छत्तीसगढ़ शासन का बड़ा फैसला; तनाव मुक्त होंगे अफसर-कर्मचारी, सरकार देगी 12 दिन की स्पेशल लीव
NEWS IN SHORT
- विपश्यना शिविर में भाग लेने के लिए मिलेगा विशेष अवकाश
- छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को मिलेगी 12 दिन की छुट्टी
- शिविर में भाग लेने के लिए जरूरी शर्तें तय की गईं हैं
- अवकाश का उपयोग शासकीय कार्यों में किसी बाधा से बचने के लिए होगा
- यात्रा भत्ता या अन्य खर्चों का भुगतान सरकार नहीं करेगी
NEWS IN DETAIL
Raipur : छत्तीसगढ़ शासन ने अपने अधिकारियों और सरकारी कर्मचारी के मानसिक तनाव को कम करने और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
अब राज्य के अधिकारी और कर्मचारी विपश्यना ध्यान के 10 दिवसीय आवासीय शिविर में भाग लेने के लिए स्पेशल छुट्टी पर जा सकेंगे।
स्पेशल कैजुअल लीव
राज्य शासन के छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों सहित राज्य सेवा के अधिकारी और कर्मचारी अपनी सेवाकाल में अधिकतम 6 बार विशेष आकस्मिक अवकाश ले सकेंगे।
इस अवकाश का उपयोग वे विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए कर सकते हैं। प्रत्येक शिविर के लिए, यात्रा समय समेत अधिकतम 12 दिन का अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
ये जरूरी शर्तें होंगी
आवेदन के साथ विपश्यना केंद्र की तरफ से जारी एडमिशन लेटर जमा करना अनिवार्य होगा।
शिविर पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट कार्यालय में जमा करना जरुरी होगा।
प्रमाणपत्र जमा नहीं करने पर अवकाश को अन्य लिए गए छुट्टियों में समायोजित किया जाएगा।
अवकाश की मंजूरी और नियम
अवकाश की स्वीकृति संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाएगी, यह ध्यान रखते हुए कि शासकीय कार्य प्रभावित न हो।
इस अवधि को ऑन ड्यूटी माना जाएगा और कर्मचारी को पूरा वेतन मिलेगा।
शासकीय सेवा में कार्य प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखते हुए अधिकारी छुट्टी का अनुमोदन करेंगे।
क्या नहीं मिलेगा
विपश्यना शिविर में भाग लेने के लिए यात्रा भत्ता या अन्य खर्चों का भुगतान राज्य सरकार की तरफ से नहीं किया जाएगा।
इस छुट्टी का उद्देश्य और लाभ
इस फैसले का मकसद अधिकारियों और कर्मचारियों का मानसिक तनाव दूर करना है। ध्यान करने से उनका मन शांत रहेगा, जिससे वे दफ्तर का काम और भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
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