BSP पर विधायक रिकेश सेन की चिट्ठी, शाह ने स्टील मंत्रालय को भेजा पत्र
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से जुड़े मुद्दे को लेकर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की दिल्ली तक पहुंची शिकायत अब केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय के पाले में है। विधायक की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कार्रवाई करते हुए मामला इस्पात मंत्रालय को भेज दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति सचिवालय ने भी विधायक के पत्र को गृह सचिव और इस्पात मंत्रालय के सचिव तक अग्रेषित किया है।
शाह ने साफ किया विभाग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 अगस्त 2026 को विधायक रिकेश सेन को जवाब भेजा। पत्र में 20 जुलाई को विधायक की ओर से भेजे गए पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की गई है। शाह ने स्पष्ट किया कि भिलाई इस्पात संयंत्र से संबंधित विषय गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र का नहीं, बल्कि इस्पात मंत्रालय से जुड़ा है। इसलिए मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए इस्पात मंत्रालय भेज दिया गया है।
विधायक की चिट्ठी दिल्ली पहुंची
रिकेश सेन ने 20 जुलाई को केंद्र सरकार के समक्ष BSP से संबंधित मुद्दा उठाया था। मामला सीधे इस्पात मंत्रालय के दायरे में आने के कारण अब आगे की कार्रवाई वहीं से होने की उम्मीद है। गृह मंत्री के कार्यालय से पत्र अग्रेषित होना इस बात का संकेत है कि शिकायत को संबंधित विभाग तक पहुंचाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
राष्ट्रपति सचिवालय भी सक्रिय
मामला सिर्फ गृह मंत्रालय तक सीमित नहीं रहा। राष्ट्रपति सचिवालय ने भी विधायक के पत्र पर जवाब दिया है। 11 अगस्त को उप सचिव नितिन गुप्ता की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया कि राष्ट्रपति को संबोधित रिकेश सेन का पत्र आवश्यक कार्रवाई के लिए इस्पात मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सचिवों को भेज दिया गया है।
एक चिट्ठी, दो केंद्रीय दरवाजे
विधायक की ओर से उठाया गया मुद्दा अब केंद्र के दो महत्वपूर्ण स्तरों तक पहुंच चुका है। एक तरफ गृह मंत्री कार्यालय ने पत्र को इस्पात मंत्रालय भेजा, वहीं राष्ट्रपति सचिवालय ने भी संबंधित मंत्रालयों को मामला भेजकर कार्रवाई के लिए कहा है। इससे अब निगाहें मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं।
अब मंत्रालय की बारी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस्पात मंत्रालय इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल उपलब्ध पत्रों में मंत्रालय की ओर से किसी निर्णय या कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। इतना जरूर साफ है कि विधायक की शिकायत संबंधित केंद्रीय विभाग तक पहुंच चुकी है। अब गेंद इस्पात मंत्रालय के पाले में है।
BSP पर सियासत और तेज होने के संकेत
भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य का बड़ा केंद्र है। ऐसे में इससे जुड़े मुद्दे का केंद्र सरकार तक पहुंचना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। विधायक ने जिस मुद्दे को लेकर दिल्ली का दरवाजा खटखटाया था, उस पर अब केंद्र के संबंधित मंत्रालय से जवाब और कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
अगला कदम तय करेगा तस्वीर
दोनों पत्रों से फिलहाल इतना स्पष्ट है कि शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया गया। मामला गृह मंत्रालय और राष्ट्रपति सचिवालय से आगे बढ़कर इस्पात मंत्रालय तक पहुंच गया है। अब असली परीक्षा कार्रवाई की है। मंत्रालय क्या रिपोर्ट मांगता है, क्या निर्णय लेता है और BSP से जुड़े मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, यही आगे की कहानी तय करेगा।
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