक्टर या उससे उच्च पद के अधिकारी को सौंपी जाए।
क्या है पूरा मामला?
FIR दर्ज होने के बाद याचिकाकर्ता ने जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल रतिराम को चोरी में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी दिए थे। लेकिन पुलिस न तो आरोपियों को ट्रेस कर पाई और न ही चोरी हुए जेवर बरामद कर सकी।
याचिकाकर्ता के वकील ने क्या कहा?
वकील ने कोर्ट को बताया कि तांत्रिक ने इशारा कर दिया कि चोरी में खुद बहू का पिता ही शामिल है। तांत्रिक के इस इशारे के बाद पुलिस ने बिना कोई सबूत जुटाए बहू के पिता को ही संदिग्ध मान लिया और उसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
सरकार का पक्ष क्या था?
स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने माना कि जांच अधिकारी अलवर जिले में उस स्थान पर गया था जहां तांत्रिक रहता है। लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अधिकारी ग्रामीणों को अपने साथ वहां ले जाया।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण ने कहा कि किसी भी हालत में मामले की जांच तांत्रिक के निर्देशों पर आधारित नहीं हो सकती। जांच अधिकारी वहां गया था, इसलिए इस बात की आशंका है कि यह पूरी जांच तांत्रिक की राय से दूषित और प्रभावित हो चुकी है। मामले में असल आरोपियों की पहचान के लिए तांत्रिक के प्रभाव से मुक्त होकर स्वतंत्र जांच होना जरूरी है।
कोर्ट का आदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
राजस्थान हाई कोर्ट ने किस जिले की पुलिस को तांत्रिक से जांच कराने पर फटकार लगाई है?
हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को हटाकर नया जिम्मा किसे सौंपने का आदेश दिया है?
यह पूरा मामला किस प्रकार की चोरी और कितनी रकम से जुड़ा हुआ था?
ये भी पढ़ें:-
आयकर अधिकारी के डॉक्टर बेटे ने किया सुसाइड, पिछले साल ही MBBS की थी कंपलीट
सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ाया चांदी का हार्ट, भक्त की यह मन्नत हुई थी पूरी?
पेट्रोल-डीजल की अघोषित राशनिंग पर हाई कोर्ट ने केंद्र और तेल कंपनियों से मांगा जवाब
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari