काशी की तर्ज पर बनेगा भव्य भोरमदेव कॉरिडोर, 146 करोड़ रुपए से प्राचीन धरोहर बनेगी विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल

Arun Tiwari | Dec 24, 2025, 19:48 IST
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छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर भोरमदेव मंदिर अब काशी की तर्ज पर विकसित होने जा रहा है। काशी की तरह यहां भी भोरमदेव कॉरिडोर बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रुपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है।

Raipur. छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर भोरमदेव मंदिर अब काशी की तर्ज पर विकसित होने जा रहा है। काशी की तरह यहां भी भोरमदेव कॉरिडोर बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रुपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है।



यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।



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1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन :

भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का विकास होगा।



काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे।



भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा।



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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।



इस परियोजना का भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में होगा। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे।



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