छत्तीसगढ़ में जनगणना के साथ सुधरेगी संपत्तिकर व्यवस्था, रुकेगी चोरी

Aishwarya Dwivedi | May 17, 2026, 16:52 IST
census-property-tax-reform
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के हाउस लिस्टिंग सर्वे के साथ संपत्तिकर सुधार अभियान चलेगा। घर-घर भौतिक सत्यापन से नई संपत्तियों की पहचान होगी, डेटा अपडेट होगा और टैक्स चोरी पूरी तरह रुकेगी।

NEWS IN SHORT

  • जनगणना 2027 के साथ छत्तीसगढ़ में संपत्तिकर सुधार अभियान चलेगा।
  • डोर-टू-डोर सर्वे से नई संपत्तियों की पहचान की जाएगी।
  • त्रुटिपूर्ण डिमांड रजिस्टर और कर प्रणाली को दुरुस्त किया जाएगा।
  • पुराने प्रॉपर्टी आईडी का मिलान नए सेंसस नंबरों से होगा।
  • निकायों का राजस्व बढ़ने से शहरी विकास को गति मिलेगी।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और राजस्व घाटे को पाटने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण “हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना” को राज्य सरकार एक बड़े कर सुधार अवसर के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना के लिए होने वाले डोर-टू-डोर सर्वे के साथ ही संपत्ति कर (Property Tax) व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए।



करोड़ों के राजस्व नुकसान पर लगेगी लगाम

विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई है कि वर्तमान में कई नगरीय निकायों की संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली, मांग पंजी (डिमांड रजिस्टर) और टैक्स कलेक्शन व्यवस्था में गंभीर कमियां और त्रुटियां हैं। कई संपत्तियां या तो टैक्स के दायरे से बाहर हैं या उनके उपयोग (व्यावसायिक/आवासीय) की गलत जानकारी दर्ज है। इस अव्यवस्था और कथित टैक्स चोरी के कारण निकायों को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जनगणना और संपत्तिकर सुधार को एक साथ जोड़ने की रणनीति बनाई है।



घर-घर सर्वे से तैयार होगा सटीक डेटाबेस

आगामी जनगणना के दौरान प्रगणक और कर्मचारी राज्य के प्रत्येक घर, भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे। इस प्रक्रिया की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:



नए सेंसस नंबर: सर्वे के दौरान सभी भवनों के बाहर नए सेंसस हाउस नंबर अंकित किए जाएंगे।



संपत्ति आईडी का मिलान: जिन भवनों को पहले से ही प्रॉपर्टी आईडी जारी की जा चुकी है, उनका मिलान इन नए सेंसस नंबरों से किया जाएगा।



वास्तविक स्थिति का पता: इस डिजिटल और भौतिक मिलान से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सी संपत्ति टैक्स दायरे से छूटी हुई है या कहां अवैध निर्माण छिपाया गया है।



पारदर्शी होगी टैक्स व्यवस्था

इस महाअभियान के बाद छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में टैक्स चोरी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। डेटा अपडेट होने से न केवल नई संपत्तियों की पहचान होगी, बल्कि कर वसूली की प्रक्रिया भी बेहद मजबूत और पारदर्शी बनेगी। सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में निकायों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और जनता से मिलने वाले इसी टैक्स के पैसे का उपयोग शहरों के बुनियादी ढांचे, सड़कों, पानी और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने में किया जा सकेगा।



निष्कर्ष

इस कर सुधार अभियान से छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। जनगणना 2027 के सटीक डेटा का उपयोग कर टैक्स चोरी को रोकना एक व्यावहारिक कदम है। इससे न केवल राजस्व का नुकसान थमेगा, बल्कि शहरों के विकास के लिए निकायों के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध हो सकेगा।



FAQ

Q. यह अभियान कब और क्यों शुरू हो रहा है?


A. यह आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण (हाउस लिस्टिंग) के साथ निकायों का राजस्व नुकसान रोकने के लिए शुरू हो रहा है।



Q. टैक्स चोरी रोकने के लिए सर्वे में क्या खास होगा?


A. कर्मचारी हर घर का भौतिक सत्यापन करेंगे, जिससे टैक्स के दायरे से छूटी संपत्तियों का सटीक पता चल जाएगा।



Q. पुराने प्रॉपर्टी आईडी का क्या किया जाएगा?


A. पुराने प्रॉपर्टी आईडी का मिलान भवनों पर अंकित होने वाले नए सेंसस नंबरों से करके डेटा अपडेट किया जाएगा।



यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ जनगणना में महिलाओं को विशेष छूट! अब पति का नाम बताना जरूरी नहीं



ऑनलाइन जनगणना में अब तक जयपुर-सीकर रहे अव्वल, जैसलमेर में दिखी सुस्त चाल



छत्तीसगढ़ जनगणना ; 30 मई तक देनी होगी पूरी जानकरी, वरना मकान दर्ज होगा बंद



जनगणना के लिए स्कूलों में अब 50% तक शिक्षक हो सकेंगे रिलीव, जानिए यह फैसला किन शहरों पर होगा लागू?



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • जनगणना
  • टैक्स
  • नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग