भूपेश बघेल बोले- मोदी का नाम पनौती रख देना चाहिए, रायपुर में कांग्रेस का विधानसभा घेराव, पायलट भी पहुंचे
NEWS IN SHORT
- मनरेगा, गैस सिलेंडर और अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस का विधानसभा घेराव।
- सचिन पायलट, भूपेश बघेल और चरणदास महंत समेत बड़े नेता शामिल।
- प्रदर्शन के दौरान नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाकर विरोध जताया।
- कांग्रेस ने बिजली दर, धान खरीदी और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा।
- भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
NEWS IN DETAIL
विधानसभा घेराव के लिए कांग्रेस का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों को लेकर आज विधानसभा का घेराव किया। इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
अनूठे तरीके से विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाकर विरोध जताया। यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन बढ़ती गैस सिलेंडर कीमतों और आम जनता की परेशानियों को दिखाने के लिए किया गया।
इन मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि यह आंदोलन कई मुद्दों को लेकर किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- मनरेगा का नाम बदलने का विरोध
- बिजली दरों में बढ़ोतरी
- किसानों से वादाखिलाफी
- धान खरीदी में गड़बड़ी
- गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें
- बिगड़ती कानून व्यवस्था और नशे का कारोबार
भूपेश बघेल का केंद्र पर निशाना
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि मनरेगा गरीबों को रोजगार देने की योजना है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसकी फंडिंग कम कर दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 100% मजदूरी का भुगतान होता था, जो अब घटाकर 60% कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कांग्रेस सरकार बनने पर मनरेगा की राशि बढ़ाई जाएगी।
सचिन पायलट का बयान
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि पहले मनरेगा का 90% फंड केंद्र से आता था, लेकिन अब उस पर नियंत्रण बढ़ा दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने मनरेगा के नाम बदलने पर विरोध जताया, जबकि अरुण वोरा ने प्रदेश में कानून व्यवस्था और अफीम खेती जैसे मुद्दों को उठाया।
IMP FACTS
- आयोजन: विधानसभा घेराव
- प्रमुख नेता: सचिन पायलट, भूपेश बघेल, चरणदास महंत
- मुख्य मुद्दे: मनरेगा, गैस सिलेंडर, बिजली दर, किसान
- विरोध का तरीका: नाली गैस से चाय बनाकर प्रदर्शन
- स्थान: छत्तीसगढ़ विधानसभा क्षेत्र
आगे क्या
सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो सकती है। विधानसभा सत्र में इन मुद्दों पर बहस होने की संभावना , कांग्रेस आगे भी आंदोलन जारी रख सकती है।
निष्कर्ष
कांग्रेस का यह प्रदर्शन राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। मनरेगा, महंगाई और किसानों के मुद्दे को लेकर सियासत गरमाने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर आने वाले समय में और बढ़ सकता है।
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