वेतन विवाद केस पर हाईकोर्ट सख्त: तीन बड़े अफसरों के खिलाफ 50-50 हजार का वारंट जारी

Harrison Masih | Aug 19, 2025, 19:12 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2013 के वेतन विवाद मामले में शासन के तीन वरिष्ठ अफसरों पर न्यायालय की अवमानना का संज्ञान लेते हुए ₹50-50 हजार का जमानती वारंट जारी किया।

Salary dispute case 2013: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शासन के गृह विभाग में पदस्थ तीन अफसरों के खिलाफ अदालत की अवमानना के आरोप में बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने इन तीनों अफसरों पर ₹50-50 हजार का जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 4 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह मामला लंबे समय से चल रहा है और इसकी जड़ें साल 2013 तक जाती हैं।



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क्या है पूरा मामला?

2013 में जेल विभाग के 17 फार्मासिस्ट ग्रेड-2 कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें समान पद पर कार्यरत अन्य विभागों के कर्मचारियों से कम वेतन दिया जा रहा है। इस भेदभाव के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।



2023 का फैसला और शासन का रवैया

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आदेश लागू न होने पर अवमानना याचिका

जब शासन ने 2023 का आदेश लागू नहीं किया, तो याचिकाकर्ताओं ने 2025 में न्यायालय की अवमानना याचिका दाखिल की। उनकी ओर से अधिवक्ता प्रवीण सोनी और सहयोगी विजयिता साहू व शीतल सोनी ने पक्ष रखा।



हाईकोर्ट की सख्ती

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं के अंतरिम आवेदन को तो खारिज कर दिया, लेकिन शासन की लापरवाही को गंभीर मानते हुए तीन अफसरों पर जमानती वारंट जारी किया। साथ ही उन्हें कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश भी दिया।



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क्या है वेतन विवाद केस 2013?

  1. वेतन असमानता की शिकायत – जेल विभाग के फार्मासिस्ट ग्रेड-2 कर्मचारियों ने 2013 में शिकायत की थी कि अन्य विभागों में कार्यरत समान पद के कर्मचारियों को उनसे ज्यादा वेतन मिल रहा है।
  2. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका – इस भेदभाव के खिलाफ कर्मचारियों ने 2013 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
  3. 2023 का फैसला – लंबी सुनवाई के बाद 2023 में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया और समान वेतन देने का आदेश दिया।
  4. शासन की अपील और खारिज – शासन ने 2024 में इस फैसले को चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट की युगल पीठ ने अपील को विचारण-अयोग्य बताते हुए खारिज कर दिया।
  5. अफसरों के खिलाफ वारंट – शासन द्वारा आदेश लागू न करने पर 2025 में कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट ने गृह विभाग के तीन अफसरों पर ₹50-50 हजार का जमानती वारंट जारी किया और व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया।

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क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना गंभीर अपराध है। चाहे वे शासन के उच्च पदस्थ अधिकारी ही क्यों न हों, कोर्ट के आदेश का पालन करना उनके लिए अनिवार्य है।



FAQ

  1. वेतन विवाद केस 2013 किससे जुड़ा है?
    यह केस छत्तीसगढ़ जेल विभाग के फार्मासिस्ट ग्रेड-2 कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्होंने 2013 में समान पद पर कार्यरत अन्य विभागीय कर्मचारियों से कम वेतन मिलने की शिकायत की थी।
  2. हाईकोर्ट ने वेतन विवाद केस में क्या फैसला सुनाया था?
    हाईकोर्ट ने 2023 में फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आदेश दिया और समान वेतन देने का निर्देश शासन को दिया।
  3. वेतन विवाद केस में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
    शासन ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया, जिस पर 2025 में हाईकोर्ट ने गृह विभाग के तीन अफसरों के खिलाफ ₹50-50 हजार का जमानती वारंट जारी कर उनकी व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया।

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