तोमर ब्रदर्स का करीबी है बीजेपी का नेता, दिद्दा का साथ मिला तो अंडे बेचने वाले बन गए करोड़पति

Arun Tiwari | Jun 20, 2025, 15:20 IST
BJP leader is close to Tomar brothers egg seller became a millionaire after getting support from Didda
पुलिस ने कारोबारी रविंदर सिंह के यहां छापा मारा तो उसको 40 करोड़ की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और साढ़े तीन करोड़ का गोल्ड मिला। इसमें खास बात ये है कि कारोबारी रविंदर सिंह बीजेपी का नेता है। तोमर बंधुओं को गुरबत में दिद्दा यानी बड़ी बहन का भी खूब साथ मिला

रायपुर : अंडे बेचने से करोड़पति बनने तक सफर तय करने वाले हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स का सत्ताधारी पार्टी बीजेपी से खास कनेक्शन है। पुलिस तोमर बंधुओं के करीबियों को तलाश रही थी कि उसको तोमर के बिजनेस पार्टनर ऐसे भी मिले जो बीजेपी के नेता हैं। पुलिस ने कारोबारी रविंदर सिंह के यहां छापा मारा तो उसको 40 करोड़ की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और साढ़े तीन करोड़ का गोल्ड मिला। इसमें खास बात ये है कि कारोबारी रविंदर सिंह बीजेपी का नेता है। इसके अलावा तोमर बंधुओं को गुरबत में दिद्दा यानी बड़ी बहन का भी खूब साथ मिला। क्या है ये तोमर ब्रदर्स का बीजेपी कनेक्शन आइए आपको बताते हैं।



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तोमर का करीबी रविंदर सिंह बीजेपी का नेता

ये हैं बड़े कारोबारी रविंदर सिंह जो बीजेपी के नेता भी हैं। खुद को मीडिया कमेटी का सदस्य बताते हैं। अब ये मीडिया कमेटी के सदस्य हों या न हों लेकिन बीजेपी के नेता जरुर हैं। ये पार्टी कार्यालय में नजर आते हैं तो पार्टी के हर कार्यक्रम में भी दिखाई देते हैं। कभी सीएम के साथ फोटो खिंचवाते हैं तो कभी पीएम मोदी का स्वागत करते हुए भी नजर आ जाते हैँ। इन सब बातों से इतना तो तय है कि ये बीजेपी जुड़े हुए हैं। पार्टी के पदाधिकारी भी मानते हैं कि रविंदर सिंह बीजेपी कार्यकर्ता हैं। ये तो इनका एक पक्ष हुआ लेकिन दूसरा पक्ष भी जान लीजिए। ये सूदखोर करोड़पति रोहित और वीरेंद्र तोमर के करीबी हैं या यूं कहें कि तोमर के बिजनेस पार्टनर हैं। पुलिस की इन्वेस्टीगेशन में तो यही आ रहा है। पुलिस ने रविंदर सिंह के यहां छापा मारा तो इनका भी आलीशान बंगला नजर आया। पुलिस को 40 करोड़ की रजिस्ट्री के दस्तावेज,साढ़े तीन करोड़ का सोना,10 लाख की चांदी,बैंक की पासबुक और एटीएम कार्ड मिले। छापे की यह कार्यवाही करीब 12 घंटे तक चली। पुलिस को डेढ़ सौ रजिस्ट्री के साथ 8 लाख कैश भी मिला जिसे जब्त कर इन्कमटैक्स को बता दिया गया। पुलिस को शक है कि रजिस्ट्री और गोल्ड उन लोगों के हैं जिन्होंने तोमर ब्रदर्स से कर्ज लिया और बाद में तोमर ने ब्लैकमेल कर रजिस्ट्री के कागज हड़प लिए। सोना चांदी भी कर्जदारों का है। पुलिस इन्वेस्टीगेशन में ये बात भी सामने आई है कि रविंदर और रिषभ दोनों भाई तोमर ब्रदर्स के करीबी हैं और कई मामलों में लेनदेन में भी शामिल हैं। पुलिस अब इनकी प्रॉपर्टी की जानकारी इकट्ठा कर रही है। रविंदर सिंह का कहना है कि उनके पास पेट्रोल पंप समेत दूसरे करोबार हैं। यह पैसा कारोबार से ही कमाया गया है।



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गरीबी में मिला दिद्दा का साथ

ये तोमर बंधुओं का दूसरा बीजेपी कनेक्शन है। तोमर बंधुओं जब गरीबी में थे तो उनको दिद्दा का साथ मिला। दिद्दा बघेलखंडी में बड़ी बहन को कहा जाता है। बड़ी बहन भी बीजेपी के बड़े नेता के प्रमुख सलाहकार थे। दिद्दा का साथ मिला तो तोमर बंधुओं के अमीर होने का सिलसिला आगे बढ़ गया। छत्तीसगढ़ में लगातार 15 साल बीजेपी सरकार रही और यही समय तोमर ब्रदर्स के लिए अमृतकाल बन गया। तोमर बंधु शुरु से ही आपराधिक प्रवृत्ति के थे लेकिन जब पैसा आया तो अपराध का ग्राफ बढ़ गया। इन्होंने सूदखोरी को अपना धंधा बना लिया और डरा धमका कर जमीनों पर कब्जा करने लगे। वह छोटे कारोबारियों को 10 फीसदी ब्याज पर उधार पैसा दिया करते थे। बाद में उनसे 10 गुना ज्यादा पैसा वसूला करते थे। अगर कोई कारोबारी पैसा नहीं दे पाता था तो वह उसकी प्रॉपर्टी जबरदस्ती अपने नाम करवा लेते थे। अपने गांव में उन्होंने ऐसी ही कई लोगों की जमीन को हथिया ली है। एक समय इनके उपर बीजेपी के बड़े नेताओं का हाथ रहा है।



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रजिस्ट्री दफ्तर से जुटाई जा रही तोमर बंधुओ की प्रॉपर्टी की जानकारी

सूदखोर तोमर ब्रदर्स की प्रॉपर्टी की जानकारी पुलिस की टीम रजिस्ट्री दफ्तर पहुंची। तोमर परिवार के नाम पर कहां-कहां कितनी जमीन है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है। उनके करीबियों और वसूली एजेंटों की प्रॉपर्टी की भी जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में खुलासा हुआ है वीरेंद्र और रोहित दोनों भाइयों ने अपने नाम पर ज्यादा प्रॉपर्टी नहीं खरीदी है। उन्होंने अपने करीबी, दूर के रिश्तेदारों और कर्मचारियों के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है। तोमर ब्रदर्स के वसूली एजेंट बंटी सहारे और जीतेंद्र देवांगन को लंबी पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। दोनों से पूछताछ में पुलिस को सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के बड़े क्लू हाथ लगे हैं। सूदखोरी के मामले में पुलिस की कई और गिरफ्तारियां करने की तैयारी है। इसमें कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं, जो सूदखोरी में शामिल हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। ठोस सुराग मिला तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।



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