सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा Cockroach Cafe, युवाओं में बढ़ा क्रेज
Kaushiki | Aug 02, 2026, 15:58 IST
cockroach-cafe-viral
अनोखे नाम वाला कॉकरोच कैफे सोशल मीडिया पर छा गया है। बिना किसी विज्ञापन के सिर्फ अपनी यूनिक थीम और चाय के दम पर यह युवाओं का नया अड्डा बन चुका है।
Cockroach Cafe: इंटरनेट पर जब भी कोई अनोखा और अतरंगी आइडिया सामने आता है, तो वह पलभर में वायरल हो जाता है। ऐसे में अब कॉकरोचों के नाम पर नया कैफे खुला है। इसका नाम सुनते ही लोग दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं।
कैफे के ऑनर ने इसका नाम रखा है कॉकरोच कैफे। नाम थोड़ा अजीब और अजीबोगरीब जरूर लगता है। लेकिन यही नाम इस जगह की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है।
सोशल मीडिया पर लोग इसके फोटो और वीडियो जमकर शेयर कर रहे हैं। कोई इसे फनी बता रहा है तो कोई मार्केटिंग का मास्टरस्ट्रोक कह रहा है। शाम होते ही यहां युवाओं की भारी भीड़ जुटने लगती है। लोग यहां चाय की चुस्कियां लेते हैं और ढेर सारी रील्स बनाते हैं।
![4cc47ff9-03d]()
कैफे का नाम भले कॉकरोच हो, लेकिन अंदर का नजारा बेहद खूबसूरत है। इसे खास ब्लैक थीम पर डिजाइन किया गया है। छत पर खूबसूरत पीली लटकन लाइटें लगाई गई हैं। ये लाइटें शाम को पूरे कैफे को चमका देती हैं।
दीवारों पर नकली बेल और आर्टिफिशियल फूल सजाए गए हैं। इससे कैफे को एक एस्थेटिक और मॉडर्न लुक मिलता है। बैठने के लिए काले रतन के सोफे रखे गए हैं। उन पर लाल रंग की गद्दियां लगाई गई हैं।
टेबल कांच की हैं, जो माहौल को काफी प्रीमियम बनाती हैं। एक कोने में छोटा सा फ्रिज भी रखा गया है। नीली और हरी दीवारों पर सुंदर गमले सजाए गए हैं। यह पूरा सेटअप फोटो खींचने के लिए एकदम परफेक्ट है।
![083f8b84-794]()
हर किसी के मन में सवाल है कि ऐसा नाम क्यों रखा गया। रॉयल या ड्रीम्स जैसे नाम तो हर शहर में मिलते हैं। कैफे के मालिक का सोच बिल्कुल अलग और हटकर था। वे आज के युवाओं को कुछ नया देना चाहते थे।
मालिक का कहना है कि वे लोगों को चौंकाना चाहते थे। यह नाम सुनकर लोग एक बार मुस्कुरा जरूर देते हैं। उन्होंने बताया कि नाम सुनकर लोग पहली बार खिंचे चले आते हैं। इसके बाद कैफे की सर्विस उन्हें दोबारा लाती है। मालिक का दावा है कि सफाई से कोई समझौता नहीं होता।
नाम कॉकरोच है, लेकिन कैफे पूरी तरह साफ-सुथरा रहता है। यह बिना विज्ञापन के पहचान बनाने का स्मार्ट तरीका था। सोशल मीडिया के दौर में यह आइडिया सुपरहिट साबित हुआ।
![7e99cfb6-085]()
यह कैफे अभी हाल ही में शुरू हुआ है। इसकी ओपनिंग 27 जुलाई को ही हुई थी। इसलिए अभी यहां का मेन्यू काफी सिंपल और लिमिटेड रखा गया है।
फिर भी स्वाद के मामले में लोग खुश हैं। कैफे में गरमा-गरम चाय और बेहतरीन कॉफी मिलती है। इसके अलावा मैगी भी युवाओं की फेवरेट बनी हुई है।
सैंडविच और ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स भी यहां उपलब्ध हैं। लोग चाय की चुस्कियों के साथ गपशप का मजा लेते हैं। आने वाले दिनों में मेन्यू में और चीजें जुड़ेंगी। लेकिन फिलहाल चाय की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है।
इंटरनेट पर इस कैफे को लेकर मजेदार कमेंट्स आ रहे हैं। यूजर्स अपनी क्रिएटिविटी दिखाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि अगर खाने में कीड़ा मिले, तो शिकायत कैसे होगी?
दूसरे यूजर ने लिखा कि भाई चाय तैयार रखना, मैं आ रहा हूं। कुछ बुजुर्ग लोगों ने इस नाम पर आपत्ति भी जताई है। उनका मानना है कि खाने की जगह का नाम ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन युवाओं को इस नाम से कोई दिक्कत नहीं है।
वे इसे एक कूल और फन वाइब की तरह देख रहे हैं। कुल मिलाकर यह कैफे इलाके का नया ट्रेंड बन चुका है। लोग इसे बिहार का सबसे यूनिक कैफे बता रहे हैं। वायरल न्यूज के मुताबिक, ये कैफे बिहार के नालंदा जिले के हिलसा में है।
ये खबरें भी पढ़ें....
