पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने धान और चूहे पर गाया फाग गीत

Harrison Masih | Feb 26, 2026, 17:17 IST
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होली त्योहार में पांच दिन शेष हैं और इसी बीच विधानसभा के बजट सत्र में सियासी रंग भी चढ़ गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फाग गीत गाते हुए सरकार पर चुटकी ली। बघेल ने सदन में गाया— “विष्णु दे दे बुल्लवा मुसवा को, मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु…”

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ विधानसभाबजट सत्र में भूपेश बघेल ने फाग गीत गाकर सरकार पर तंज कसा।
  • कवर्धा के धान प्रकरण और “मुसवा” विवाद का गीत में जिक्र।
  • गीत की पंक्तियों पर मीडिया गैलरी में गूंजे ठहाके।
  • शून्यकाल में धान खरीदी को लेकर जमकर हंगामा।
  • गर्भगृह में नारेबाजी के बाद विपक्षी विधायक निलंबित।

NEWS IN DETAIL

फाग गीत में सियासी व्यंग्य

होली के पारंपरिक फाग गीतों में सामाजिक और राजनीतिक व्यंग्य की परंपरा रही है। इसी अंदाज में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में गाया— “विष्णु दे दे बुल्लवा मुसवा को, मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु…”





गीत में कवर्धा की उस घटना का जिक्र था, जिसमें चूहों द्वारा धान खराब होने की बात सामने आई थी। गीत सुनते ही मीडिया गैलरी में हलचल मच गई और ठहाके गूंज उठे।



धान खरीदी पर विपक्ष का हमला

शून्यकाल के दौरान धान खरीदी का मुद्दा गरमाया रहा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पंजीकृत किसानों से धान नहीं खरीदा गया और करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है।



पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने अधिकारियों के अपने खेत परिसर में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाए और इसे अनुचित बताया।



हंगामा और निलंबन

स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के कारण नहीं हो सकी। इसके बाद विपक्षी विधायक गर्भगृह में पहुंचे और नारेबाजी की। सदन की परंपरा के अनुसार गर्भगृह में जाने वाले विधायकों को निलंबित कर दिया गया।



Sootr Knowledge

  • फाग गीत होली का पारंपरिक लोकगीत है, जिसमें व्यंग्य और सामाजिक संदेश होते हैं।
  • विधानसभा का शून्यकाल तात्कालिक मुद्दों को उठाने के लिए होता है।
  • गर्भगृह (वेल) में आकर नारेबाजी करना सदन की कार्यवाही में व्यवधान माना जाता है।
  • धान खरीदी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और किसानों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।
  • बजट सत्र में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा सीमित समय के कारण टल सकती है।

IMP FACTS

  • घटना: विधानसभा बजट सत्र के दौरान फाग गीत के जरिए व्यंग्य
  • प्रमुख चेहरा: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
  • मुद्दा: धान खरीदी और कवर्धा धान प्रकरण
  • आरोप: किसानों का भुगतान लंबित
  • परिणाम: गर्भगृह में नारेबाजी के बाद विपक्षी विधायक निलंबित

आगे क्या

अब धान खरीदी और लंबित भुगतान को लेकर सदन और सड़क दोनों जगह राजनीति तेज हो सकती है। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई की संभावना है। आने वाले दिनों में होली के माहौल के बीच राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ सकती है।



निष्कर्ष

होली के रंगों से पहले ही विधानसभा में सियासी रंग चढ़ गया। फाग गीत के जरिए किया गया व्यंग्य और धान खरीदी पर हंगामा यह संकेत देता है कि किसानों का मुद्दा फिलहाल प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है। आने वाले समय में यह बहस और तेज हो सकती है।



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