बीजेपी नेता कर रहे बीएसपी में लोहा चोरी, महंत का आरोप, अधिकारियों की मिलीभगत
Arun Tiwari | Aug 04, 2026, 16:13 IST
भिलाई इस्पात संयंत्र में करोड़ों की चोरी
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में लोहा चोरी मामले पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
Raipur : भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में सामने आए संगठित लोहा चोरी के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसपी में लंबे समय से चल रही चोरी की घटनाएं किसी सामान्य आपराधिक गतिविधि का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बीएसपी को कमजोर कर उसके निजीकरण का रास्ता तैयार कर रही है और संयंत्र को भीतर से खोखला किया जा रहा है।
डॉ. महंत ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे देश के महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम में इतने बड़े स्तर पर चोरी होना कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यदि किसी सरकारी संस्थान में लगातार करोड़ों रुपये का लोहा चोरी हो रहा है तो यह बिना अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ भाजपा नेताओं, स्थानीय पुलिस, बीएसपी के अधिकारियों और कारोबारियों का गठजोड़ सामने आ रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि इतने लंबे समय तक चल रही इस चोरी को संरक्षण किस स्तर से मिला। उनके अनुसार केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए और इसमें शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब तक हुई गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि मामला काफी गंभीर है। उनका दावा है कि बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी भी इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े पैमाने पर चोरी हुई है तो इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।डॉ. महंत ने भाजपा के एक पूर्व नेता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पहले भी बीएसपी से लोहा चोरी कराने के आरोप लगे थे और बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया गया था।
उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला लंबे समय से चर्चा में था। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा विधायक रिकेश सेन भी समय-समय पर बीएसपी में हर महीने करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी होने और इसमें पुलिस व बीएसपी प्रबंधन की सांठगांठ के आरोप सार्वजनिक रूप से लगा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक हुई गिरफ्तारियां इस पूरे नेटवर्क की केवल एक कड़ी हैं और जांच आगे बढ़ने पर कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। इसलिए मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से कराई जानी चाहिए।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार यदि बीएसपी लोहा चोरी जैसे मामले की जांच इन्हीं एजेंसियों को सौंपी जाती है तो निष्पक्ष परिणाम आने पर संदेह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि जांच ऐसी एजेंसी से कराई जानी चाहिए जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो।
मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए डॉ. महंत ने कहा कि कुछ दिन पहले जब इस मामले में सवाल पूछे गए थे तब कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया था। अब लगातार सामने आ रहे तथ्यों और गिरफ्तारियों से स्पष्ट हो रहा है कि मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और जनता के सामने सच्चाई लानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण उद्योगों को कमजोर करने की कोशिश देशहित में नहीं है। उनका कहना है कि यदि बीएसपी जैसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया तो इसका असर केवल उद्योग पर ही नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और देश की औद्योगिक क्षमता पर भी पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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नेता और अधिकारियों का गठजोड़
चोरी में किसका संरक्षण
गंभीर मामला बीएसपी में चोरी
उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला लंबे समय से चर्चा में था। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा विधायक रिकेश सेन भी समय-समय पर बीएसपी में हर महीने करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी होने और इसमें पुलिस व बीएसपी प्रबंधन की सांठगांठ के आरोप सार्वजनिक रूप से लगा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक हुई गिरफ्तारियां इस पूरे नेटवर्क की केवल एक कड़ी हैं और जांच आगे बढ़ने पर कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। इसलिए मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से कराई जानी चाहिए।
केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं
सीएम की चुप्पी पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण उद्योगों को कमजोर करने की कोशिश देशहित में नहीं है। उनका कहना है कि यदि बीएसपी जैसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया तो इसका असर केवल उद्योग पर ही नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और देश की औद्योगिक क्षमता पर भी पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
FAQ
- बीएसपी लोहा चोरी मामले में डॉ. चरणदास महंत ने क्या आरोप लगाए हैं?
डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया है कि बीएसपी में लोहा चोरी कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। उन्होंने भाजपा नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों की मिलीभगत की जांच की मांग की है। - बीएसपी चोरी मामले में किन लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं?
इस मामले में बीएसपी अधिकारियों, सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस और कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। महंत ने पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है। - डॉ. महंत ने जांच को लेकर क्या मांग की है?
डॉ. महंत ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल छोटे आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय पूरे गिरोह और जिम्मेदार लोगों का खुलासा होना चाहिए।
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