CJP प्रोटेस्ट: फर्जी वीडियो पर X, FB, इंस्टा, यूट्यूब को दिल्ली पुलिस का नोटिस
CJP आंदोलन पर बनेगी द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी फिल्म, इस दिन होगी रिलीज
दतिया उपचुनाव समेत तीन सीटों पर होगी BJP की परीक्षा, विपक्ष जीता तो दिखेगा CJP का असर!
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा गाली अपराध नहीं, बीजेपी ने गिनाईं आईपीसी की चार धाराएं
कैफे के ऑनर ने इसका नाम रखा है कॉकरोच कैफे। नाम थोड़ा अजीब और अजीबोगरीब जरूर लगता है। लेकिन यही नाम इस जगह की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है।
सोशल मीडिया पर लोग इसके फोटो और वीडियो जमकर शेयर कर रहे हैं। कोई इसे फनी बता रहा है तो कोई मार्केटिंग का मास्टरस्ट्रोक कह रहा है। शाम होते ही यहां युवाओं की भारी भीड़ जुटने लगती है। लोग यहां चाय की चुस्कियां लेते हैं और ढेर सारी रील्स बनाते हैं।
4cc47ff9-03d
कैफे का अट्रैक्टिव लुक और इंटीरियर
दीवारों पर नकली बेल और आर्टिफिशियल फूल सजाए गए हैं। इससे कैफे को एक एस्थेटिक और मॉडर्न लुक मिलता है। बैठने के लिए काले रतन के सोफे रखे गए हैं। उन पर लाल रंग की गद्दियां लगाई गई हैं।
टेबल कांच की हैं, जो माहौल को काफी प्रीमियम बनाती हैं। एक कोने में छोटा सा फ्रिज भी रखा गया है। नीली और हरी दीवारों पर सुंदर गमले सजाए गए हैं। यह पूरा सेटअप फोटो खींचने के लिए एकदम परफेक्ट है।
083f8b84-794
कॉकरोच नाम रखने के पीछे की वजह
मालिक का कहना है कि वे लोगों को चौंकाना चाहते थे। यह नाम सुनकर लोग एक बार मुस्कुरा जरूर देते हैं। उन्होंने बताया कि नाम सुनकर लोग पहली बार खिंचे चले आते हैं। इसके बाद कैफे की सर्विस उन्हें दोबारा लाती है। मालिक का दावा है कि सफाई से कोई समझौता नहीं होता।
नाम कॉकरोच है, लेकिन कैफे पूरी तरह साफ-सुथरा रहता है। यह बिना विज्ञापन के पहचान बनाने का स्मार्ट तरीका था। सोशल मीडिया के दौर में यह आइडिया सुपरहिट साबित हुआ।
7e99cfb6-085
मेन्यू में क्या-क्या खास मिलता है
फिर भी स्वाद के मामले में लोग खुश हैं। कैफे में गरमा-गरम चाय और बेहतरीन कॉफी मिलती है। इसके अलावा मैगी भी युवाओं की फेवरेट बनी हुई है।
सैंडविच और ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स भी यहां उपलब्ध हैं। लोग चाय की चुस्कियों के साथ गपशप का मजा लेते हैं। आने वाले दिनों में मेन्यू में और चीजें जुड़ेंगी। लेकिन फिलहाल चाय की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है।
सोशल मीडिया पर मजेदार रिएक्शंस
दूसरे यूजर ने लिखा कि भाई चाय तैयार रखना, मैं आ रहा हूं। कुछ बुजुर्ग लोगों ने इस नाम पर आपत्ति भी जताई है। उनका मानना है कि खाने की जगह का नाम ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन युवाओं को इस नाम से कोई दिक्कत नहीं है।
वे इसे एक कूल और फन वाइब की तरह देख रहे हैं। कुल मिलाकर यह कैफे इलाके का नया ट्रेंड बन चुका है। लोग इसे बिहार का सबसे यूनिक कैफे बता रहे हैं। वायरल न्यूज के मुताबिक, ये कैफे बिहार के नालंदा जिले के हिलसा में है।
ये खबरें भी पढ़ें....
CJP प्रोटेस्ट: फर्जी वीडियो पर X, FB, इंस्टा, यूट्यूब को दिल्ली पुलिस का नोटिस
CJP आंदोलन पर बनेगी द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी फिल्म, इस दिन होगी रिलीज
दतिया उपचुनाव समेत तीन सीटों पर होगी BJP की परीक्षा, विपक्ष जीता तो दिखेगा CJP का असर!
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा गाली अपराध नहीं, बीजेपी ने गिनाईं आईपीसी की चार धाराएं
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari