छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला आरक्षित पद के नियमों में किया बदलाव, खाली रहने पर होगी पुरुषों की भर्ती

Harrison Masih | Oct 17, 2025, 15:17 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवा नियमों में किया बड़ा बदलाव! महिला आरक्षण के खाली पद अब पुरुष उम्मीदवारों से भरे जाएंगे और कई पदों के नाम बदल दिए गए हैं। जानिए कौन से पद और नियमों में आए हैं अहम बदलाव और यह कैसे प्रभावित करेंगे चयन प्रक्रिया।

Bilaspur. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जिससे अब महिला आरक्षण और पदनाम की प्रक्रिया में बदलाव होगा। यह आदेश चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अनुशंसा और संविधान के अनुच्छेद 229(2) के तहत जारी किया गया है। रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से यह आदेश गुरुवार को प्रभावी हो गया।



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महिला आरक्षण में बड़ा बदलाव

नए संशोधन के अनुसार यदि किसी आरक्षित या अनारक्षित श्रेणी में 30% महिला पद के लिए योग्य महिला उम्मीदवार न मिलने के कारण पद खाली रह जाते हैं, तो अब ये पद खाली नहीं रहेंगे। ऐसे पद उसी श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों से भरे जाएंगे, न कि अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड होंगे या किसी अन्य महिला वर्ग से भरे जाएंगे।



इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिला आरक्षण के बावजूद पद खाली न रहें, और चयन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पूरी हो।



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पदनामों में बदलाव

हाईकोर्ट ने कई पदों के नामों में भी संशोधन किया है:

  • राजपत्रित अधिकारी श्रेणी: सेक्शन ऑफिसर्स के बाद अब कोर्ट मास्टर्स जोड़े गए।
  • असिस्टेंट ग्रेड-1: अब इन्हें असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर कहा जाएगा।
  • असिस्टेंट ग्रेड-2: अब इन्हें सीनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट या सीनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट कहा जाएगा।
  • असिस्टेंट ग्रेड-3: अब इन्हें जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट या जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट कहा जाएगा।
  • असिस्टेंट प्रोग्रामर: असिस्टेंट ग्रेड-1 के क्रमांक 37 को अब असिस्टेंट प्रोग्रामर का पदनाम दिया गया है।

इससे CG High Courtके कार्मिक ढांचे में स्पष्टता और पदों की पहचान सुनिश्चित होगी।



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हाईकोर्ट सेवा नियमों में बदलाव- मुख्य बातें:

  1. महिला आरक्षण के खाली पद अब पुरुष उम्मीदवारों से भरेंगे:
    योग्य महिला अभ्यर्थी न मिलने पर 30% महिला आरक्षित पद अगले वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं होंगे और न ही किसी अन्य महिला वर्ग से भरे जाएंगे।
  2. पदनामों में बदलाव:
    असिस्टेंट ग्रेड-1, 2, 3 और अन्य पदों के नाम बदले गए हैं, जैसे असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, सीनियर/जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट और कोर्ट मास्टर्स।
  3. आदेश तुरंत लागू:
    यह संशोधन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट रूल्स, 2017 में किया गया और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

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तत्काल प्रभाव से लागू

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, और अब चयन प्रक्रिया और पदनाम इन नए नियमों के अनुसार किए जाएंगे। हाईकोर्ट का यह कदम महिला आरक्षण और पद प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने, चयन प्रक्रिया को सुचारू बनाने और न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



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