NEET पेपर लीक: हैसियत देख 5 से 50 लाख में बेचे पेपर, ब्लैंक चेक रखकर हुई डील
Jageshwar prasad | May 21, 2026, 08:09 IST
Photograph: (the sootr)
CBI जांच में NEET पेपर लीक का सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुणे की एक प्रोफेसर ने पेपर लीक किया, फिर ब्यूटी पार्लर, टीचर और दलालों के नेटवर्क ने 5-50 लाख में बेचा। पेपर खरीदने वालों से ब्लैंक चेक और मार्कशीट रखी गईं। सीकर से भंडाफोड़ हुआ।
News In Short
- NEET पेपर लीक में CBI को मिला बॉलीवुड फिल्म जैसा नेटवर्क।
- पुणे की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे पेपर लीक की मुख्य सूत्रधार।
- ब्यूटी पार्लर के से बना कस्टमर बेस, पूरे देश में फैला नेटवर्क।
- हैसियत देखकर 5 से 50 लाख के बीच वसूली, ब्लैंक चेक रखे।
- सीकर के एक हॉस्टल मालिक से हुआ पूरे रैकेट का भंडाफोड़।
News In Detail
कौन था इस लीक का मुख्य स्रोत?
मनीषा मंधारे को NTA ने NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्रों को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए एक्सपर्ट पैनल में रखा था। इसी दौरान उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के फाइनल पेपर का पूरा एक्सेस मिल गया। उन्होंने इस गोपनीय सामग्री को बड़े पैमाने पर लीक कर दिया।
ब्यूटी पार्लर से बना कस्टमर बेस
अब इस पेपर को बाजार तक पहुंचाने की जरूरत थी। यह काम किया मनीषा संजय वाघमारे ने, जो पुणे में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दो साल पहले वह खुद अपनी बेटी का NEET क्लियर कराने के लिए पेपर लीक माफिया के जाल में फंस चुकी थीं। इस अनुभव ने उन्हें खुद एजेंट बना दिया।
उन्होंने अपने पार्लर के कस्टमर बेस का इस्तेमाल कर ऐसे पेरेंट्स ढूंढे जो ₹10 लाख प्रति छात्र देने को तैयार थे। उनके साथ आयुर्वेद डॉक्टर धनंजय लोखंडे ने भी मदद की।
पुणे से नासिक, फिर हरियाणा और राजस्थान
नासिक: धनंजय लोखंडे ने पेपर शुभम खैरनार (नासिक में करियर काउंसलर) को दिया। शुभम ने इसे ₹10 लाख में खरीदा।
गुरुग्राम (हरियाणा): शुभम ने यह पेपर यश यादव (गुरुग्राम) को ₹15 लाख में बेच दिया – मात्र ₹5 लाख का मुनाफा।
जमवारामगढ़ (राजस्थान): यश यादव से यह पेपर राजस्थान के जमवारामगढ़ पहुंचा, जहां मांगीलाल और दिनेश बिंवाल नामक दो भाइयों ने इसे खरीदा। माना जा रहा है कि दिनेश ने इसे अपने बेटे के लिए भारी कीमत चुकाकर लिया।
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ब्लैंक चेक और ओरिजिनल मार्कशीट रखीं
हालांकि, परीक्षा के बाद अफवाह फैल गई कि फिजिक्स के प्रश्न नहीं आए। इस पर ज्यादातर परिजनों ने बाकी पैसे देने से इनकार कर दिया या टालमटोल करने लगे।
एक हॉस्टल मालिक से हुआ खुलासा
अब तक की स्थिति
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