NIT रायपुर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से झटका, कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश रद्द

Umeshwari Baghel | Aug 22, 2026, 14:57 IST
Share
NIT रायपुर को हाईकोर्ट से झटका
NIT रायपुर को हाईकोर्ट से झटका

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने NIT रायपुर के ब्लैकलिस्टिंग आदेश को रद्द किया। कोर्ट ने कहा- बिना शो-कॉज नोटिस और सुनवाई के कंपनी को ब्लैकलिस्ट नहीं किया जा सकता।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बिना नोटिस ब्लैकलिस्टिंग पर हाईकोर्ट की रोक
  • NIT रायपुर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका
  • कंपनी को सुनवाई का मौका देना जरूरी
  • ब्लैकलिस्टिंग को कोर्ट ने बताया गंभीर कार्रवाई
  • पुराने नोटिस से नहीं हो सकती कार्रवाई
Bilaspur। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने NIT रायपुर को बड़ा झटका देते हुए एक कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने से पहले उसे स्पष्ट कारण बताओ नोटिस देना और अपना पक्ष रखने का मौका देना जरूरी है। सिर्फ काम के दौरान हुई कमियों को लेकर दिए गए सामान्य नोटिस को ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जा सकता।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने NIT रायपुर के 19 दिसंबर 2025 के आदेश को निरस्त कर दिया। यह मामला इंदौर की कामथेन सिक्योरिटी सर्विस से जुड़ा है, जिसे NIT रायपुर में सुरक्षा और हाउसकीपिंग सेवाओं का ठेका मिला था।

एक साल के लिए किया गया था ब्लैकलिस्ट

कामथेन सिक्योरिटी सर्विस ने फरवरी 2024 से फरवरी 2025 तक NIT रायपुर में सेवाएं दी थीं। कंपनी का कहना था कि काम के दौरान उसके कई बिलों का भुगतान लंबित रहा। इसके बावजूद NIT रायपुर ने दिसंबर 2025 में कंपनी को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया।

कंपनी को इस कार्रवाई की जानकारी करीब आठ महीने बाद मिली, जब एक दूसरे टेंडर में प्रतिस्पर्धी कंपनी ने उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

पुराने नोटिस को नहीं माना गया ब्लैकलिस्टिंग का आधार

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अनुबंध के दौरान काम में कमी को लेकर दिए गए नोटिस अलग विषय हैं। उन्हें ब्लैकलिस्टिंग से पहले जारी किया गया विशेष शो-कॉज नोटिस नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी संस्था को किसी कंपनी के खिलाफ इतनी गंभीर कार्रवाई करनी है, तो उसे पहले साफ तौर पर बताना होगा कि उसे ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया जाए। इसके बाद कंपनी को जवाब देने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

ब्लैकलिस्टिंग को कोर्ट ने बताया गंभीर कार्रवाई

हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करना उसके भविष्य के कारोबार पर सीधा असर डालता है। सरकारी टेंडर में भाग लेने और नए काम हासिल करने के रास्ते बंद हो सकते हैं। इसलिए इसे "सिविल डेथ" जैसी गंभीर कार्रवाई माना गया है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था को कार्रवाई करने से रोका नहीं गया है। अगर नियमों के अनुसार उचित प्रक्रिया अपनाई जाती है तो आगे कार्रवाई की जा सकती है।

कंपनी ने उठाया था भुगतान में देरी का मुद्दा

याचिकाकर्ता कंपनी ने कोर्ट में बताया कि NIT रायपुर की ओर से नवंबर 2024 में GST और श्रम भुगतान से जुड़े मुद्दों को लेकर पत्र जारी किए गए थे। कंपनी ने इन मामलों पर जवाब दिया था और लंबित भुगतान जारी करने का अनुरोध किया था।

कंपनी का दावा था कि अनुबंध खत्म होने के बाद अचानक ब्लैकलिस्टिंग का आदेश जारी किया गया, जबकि उसे इस कार्रवाई से पहले कोई मौका नहीं दिया गया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब सरकारी संस्थानों को किसी भी कंपनी के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना होगा।

ये खबरें भी पढ़े...

शिकायतें, भ्रष्टाचार और जीरो प्रोडक्टिविटी के बीच छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंची लड़ाई

CG GST scam : 317 करोड़ का घोटाला, गुटखा किंग जुमनानी की 12 संपत्तियां होंगी कुर्क

कारोबारी ज्यादा, राजस्व ज्यादा, फिर इंदौर में GST ट्रिब्यूनल क्यों नहीं- कोर्ट

छत्तीसगढ़ में पेटेंट की हैट्रिक ; IIT, NIT और IIIT ने रचा इतिहास

Tags:
  • इंदौर
  • GST
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • NIT रायपुर
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी

By Ramanand Tiwari

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी
MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज

By Ramanand Tiwari

MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस

By Sandeep Kumar

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल

By Umeshwari Baghel

प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार

By Sandeep Kumar

MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए

By VINAY VERMA

लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...

By Sandeep Kumar

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...