एक तरफ 'एक पेड़ मां के नाम' मुहिम चला रही सरकार, दूसरी ओर वन विभाग की इजाजत के बिना काटा CCF दफ्तर में लगा पेड़
बिलासपुर। वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय परिसर में लगे विशालकाय पेड़ को बिना अनुमति के कटाई कर दी गई। जिस विभाग पर पर्यावरण बचाने और पेड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी विभाग के अफसरों ने बिना वजह एक हरे-भरे पेड़ को जड़ सहित कटवा दिया। पढ़ें: MP में नई आपातकालीन सेवा: सीएम मोहन यादव ने डायल-112 को दिखाई हरी झंडी, जानिए विशेषताएं
दफ्तर में नहीं थे अफसर
जिस समय पेड़ की कटाई की जा रही थी, उस समय विभाग के अफसर दफ्तर से गायब थे। बताया जा रहा है कि मंदिर निर्माण में बाधा डालने के नाम पर हरे-भरे पेड़ की कटाई की गई है। पढ़ें: सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के लिए भी खास है 15 अगस्त, जानें इस दिन की 8 सबसे बड़ी घटनाएं
CCF दफ्तर में मौजूद पेड़ काटा
एक तरफ पर्यावरण प्रदूषण और हरियाली लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार एक पेड़ मां के नाम मुहिम चला रही है। वन विभाग के जरिए लोगों को पौधे बांटकर हरियाली लाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग को भी पौधरोपण करने की जिम्मेदारी दी गई है। उसी विभाग के ऑफिस परिसर में लगे पेड़ पर मशीन चलाकर उसे धरासाई कर दिया गया। पढ़ें: प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में अब आवेदन के समय अनुभव प्रमाण पत्र देना नहीं होगा जरूरी
कुछ भी बताने से बचते रहे अफसर और कर्मचारी
वन विभाग के बड़े अफसर के कार्यालय परिसर में लगे बड़े व हरे-भरे पेड़ पर मशीन चलाते देखकर कुछ लोग पहुंच गए। वहीं, जानकारी मिलते ही मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पूछताछ में किसी ने कहा पेड़ झुक गया था, तो किसी ने दावा किया कि मंदिर निर्माण के लिए पेड़ को काटा गया है। वहीं, विभाग के अफसर व कर्मचारी पेड़ की कटाई का कारण बताने के लिए बचते रहे। पढ़ें: बलौदाबाजार में आबकारी टीम पर शराब माफियाओं का बेखौफ हमला,जान बचाकर भागे अधिकारी
सुनियोजित तरीके से काटे जा रहे पेड़
शहर में पेड़ों की सुनियोजित तरीके से कटाई चल रही है। करीब एक महीना पहले सरकंडा के सीपत रोड किनारे दो हरे-भरे पेड़ों को बिजली विभाग के कर्मचारियों ने काट दिया। दरअसल, यहां विजय चश्मा संसार के संचालक द्वारा कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है, जहां पर मेन रोड पर दो पेड़ लगे थे।
खबर को पांच प्वॉइंट में समझें1.वन विभाग ने खुद काटा हरा-भरा पेड़ बिलासपुर में मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय परिसर में एक विशाल और हरा-भरा पेड़ बिना किसी अनुमति के मशीन से काट दिया गया, जबकि यही विभाग पेड़ों की सुरक्षा का जिम्मेदार है।2. पेड़ काटने का कारण स्पष्ट नहीं अधिकारियों और कर्मचारियों ने पेड़ कटाई का स्पष्ट कारण नहीं बताया। कुछ ने पेड़ के झुकने का बहाना बनाया, तो कुछ ने मंदिर निर्माण का हवाला दिया, लेकिन कोई भी ठोस जानकारी नहीं दी गई। 3. अधिकारियों की गैरमौजूदगी और चुप्पी पेड़ कटाई के समय कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था और फोन कॉल तक रिसीव नहीं किए गए। कर्मचारियों ने भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। 4. शहर में हो रही सुनियोजित पेड़ कटाई यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि शहर में अन्य स्थानों पर भी हरे-भरे पेड़ों की कटाई योजनाबद्ध तरीके से की जा रही है। जैसे, सरकंडा क्षेत्र में बिजली विभाग की मिलीभगत से पेड़ काटे गए। 5. सरकारी मुहिम और हकीकत में अंतर एक तरफ सरकार "एक पेड़ माँ के नाम" जैसी पर्यावरणीय मुहिम चला रही है, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभाग खुद ही पेड़ों की अवैध कटाई में शामिल है, जिससे सरकार की नीतियों और ज़मीनी हकीकत में बड़ा अंतर साफ नजर आता है। |
पेड़ में दब रही थी कॉम्प्लेक्स की सुंदरता
साथ ही कॉम्प्लेक्स के सामने एक बिजली खंभा भी है। कॉम्प्लेक्स की सुंदरता पेड़ में दब रही थी। लिहाजा, संचालक ने बिजली विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर दोनों पेड़ को कटवा दिया। इस मामले की शिकायत एसडीएम से की गई। लेकिन, मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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