12th बोर्ड परीक्षा कांड ; सुरक्षा में चूक पर पांच कर्मचारियों का निलंबन

Aishwarya Dwivedi | May 13, 2026, 15:51 IST
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महासमुंद के भंवरपुर परीक्षा केंद्र में छात्रा द्वारा वीडियो वायरल करने के बाद, शासन ने घोर लापरवाही के आरोप में केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षक सहित पांच कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया है।

NEWS IN SHORT

परीक्षा हॉल में छात्रा ने डिजिटल कैमरे से बनाया वीडियो।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से विभाग की किरकिरी।


डीईओ की जांच में अधिकारियों की घोर लापरवाही आई सामने।


केंद्र अध्यक्ष समेत पांच कर्मचारियों को किया गया तत्काल निलंबित।


सात दिनों के भीतर दोषियों के विरुद्ध आरोप पत्र पेश होगा।



NEWS IN DEATIL

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से बोर्ड परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिन्दी माध्यम विद्यालय (SAGES) में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले एक वायरल वीडियो ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने केंद्र के शीर्ष अधिकारियों समेत कुल पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।



क्या है पूरा विवाद?

मामला परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 का है, जहां बोर्ड परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के दावों की पोल खुल गई। परीक्षा के नियमों के अनुसार, एग्जाम हॉल के भीतर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना सख्त वर्जित है। इसके बावजूद, एक छात्रा न केवल परीक्षा कक्ष के भीतर डिजिटल कैमरा लेकर प्रवेश कर गई, बल्कि उसने परीक्षा देते हुए वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की।



हद तो तब हो गई जब छात्रा ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। वीडियो वायरल होते ही विभाग की साख पर सवाल उठने लगे और यह साफ हो गया कि केंद्र पर तलाशी और पर्यवेक्षण की प्रक्रिया महज कागजों तक सीमित थी।



जांच में घोर लापरवाही की पुष्टि

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महासमुंद की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसे 'छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965' के तहत गंभीर कदाचार माना है।



इन पर गिरी गाज: निलंबन की सूची

विभाग ने इस अनुशासनहीनता के लिए निम्नलिखित पांच कर्मचारियों को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया है:



1. गंगा प्रसाद पटेल (व्याख्याता) – केंद्र अध्यक्ष


2. अनिरूद्ध भोई (व्याख्याता) – सहायक केंद्र अध्यक्ष


3. दिनेश कुमार दास (व्याख्याता) – सहायक केंद्र अध्यक्ष


4. दुर्गाप्रसाद पटेल (सहायक शिक्षक एल.बी.) – पर्यवेक्षक


5. विजिया बुड़ेक – नियमित भृत्य



मुख्यालय निर्धारित और आगामी कार्रवाई

निलंबन की अवधि के दौरान, इन सभी कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महासमुंद तय किया गया है। इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। शासन ने DEO को सख्त निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर संबंधितों के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र तैयार कर संचालनालय को भेजा जाए।



निष्कर्ष

बोर्ड परीक्षा में डिजिटल उपकरण का प्रवेश और वीडियो वायरल होना शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विभाग की यह त्वरित निलंबन कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और परीक्षाओं की गोपनीयता से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।



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