नकटी अतिक्रमण विवाद : भाजपा विधायकों ने तैयार किया कड़ा जवाब
RAIPUR : सीएम हाउस में मंगलवार रात हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में नकटी पर निपटने की रणनीति तैयार हुई। विधानसभा में यदि कांग्रेस नकटी मुद्दे पर हमलावर होती है तो उसका आक्रामक तरीके से जवाब मंत्री के साथ विधायक भी देंगे। नकटी पर घिरी बीजेपी ने विधानसभा सत्र के 6 दिन पहले ही विधायकों की बैठक बुला ली। बैठक में यह कहा गया कि कांग्रेस के सवालों से दबने की ज़रूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू हो रहा है।
नकटी से निपटने की रणनीति:
बैठक में रायपुर नकटी गांव का मुद्दा प्रमुखता से उठा। हाल के दिनों में इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर रही है। बीजेपी ने तय किया है कि यदि विपक्ष इस विषय को विधानसभा में उठाता है, तो केवल संबंधित मंत्री ही नहीं बल्कि पार्टी विधायक भी तथ्यों और तर्कों के साथ मजबूती से जवाब देंगे। पार्टी का मानना है कि विपक्ष द्वारा बनाए जा रहे गलत नैरेटिव का प्रभावी तरीके से जवाब दिया जाना जरूरी है।
नकटी प्रकरण के संदर्भ में बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विधायक आवास निर्माण के लिए अब तक विधायक सदस्य सुविधा सम्मान समिति की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है। विधानसभा स्तर पर भी इस संबंध में निर्णय नहीं हुआ है। सरकार की योजना जरूरत के अनुसार हाउसिंग बोर्ड की रियायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराने की है। इस विषय पर भी विपक्ष के सवालों के जवाब के लिए तैयारी की गई।
नए विधेयक लाने की तैयारी:
बैठक में तय किया गया कि मानसून सत्र के दौरान सरकार सात नए विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत कर सकती है। इनमें वाणिज्य और कृषि विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं। साथ ही कुछ अशासकीय और शासकीय संकल्पों को लेकर भी मंथन किया गया। यह भी तय किया गया कि सदन में किस विषय पर कौन मंत्री और कौन विधायक पक्ष रखेगा, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी पहले से तय रहेगी।
सूत्रों के अनुसार बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकार को ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में अब केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनके परिणाम और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से सदन में प्रस्तुत करना आवश्यक है।
मंत्रियों से कहा गया कि वे अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों के साथ अधिक से अधिक विधायकों को भी चर्चा में शामिल करें, ताकि सरकार का पक्ष मजबूती से सामने आ सके।भाजपा नेताओं ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि आगामी मानसून सत्र सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। ऐसे में प्रत्येक मंत्री और विधायक को पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहने और विपक्ष के हर आरोप का तथ्यात्मक उत्तर देने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी नेतृत्व ने विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों और सरकार की उपलब्धियों को भी प्रभावी ढंग से सदन में रखने को कहा गया।
ये विधायक नहीं हुए शामिल:
बैठक में कुल 13 मंत्री और 33 विधायक शामिल हुए। हालांकि कुछ मंत्री और विधायक विभिन्न कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। इनमें मंत्री विजय शर्मा और विधायक अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, रायमुनी भगत, रेणुका सिंह, चेतराम अटामी और भैयालाल राजवाड़े शामिल रहे। बताया गया कि विजय शर्मा और राजेश मूणत पारिवारिक कार्यक्रमों में व्यस्त थे, जबकि अमर अग्रवाल प्रदेश से बाहर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
6 दिन पहले हुई बैठक:
विधानसभा सत्र से ठीक एक दिन पहले विधायक दल की बैठक बुलाने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार पार्टी ने छह दिन पहले ही बैठक आयोजित की। इसकी वजह बताई गई कि प्रदेशभर में बीजेपी के विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रम और व्यस्त राजनीतिक कैलेंडर है। समय रहते रणनीति तय कर लेने से विधायकों को भी तैयारी का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक और विधायी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।विधायक दल की बैठक में सरकार के मंत्रियों और विधायकों के साथ आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों, विपक्ष के संभावित हमलों और सरकार की जवाबी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
FAQ
- छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कब से शुरू हो रहा है?
छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी मानसून सत्र 13 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है। - छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल कितनी विधानसभा सीटें (निर्वाचित सदस्य) हैं?
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 निर्वाचित सीटें हैं।
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