बच्चों की संख्या में रायपुर-बलौदाबाजार टॉप पर, दुर्ग और सुकमा में भारी गिरावट
छत्तीसगढ़ में 6 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या को लेकर एक अहम तस्वीर सामने आई है। राज्य में इस उम्र के बच्चों की कुल संख्या लगभग 36 लाख 57 हजार आंकी गई है। लेकिन यह संख्या सभी जिलों में समान रूप से नहीं बढ़ रही, कहीं तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, तो कहीं लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
क्या कहता है आंकड़ा?
राज्य के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के आकलन के अनुसार, 2011 की जनसंख्या के आधार पर हर साल बच्चों की संख्या में बदलाव का अध्ययन किया गया है। इससे पता चलता है कि कुल मिलाकर बच्चों की संख्या में धीरे-धीरे गिरावट का रुझान है। यह राज्य में जनसंख्या वृद्धि दर कम होने का संकेत देता है।
रायपुर सबसे आगे, कई जिले पीछे
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में सबसे अधिक 3 लाख 32 हजार से ज्यादा बच्चे हैं। इसके बाद बिलासपुर, बलोदाबाजार, कबीरधाम और कोरबा जैसे जिले आते हैं, जहां बाल जनसंख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इन जिलों में शहरीकरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार के अवसर अधिक होने के कारण जनसंख्या का दबाव बना हुआ है।
किन जिलों में सबसे कम बच्चे?
नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर और कोरिया में बच्चों की संख्या सबसे कम है। ये ज्यादातर दूरस्थ और आदिवासी इलाके हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं, कुपोषण की समस्या है, पलायन भी एक बड़ा कारण है।
इन जिलों में तेजी से बढ़ रही बच्चों की संख्या
आंकड़ों के मुताबिक, बलोदाबाजार, बेमेतरा, मुंगेली, रायपुर और कबीरधाम जिलों में बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन जिलों में वृद्धि के प्रमुख कारण हैं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में वृद्धि। विशेष रूप से बलोदाबाजार में 50 हजार से अधिक बच्चों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है।
| जिला | बाल जनसंख्या (वर्तमान अनुमान) | वृद्धि |
| बलौदाबाज़ार | 2,15,511 | + 50,686 |
| बिलासपुर | 2,80,848 | + 41,559 |
| कबीरधाम | 1,79,782 | + 37,878 |
| बेमेतरा | 1,56,140 | + 32,386 |
| मुंगेली | 1,49,948 | + 29,317 |
| रायपुर | 3,32,336 | + 28,292 |
इन जिलों में घट रही है बाल आबादी
दूसरी ओर दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गरियाबंद, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों में बच्चों की संख्या में गिरावट देखी गई है।
| जिला | बाल जनसंख्या (वर्तमान अनुमान) | गिरावट |
| बालोद | 63,827 | - 32,444 |
| दुर्ग | 1,81,220 | - 29,291 |
| धमतरी | 76,564 | - 25,345 |
| सुकमा | 22,872 | - 13,387 |
| मोहला-मानपुर | 27,034 | - 10,377 |
इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
जन्मदर में कमी
रोजगार के लिए बड़े पैमाने पर पलायन
स्वास्थ्य और पोषण संबंधी चुनौतियां
सुकमा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में गिरावट की रफ्तार ज्यादा देखी गई है, जो चिंता का विषय है।
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