बस्तर की बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान, महिलाओं को किया आत्मनिर्भर
समझें क्या है पूरा मामला
बस्तर की प्रसिद्ध समाजसेविका बुधरी ताती को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया। बुधरी ताती ने अपना पूरा जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा के लिए लगाया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बुजुर्गों की सेवा का काम किया। इस सम्मान से पूरे छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर क्षेत्र में भारी हर्ष है।
बुधरी ताती को मिला पद्मश्री
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। वनांचल क्षेत्र दंतेवाड़ा की रहने वाली समाजसेविका बुधरी ताती को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा गया है। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
बुधरी ताती की इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने दशकों से सुदूर आदिवासी इलाकों में बदलाव की अलख जगाई है। उनके इस निस्वार्थ सेवा भाव को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिल चुकी है।
बस्तर की 'बड़ी दीदी' का सफर
बुधरी ताती दंतेवाड़ा के हीरानगर की मूल निवासी हैं। स्थानीय लोग उन्हें बहुत आदर और स्नेह के साथ 'बड़ी दीदी' कहकर पुकारते हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शोषित और वंचित तबके के उत्थान में लगा दिया।
विशेषकर आदिवासी बच्चियों की शिक्षा के लिए उन्होंने अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बुजुर्गों की सेवा को अपने जीवन का मुख्य ध्येय बनाया। उनके इसी स्नेह और समर्पण ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।
महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
साल 1984 से बुधरी ताती लगातार वनांचल के दूर-दराज के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने बस्तर की विषम परिस्थितियों के बीच भी हार नहीं मानी। उन्होंने अब तक 500 से ज्यादा आदिवासी महिलाओं को पैरों पर खड़ा किया है।
वे महिलाओं को विभिन्न रोजगारपरक कार्यों का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं। उनके इस प्रयास से कई आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका काम एक मिसाल बन गया है।
राष्ट्रपति भवन में गूंजा नाम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को आयोजित समारोह में कुल 65 मशहूर हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। सरकार ने साल 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें पांच पद्म विभूषण पुरस्कार भी शामिल किए गए हैं।
राष्ट्रपति ने 25 मई को आयोजित पहले नागरिक सम्मान समारोह में भी कई हस्तियां सम्मानित की थीं। अब तक दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा की बुधरी ताती को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
पुरस्कारों का क्या है महत्व
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। यह गरिमामयी पुरस्कार कुल तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं। इनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
यह सम्मान कला, समाज सेवा, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, खेल और सिविल सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण सेवा के लिए मिलता है। वहीं पद्म भूषण उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
FAQ
- बुधरी ताती कौन हैं और उन्हें कौन सा पुरस्कार मिला है?
उत्तर: बुधरी ताती छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की एक प्रतिष्ठित समाजसेविका हैं। उन्हें समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। - बुधरी ताती को बस्तर में लोग किस नाम से जानते हैं?
उत्तर: बुधरी ताती को उनके स्नेहभाव, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण स्थानीय लोग आदर से 'बड़ी दीदी' के नाम से पुकारते हैं। - वर्ष 2026 के लिए कुल कितने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई थी?
उत्तर: सरकार ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें पांच पद्म विभूषण पुरस्कार भी शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा अलग-अलग चरणों में वितरित किया जा रहा है।
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