तिलक और आरती से होगा बच्चों का स्वागत, तैयारी में जुटा शिक्षा विभाग

Umeshwari Baghel | Jun 08, 2026, 20:20 IST
15 जून से मनेगा भव्य शाला प्रवेश उत्सव
बिलासपुर में 15 जून से सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। इस बार बच्चों का शाला प्रवेश उत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें तिलक और आरती के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया जाएगा।

NEWS IN SHORT

  • बिलासपुर में 15 जून से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव
  • सरकारी स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक स्वागत और आरती
  • नई किताबें और गणवेश पहले दिन ही बच्चों के हाथों में
  • स्वच्छता और सुरक्षा के साथ तैयार स्कूल परिसर
  • जनप्रतिनिधियों और पालकों की भागीदारी से बढ़ेगा भरोसा

NEWS IN DETAIL

Blaspur। गर्मियों की लंबी छुट्टियों के बाद जिले के सभी सरकारी स्कूल आगामी 15 जून से खुलने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस बार शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को यादगार बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केवल कक्षाओं की शुरुआत ही नहीं होगी, बल्कि बच्चों का शाला प्रवेश उत्सव के रूप में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया जाएगा। विद्यार्थियों के माथे पर तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया जायेगा।



शाला प्रवेश उत्सव की तैयारी

इस बार शिक्षा विभाग ने प्रवेश कार्यक्रम को महाअभियान का रूप देने का निर्णय लिया है। जिले के सरकारी स्कूलों में करीब ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि लंबे समय बाद स्कूल लौटने वाले बच्चों को परिसर आकर्षक नजर आए। प्रवेश उत्सव में न केवल बच्चों का स्वागत किया जाएगा बल्कि परिसर में सजावट और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।



स्कूलों में साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य

जिले की लगभग आठ हजार से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में बंद पड़े कमरों की धूल-सफाई, सैनिटाइजेशन और मरम्मत का काम चल रहा है। पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है और शौचालयों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा स्कूलों के आसपास उगी झाड़ियों की कटाई कर परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है।



पहले दिन नई किताबें और गणवेश

शिक्षा विभाग ने पढ़ाई की शुरुआत को व्यवस्थित बनाने के लिए पहले दिन ही विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें और मुफ्त गणवेश उपलब्ध कराने की तैयारी की है। इससे पहले अक्सर शिकायतें आती थीं कि बच्चों को किताबें कई महीने बाद मिल पाती थीं, इस बार सभी संकुल केंद्रों में किताबों और यूनिफार्म का स्टॉक पहले से ही पहुंचा दिया गया है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि 15 जून को स्कूल पहुंचते ही बच्चों के हाथों में नई किताबें और गणवेश उपलब्ध होंगे, जिससे पढ़ाई बिना किसी देरी के शुरू हो सके।



स्वच्छता और सुरक्षा पर जोर

लंबे समय से बंद पड़े स्कूल परिसरों की सुरक्षा और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। कमरों की डस्टिंग और सैनिटाइजेशन के साथ स्कूलों के आसपास झाड़ियों की कटाई कराई जा रही है। पेयजल टंकियों की सफाई और मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।



जनभागीदारी से बढ़ेगा भरोसा

शाला प्रवेश उत्सव को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, पालक और समाजसेवी भी शामिल होंगे। स्कूलों में बच्चों का स्वागत ग्रामीणों की मौजूदगी में किया जाएगा और मुंह मीठा कर उनका अभिनंदन किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के स्वागत कार्यक्रम से पालकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास और मजबूत होगा और बच्चों का उत्साह भी बढ़ेगा।



IMP FACTS

बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूल 15 जून से खुलेंगे।


इस बार बच्चों का स्वागत शाला प्रवेश उत्सव के रूप में किया जाएगा।


बच्चों के माथे पर तिलक और आरती के साथ अभिनंदन होगा।


पहले दिन ही नई किताबें और मुफ्त गणवेश उपलब्ध कराए जाएंगे।


स्कूल परिसरों की सफाई, पेयजल और शौचालयों की मरम्मत युद्धस्तर पर चल रही है।


स्थानीय जनप्रतिनिधि, पालक और समाजसेवी भी स्वागत कार्यक्रम में भाग लेंगे।


उद्देश्य है बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक स्कूल वातावरण सुनिश्चित करना।


यह कार्यक्रम माता-पिता का सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा।



निष्कर्ष

15 जून से शुरू हो रहे इस शैक्षणिक सत्र में बिलासपुर के सरकारी स्कूलों का वातावरण पूरी तरह बदल जाएगा। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने बच्चों के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर पहलू का ध्यान रखा गया है। शाला प्रवेश उत्सव न केवल बच्चों के लिए यादगार रहेगा बल्कि स्कूलों के प्रति माता-पिता और समाज का भरोसा भी मजबूत करेगा।



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