सीजी बोर्ड 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में सरकारी PT टीचर गिरफ्तार

Aishwarya Dwivedi | May 21, 2026, 11:46 IST
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छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सरकारी पीटी शिक्षक और एक छात्र को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 3 हजार में प्रश्नपत्र बेचा था।

NEWS IN SHORT

  • बेमेतरा के सरकारी पीटी शिक्षक ने हिंदी पेपर लीक किया।
  • परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र निकालकर सादे कागज पर लिखवाया।
  • आरोपी वेणु और विकास को बेचने के लिए दिया।
  • प्रश्नपत्र को व्हाट्सएप के जरिए ₹3-3 हजार में बेचा।
  • शिक्षक के बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन बरामद हुआ।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजी बोर्ड) की 12वीं कक्षा के हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार, एक सरकारी पीटी (शारीरिक शिक्षा) शिक्षक और उसके एक साथी छात्र को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही एनएसयूआई (NSUI) नेता वेणु जंघेल को गिरफ्तार कर चुकी है, जिससे पूछताछ के बाद इन दोनों आरोपियों का सुराग मिला।



परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था पर्चा

सेंट्रल जोन के डीसीपी उमेश गुप्ता के मुताबिक, मुख्य आरोपी जवाहर लाल कुर्रे (40 वर्ष) बेमेतरा जिले के बोरतरा शासकीय स्कूल में पीटी शिक्षक के पद पर पदस्थ है। उसने ही परीक्षा केंद्र से 12वीं का हिंदी का प्रश्नपत्र बाहर निकाला था। इसके बाद उसने पूरे पर्चे को एक कागज पर लिखवाया और इसे आगे बेचने के लिए वेणु जंघेल और विकास सेन को सौंप दिया।



3-3 हजार रुपये में बेचा गया पेपर

> लूट का खेल: गिरफ्तार आरोपियों ने लीक प्रश्नपत्र को छात्रों को 3-3 हजार रुपए में बेचा। इसके बाद यह पेपर मैसेजिंग ऐप (व्हाट्सएप) के जरिए आग की तरह पूरे राज्य में फैल गया।



पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे के बैंक खाते में संदिग्ध पैसों का लेन-देन हुआ है। पुलिस ने उसके बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल्स निकाल ली हैं, जिससे साफ होता है कि पेपर बेचने के बदले मोटी रकम ली गई थी।



कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा है। इस गिरोह से जुड़े कुछ और स्थानीय लोगों और छात्रों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब कर दिया जाएगा।



निष्कर्ष

सरकारी शिक्षक द्वारा चंद रुपयों के लिए छत्तीसगढ़ 12वीं का पेपर लीक करना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश दिया है।





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