छत्तीसगढ़ में जनगणना के लंबे सवालों से जनता परेशान, बंद मकानों ने बढ़ाई चिंता

Aishwarya Dwivedi | May 22, 2026, 09:41 IST
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रायपुर में जनगणना अंतिम चरण में है, जहां 1 लाख 31 हजार मकान खाली या बंद मिले हैं। लंबी प्रश्नावली से जनता में थोड़ी झुंझलाहट है, फिर भी आबादी 26 लाख 95 हजार पार हो चुकी है।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर में जनगणना का काम अब अपने अंतिम चरण में है।
  • जिले में 96,284 मकान खाली और 35,112 घरों में ताले मिले।
  • बंद घरों के छूटे लोग फरवरी 2027 में शामिल किए जाएंगे।
  • जिले की आबादी अब तक 26.95 लाख से अधिक हो चुकी है।
  • जनगणना के लंबे और कई सवालों से जनता में थोड़ी झुंझलाहट है।

NEWS IN DETAIL

राजधानी रायपुर समेत पूरे राज्य में 1 मई से शुरू हुआ जनगणना का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। समयसीमा समाप्त होने में अब केवल 9 दिन का वक्त ही शेष रह गया है। जिलेभर के कर्मचारियों को कुल 8 लाख 30 हजार 57 मकानों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें से अकेले रायपुर जिले के 6 लाख 32 हजार 563 घरों को कवर किया जाना है।



अब तक के आंकड़ों के अनुसार, जनगणना कार्य में सबसे बड़ी बाधा बंद और खाली मकान बन रहे हैं। जिले में अब तक 96,284 मकान पूरी तरह से खाली पाए गए हैं, जबकि 35,112 घरों में ताले लटके मिले हैं। रायपुर जिले के भीतर ही लगभग 1 लाख 31 हजार घर खाली या लॉक्ड श्रेणी में दर्ज किए जा चुके हैं।



अफसरों ने कहा- घबराएं नहीं

जिन घरों में ताले लगे हुए हैं, वहां जनगणना कर्मी दो से तीन बार तक चक्कर लगा चुके हैं। कर्मचारी पड़ोसियों को अपना मोबाइल नंबर भी देकर आ रहे हैं ताकि लोग वापस आएं तो सूचना मिल सके। जनगणना निदेशालय के एडिशनल डायरेक्टर प्रदीप साव ने बताया कि जिन लोगों के घरों में ताले मिले हैं, उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। यदि इस चरण में उनकी गिनती नहीं हो पाती है, तो फरवरी 2027 में शुरू होने वाले जनगणना के दूसरे चरण में उन्हें हर हाल में शामिल कर लिया जाएगा।



2011 के मुकाबले बढ़ी आबादी

21 मई की सुबह तक के अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार, रायपुर जिले में 26 लाख 95 हजार 300 से अधिक लोगों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। साल 2011 की जनगणना में रायपुर की कुल आबादी 21 लाख 60 हजार 876 थी (जिसमें शहरी आबादी 12.76 लाख और ग्रामीण आबादी 8.84 लाख थी)। बचे हुए 9 दिनों और दूसरे चरण की गिनती पूरी होने के बाद रायपुर जिले की आबादी 28 लाख से पार होने का अनुमान है।



लंबी प्रश्नावली से लोग परेशान

वीआईपी कॉलोनियों से लेकर बस्तियों तक लोग जनगणना के लंबे सवालों से थोड़े झुंझलाए हुए नजर आ रहे हैं। अवंति विहार, माना कैंप और शक्तिनगर जैसे इलाकों में जब शिक्षिका कामिनी साहू, दीप्ति बघेल और सुनीता वर्मा जैसी प्रगणक पहुंचीं, तो लोगों ने इंटरनेट, वाई-फाई और सुख-सुविधाओं से जुड़े सवालों पर आपत्ति जताई। नागरिकों का कहना था कि आखिर इतने सारे सवालों को पूछने का क्या मतलब है और केवल जरूरी जानकारियां ही ली जानी चाहिए। हालांकि, समझाइश के बाद लोग सहयोग भी कर रहे हैं।



निष्कर्ष

रायपुर जिले में जनगणना का प्रथम चरण 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। भारी संख्या में खाली और बंद मकानों ने प्रगणकों के लिए चुनौतियां जरूर खड़ी की हैं, लेकिन प्रशासन के आश्वासन और फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण के प्रावधान से यह स्पष्ट है कि कोई भी नागरिक गणना से नहीं छूटेगा।



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