क्या खत्म हो सकता है दो डिप्टी सीएम मॉडल, एमपी, सीजी और राजस्थान की समीक्षा करेगी केंद्र सरकार

Arun Tiwari | May 30, 2026, 16:36 IST
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बीजेपी जून में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकारों की समीक्षा करेगी, जिसमें समन्वय सुधारने के लिए 'दो डिप्टी सीएम मॉडल' को बदलने और कैबिनेट फेरबदल पर बड़ा फैसला संभव है।

RAIPUR : बीजेपी अगले महीने उन राज्यों की बीजेपी सरकारों की व्यापक समीक्षा शुरू करने जा रही है, जहां 2023 में विधानसभा चुनाव हुए थे। पार्टी नेतृत्व की इस समीक्षा बैठक के बाद राज्यों के मंत्रिमंडलों में बदलाव और संगठनात्मक फेरबदल का खाका तैयार किया जा सकता है। इस समीक्षा के बाद सरकार और पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव के हिसाब से बदलाव कर तैयार किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो पार्टी के अंदर दो डिप्टी सीएम कांसेप्ट पर फिर से मंथन किया जाएगा। यदि दिल्ली को लगा तो दो उप मुख्यमंत्री की व्यवस्था को बदला जा सकता है।



जून में सरकारों की समीक्षा :

पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व जून में उन बीजेपी राज्यों की समीक्षा करने जा रहा है जिनको सरकार बनाए हुए ढाई साल पूरे हो गए हैं। इन राज्यों में खासतौर पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों पर फोकस किया जा रहा है। दिल्ली अभी से आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भले ही पिछले चुनाव में बीजेपी ने बड़ी सफलता हासिल की हो लेकिन इससे पहले 2018 में झटका लग चुका है।



इन राज्यों में लगातार चल रही बीजेपी सरकार ब्रेक हो गईं थीं और कांग्रेस की सरकार बन गई थी। केंद्रीय नेतृत्व अब इस तरह का जोखिम नहीं चाहता है। वहीं राजस्थान में बीजेपी-कांग्रेस सरकारों में पांच पांच साल का पैटर्न चल रहा है। दिल्ली इस पैटर्न को भी बदलना चाहती है। कुल मिलाकर बीजेपी इन राज्यों में अपनी सरकार रिपीट करना चाहती है इसलिए समीक्षा की बड़ी बैठक होने जा रही है। इसे आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।



क्या खत्म होगा दो डिप्टी सीएम मॉडल :

इस समीक्षा बैठक में दो उपमुख्यमंत्री मॉडल पर भी मंथन किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह माना जा रहा है कि जिन राज्यों में दो-दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं, वहां सत्ता का केंद्र या पॉवर सेंटर कई हिस्सों में बंट गया है। इससे सरकार और संगठन दोनों स्तर पर समन्वय प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि कई राज्यों में डिप्टी सीएम की व्यवस्था ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक और प्रशासनिक पकड़ को प्रभावित किया है।



बीजेपी के भीतर यह भी चर्चा है कि असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पार्टी ने जानबूझकर डिप्टी सीएम का पद नहीं बनाया। वहीं बिहार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे गठबंधन की मजबूरी को वजह माना जाता है। कुछ महीने पहले यूपी में डिप्टी सीएम की सरकार के कामकाज को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी से सियासी असहजता की स्थिति बन गई थी। इसी के चलते यह माना जा रहा है कि दो डिप्टी सीएम वाली व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।



The BJP Electoral Model


इन राज्यों में दो डिप्टी सीएम :

मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी दो,दो डिप्टी सीएम हैं। इन राज्यों में दो डिप्टी सीएम का फार्मूला लागू है इसलिए माना जा रहा है कि समीक्षा के दौरान इस व्यवस्था पर गंभीरता से विचार हो सकता है। इस मॉडल को बनाए रखने या खत्म करने पर भी कोई फैसला लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को लेकर हो रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका बढ़ाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो छत्तीसगढ़ में एक ही डिप्टी सीएम हो जाएगा। हो सकता है यही व्यवस्था रखी जाए या फिर राजनीतिक लिहाज से कोई दूसरा नाम यहां लाया जाएगा, यह देखा जाएगा।



सीएम के पास गृह :

बीजेपी संगठन से जुड़े नेताओं के बीच यह चर्चा भी है कि अगर विजय शर्मा को दिल्ली भेजा जाता है, तो छत्तीसगढ़ सरकार में सबसे बड़ा असर गृह विभाग पर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में गृह विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास आ सकता है। देश के अधिकांश राज्यों में मुख्यमंत्री स्वयं गृह विभाग संभालते हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है।



राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी गृह विभाग को मुख्यमंत्री के पास रखने को अधिक प्रभावी माना जाता है। इससे सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और गृह विभाग दोनों का नियंत्रण सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन आ जाता है। हालांकि पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर ही होते हैं, लेकिन औपचारिक प्रक्रिया में गृह मंत्री की सहमति आवश्यक रहती है। यही कारण है कि गृह विभाग को सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रालयों में गिना जाता है।



दिल्ली पर टिकीं नजरें :

अब सबकी नजर अगले महीने होने वाली बीजेपी की समीक्षा बैठकों पर टिक गई है। इन बैठकों के बाद यह साफ हो पाएगा कि पार्टी राज्यों में सत्ता संरचना को किस दिशा में ले जाना चाहती है और छत्तीसगढ़ में डिप्टी सीएम मॉडल बरकरार रहेगा या नई राजनीतिक रणनीति के तहत बदलाव देखने को मिलेगा। इस बैठक के बाद यह तय हो जाएगा कि मंत्रिमंडल में कितना फेरबदल होता है।



FAQ

  1. बीजेपी जून में किन राज्यों की समीक्षा करने जा रही है?
    मध्य प्रदेश (MP), छत्तीसगढ़ और राजस्थान। इन राज्यों में बीजेपी सरकारों को बने ढाई साल पूरे हो रहे हैं।
  2. सीएम मॉडल क्या हैं ?
    सीएम मॉडल का मतलब राज्य में सरकार चलाने और सत्ता को संभालने का तरीका है—चाहे वह अकेले मुख्यमंत्री चलाएं (सिंगल), डिप्टी सीएम के साथ मिलकर (पॉवर शेयरिंग), या गृह मंत्रालय अपने पास रखकर (मजबूत पकड़)।
  3. . छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को लेकर क्या चर्चा है?
    उत्तर: चर्चा है कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी देकर दिल्ली (राष्ट्रीय स्तर पर) बुलाया जा सकता है।
  4. इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी करना, सत्ता विरोधी लहर (anti-incumbency) को रोकना और इन राज्यों में दोबारा सरकार बनाना।

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