HTPS पर 18 करोड़ का जुर्माना, अफसरों-ठेकेदारों पर भी कसता शिकंजा, प्रशासन का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी को प्रदूषित करने के मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS) कोरबा पश्चिम प्रबंधन पर 18 करोड़ रूपए का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया गया है। इस फैसले से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पर्यावरण के नियमों की अनदेखी करने वालों को कड़ा संदेश मिला है।
जिम्मेदार अफसर पर गिरी गाज
मामले में लापरवाही सामने आने के बाद अधीक्षण अभियंता पीतांबर नेताम पर तत्काल कार्रवाई की गई। कुणाल दुदावत की सख्ती के बाद नेताम का तुरंत तबादला रायपुर कर दिया गया है। उनकी जगह सत्येंद्र साहू को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही पर सीधे एक्शन होगा।
राखड़ बांध ओवरफ्लो, नदी में घुला जहर
जांच में सामने आया कि झाबू स्थित ऐश डैम के भर जाने के कारण राखड़युक्त पानी सीधे हसदेव नदी (Hasdeo River) और आसपास की नहरों में छोड़ा जा रहा था। इससे जल प्रदूषण का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया और शहर की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। हैरानी की बात यह रही कि हालात संभालने के बजाय प्रबंधन ने जानकारी छिपाने की कोशिश की, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
जांच के लिए स्पेशल टीम
जल संसाधन विभाग ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए 18 करोड़ रूपए का दंड लगाया है। साथ ही कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत जांच कर रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि किन स्तरों पर चूक हुई और किसकी मिलीभगत से यह पर्यावरणीय नुकसान हुआ।
ठेकेदार के ब्लैकलिस्ट की उठी मांग
स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं है। राखड़ निपटान का काम संभालने वाले ठेकेदार पर भी सवाल उठ रहे हैं। मांग की जा रही है कि दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जाए। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम इस पहलू पर भी गंभीरता से काम कर रही है।
नदी से खिलवाड़ अब नहीं चलेगा
इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। हसदेव नदी जैसे जीवनदायिनी स्रोत के साथ लापरवाही अब सीधे भारी नुकसान और सख्त कार्रवाई में बदलेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे कई और जिम्मेदारों पर गाज गिर सकती है।
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