नई आबकारी नीति पर सरकार को राहत, हाईकोर्ट ने स्टे से किया इनकार
NEWS IN SHORT
- हाईकोर्ट ने नई आबकारी नीति पर रोक लगाने से किया इनकार।
- अदालत ने स्टे एप्लिकेशन खारिज करते हुए नीति लागू रखने की अनुमति।
- याचिकाकर्ताओं ने प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री पर सवाल उठाए थे।
- कोर्ट ने कहा-नीति निर्माण सरकार का अधिकार क्षेत्र, स्पष्ट अवैधता न होने पर हस्तक्षेप नहीं।
- मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय, अंतिम फैसला अभी बाकी।
NEWS IN DETAIL
हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ी राहत
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नई आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्टे एप्लिकेशन खारिज करते हुए नीति के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य में नई आबकारी नीति लागू रहने का रास्ता साफ हो गया है।
सिंगल बेंच में हुई सुनवाई
इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में हुई, जहां याचिकाकर्ताओं की ओर से नई आबकारी नीति में कई खामियों की ओर इशारा किया गया। विशेष रूप से प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री, पर्यावरणीय प्रभाव, गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े मुद्दे को लेकर गंभीर आपत्तियां उठाई गईं।
कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार
प्रारंभिक सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया नीति में ऐसी कोई स्पष्ट त्रुटि नजर नहीं आती, जिसके आधार पर तत्काल रोक लगाई जाए।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नीति बनाना सरकार का अधिकार क्षेत्र है, और जब तक स्पष्ट कानून उल्लंघन या गंभीर अनियमितता साबित न हो, न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा।
सरकार ने नीति को बताया विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित
राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि नई आबकारी नीति (new excise policy) व्यापक विचार-विमर्श और विशेषज्ञों की सलाह के बाद तैयार की गई है। सरकार के अनुसार नीति से राजस्व बढ़ेगा, वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी, प्लास्टिक बॉटलिंग व्यवस्था विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर लागू की गई है।
अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद
हाईकोर्ट ने फिलहाल स्टे देने से इनकार किया है, लेकिन याचिका को खारिज नहीं किया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की गई है। इसका मतलब है कि मामले पर विस्तृत बहस अभी बाकी है और अंतिम फैसला बाद में आएगा।
IMP FACTS
मामला: नई आबकारी नीति को चुनौती
अदालत: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
निर्णय: स्टे एप्लिकेशन खारिज
मुख्य विवाद: प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री
स्थिति: नीति लागू रहेगी
अगली सुनवाई: दो सप्ताह बाद
आगे क्या
अगली सुनवाई में हाईकोर्ट याचिका पर विस्तृत बहस सुनेगा। इसके बाद अदालत नीति की वैधता पर अंतिम निर्णय दे सकती है या आगे दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के स्टे एप्लिकेशन खारिज करने से राज्य सरकार की नई आबकारी नीति को फिलहाल राहत मिल गई है। हालांकि मामला अभी विचाराधीन है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक नीति को लेकर कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है। छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री
ये खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ की नई शराब नीति से बनेगा ठेकेदार-अफसरों का कॉकटेल, किसे फायदा पहुंचाने बदली जा रही पॉलिसी?
आज से छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव; रजिस्ट्री सस्ती, टोल महंगा, टैक्स और सैलरी के नियम भी बदले!
छत्तीसगढ़ में आबकारी नीति में बदलाव की तैयारी, क्या ठेका पद्धति की होगी वापसी?
शराब ठेकेदारों की मोनोपोली होगी खत्म, तस्करों की भी टूटेगी कमर, आबकारी नीति में यह बदलाव