यहां पानी पिलाना पुण्य नहीं उधार है; सरकारी फाइलों में जल जीवन, जमीन पर जल उधार
किसी को पानी पिलाना तो पुण्य का काम माना जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के उसलीगुड़ा गांव में पानी की किल्लत ने इसे कर्ज बना दिया है। यहां के लोग अब पानी उधार लेने को मजबूर हैं। दरसअल गांव में सार्वजनिक जल स्रोत के नाम पर महज तीन कुएं हैं। इनमें से दो कुएं अप्रैल के पहले सप्ताह में सूख गए, और तीसरे कुएं का पानी भी अप्रैल अंत तक खत्म होने की उम्मीद है।
पानी की कमी से जूझते ग्रामीण
इस गांव में 345 घर हैं और लगभग 2500 लोग रहते हैं। पानी की कमी से जूझते हुए ग्रामीण अब तक 400 जगहों पर बोर करवा चुके हैं, लेकिन इनमें से 399 स्थानों से पानी नहीं निकला। एक स्थान पर पानी निकला भी, तो उसकी धार इतनी कमजोर थी कि बड़ी आबादी की प्यास बुझाना नामुमकिन हो गया। अब गांववालों को पानी के लिए 2 किमी दूर पैदल चलकर कुएं तक जाना पड़ता है। यहां भी पानी नहीं मिला तो झिरिया से पानी लाने के लिए फिर से लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है।
पानी की उधारी
इस स्थिति में घरों में पानी खत्म होने पर लोग एक-दूसरे से उधारी पर पानी लेते हैं। लेकिन यह उधारी अक्सर विवाद का कारण बन जाती है। पानी की किल्लत का आलम यह है कि गांव में किसी भी शादी के रिश्ते में भी रुकावट आने लगी है। लोग अब यह कहने लगे हैं कि यहां पानी तक नहीं मिलेगा, ऐसे में रिश्ते बनाने से बचते हैं। खासकर बेटियों के रिश्ते को लेकर यह समस्या बढ़ गई है।
मल्टी विलेज योजना की उम्मीद
गांव में पानी की इस किल्लत से उबरने के लिए प्रशासन ने कोंडागांव और कोसारटेडा डैम से पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई है। हालांकि, वह पाइपलाइन उसलीगुड़ा गांव तक नहीं पहुंचेगी, जो कि कोसारटेडा डैम से महज 30 किमी दूर है। गांव के लोग अब जल समस्या के समाधान के लिए मल्टी विलेज योजना की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
प्रशासन पर उठे कई सवाल
उसलीगुड़ा गांव में पानी की किल्लत के मद्देनज़र प्रशासन की प्रतिक्रिया पर कई सवाल उठते हैं। जबकि कोसारटेडा डेम से पाइपलाइन बिछाने की योजना है, यह सवाल उठता है कि
- महज 30 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?
- लोग उधारी पर पानी लेने और रोज़ाना कई किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर हैं, तो क्या प्रशासन इस समस्या पर पर्याप्त ध्यान दे रहा है?
- क्या स्थानीय सरकार ने इस संकट के समाधान के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया, जैसे गहरे बोरवेल या तत्काल पानी की टंकियों का इंतजाम?
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