बीजेपी की पोस्ट से छिड़ा विवाद, Gen-Z छात्रा का करारा जवाब हुआ वायरल
समझें क्या है पूरा मामला...
- छत्तीसगढ़ BJP की बाबर की विरासत वाले Gen-Z पोस्ट पर विवाद।
- कंटेंट क्रिएटर ने बिना अनुमति तस्वीर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
- उर्वशी का जवाबी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
- उर्वशी बोली किसी व्यक्ति को एक वीडियो से जज नहीं किया जा सकता।
- प्रियंका चतुर्वेदी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए।
पार्टी ने NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान की एक छात्रा की तस्वीर शेयर करते हुए उसे बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen-Z बताया। इसी पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित एक छात्रा की तस्वीर भी साझा की गई और उसे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले Gen-Z बताया गया।
पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। जिस छात्रा की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था, उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। इसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
बिना अनुमति तस्वीर इस्तेमाल करने का आरोप
कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि उनकी तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति के एक राजनीतिक पोस्ट में किया गया।
उन्होंने कहा कि पोस्ट वायरल होने के बाद उन्हें बड़ी संख्या में ट्रोलिंग, आपत्तिजनक मैसेज और ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। उर्वशी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान या सोच का अंदाजा केवल कुछ सेकेंड की वीडियो क्लिप देखकर नहीं लगाया जा सकता।
Gen-Z तथ्यों के साथ जवाब देना जानती है
अपने वीडियो में उर्वशी ने कहा कि आज की Gen-Z पुरानी राजनीतिक सोच से खुद को नहीं जोड़ती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोग अब तथ्यों के साथ जवाब देना भी जानते हैं और किसी भी दावे को बिना सवाल किए स्वीकार नहीं करते।
उनका यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
पढ़ाई और डांस दोनों में आगे होने का किया जिक्र
उर्वशी ने वीडियो में अपनी पढ़ाई और अन्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
उन्होंने कहा कि वह केवल कंटेंट क्रिएटर या डांसर ही नहीं हैं, बल्कि पढ़ाई, योग और कई अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। उनके मुताबिक किसी व्यक्ति को केवल एक वीडियो के आधार पर जज करना सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर मिला लोगों का समर्थन
उर्वशी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके जवाब की सराहना की और कहा कि उन्होंने पूरे विवाद पर शांत और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी।
कई यूजर्स ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति की तस्वीर का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए करने से पहले उसकी अनुमति लेना जरूरी होना चाहिए।
विपक्षी नेताओं ने भी उठाए सवाल
यह मामला सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। विवाद बढ़ने के बाद कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा की पोस्ट पर सवाल उठाए।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।
कई नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पोस्ट के कारण पार्टी को आलोचना का सामना करना पड़ा। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच लगातार बहस जारी है।
FAQ
- बाबर की विरासत वाली पोस्ट पर विवाद क्यों हुआ?
छत्तीसगढ़ BJP की सोशल मीडिया पोस्ट में एक छात्रा की तस्वीर को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसमें उसे "बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen-Z" बताया गया। इसके बाद तस्वीर में मौजूद कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर ने आपत्ति जताई और विवाद शुरू हो गया। - उर्वशी पलांडुरकर कौन हैं?
उर्वशी पलांडुरकर एक कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उनकी तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल बिना अनुमति राजनीतिक पोस्ट में किया गया।
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