छत्तीसगढ़ में MBBS सीटों में जबरदस्त बढ़ोतरी,25 साल में 22 गुना बढ़कर 2180 हुई सीटें
CG MBBS seats increased: छत्तीसगढ़ में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जब साल 2000 में राज्य का गठन हुआ था, तब यहां सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था – पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर। उस समय केवल 100 MBBS सीटें ही उपलब्ध थीं। डॉक्टर बनने के लिए छात्रों को बहुत कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरना पड़ता था और कई बार उन्हें दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था।
लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज छत्तीसगढ़ में कुल 15 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से 10 सरकारी और 5 निजी हैं। इन कॉलेजों में 2180 MBBS सीटें हैं और अगले साल यह संख्या बढ़कर 2430 होने की संभावना है। यानी 25 साल में सीटें 22 गुना बढ़ गई हैं।
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9 साल में भी तीन गुना सीटें बढ़ीं
अगर हाल के वर्षों की बात करें तो 2016 तक यहां केवल 700 सीटें थीं। अब यह बढ़कर 2180 हो गई हैं। यानी सिर्फ 9 साल में तीन गुना से ज्यादा सीटें बढ़ी हैं। इससे छात्रों को बड़ा फायदा हुआ है। कट-ऑफ कम हुआ है। राज्य के बाहर जाने की मजबूरी घट गई है। डॉक्टर बनने का सपना ज्यादा छात्रों के लिए संभव हो गया है।
इस साल 150 सीटें कम हुईं
हालांकि, छत्तीसगढ़ में MBBS सीट बढ़ने के साथइस बार एक दिक्कत भी आई है। रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में जीरो ईयर घोषित होने की वजह से वहां 150 सीटें कम हो गईं। इसके बावजूद प्रदेश में सीटों की संख्या पहले की तुलना में काफी ज्यादा है।
काउंसलिंग की प्रक्रिया
एमबीबीएस में एडमिशन के लिए दूसरे राउंड की काउंसलिंग जारी है। 20 सितंबर तक छात्रों ने अपनी पसंद की सीटों का चयन (च्वाइस फिलिंग) पूरा कर लिया था। इस बार अभी भी 542 एमबीबीएस सीटें और 396 बीडीएस सीटें खाली हैं। दूसरे राउंड की आवंटन सूची 24 सितंबर को जारी होगी। पहले राउंड की काउंसलिंग 23 अगस्त को पूरी हो चुकी थी।
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सीटों का बंटवारा कैसे होता है?
82% सीटें राज्य कोटे से भरी जाती हैं (यह सिर्फ सरकारी कॉलेजों में होती हैं)।
निजी कॉलेजों में सीटें तीन हिस्सों में बंटती हैं –
- 42.5% राज्य कोटा
- 42.5% मैनेजमेंट कोटा
- 15% एनआरआई कोटा
- इसके अलावा 15% ऑल इंडिया कोटा की सीटें दिल्ली से भरी जाती हैं।
- और 3% सीटें सेंट्रल पूल के तहत केंद्र सरकार भरती है।
छत्तीसगढ़ MBBS एडमिशन 2025: मुख्य बातें1. साल 2000 से अब तक सीटों में 22 गुना बढ़ोतरीराज्य गठन के समय केवल 100 एमबीबीएस सीटें थीं, जो अब बढ़कर 2180 हो गई हैं। 2. अगले साल सीटें होंगी और ज्यादा 2025-26 सत्र से सीटों की संख्या और बढ़ेगी, अनुमान है कि यह बढ़कर 2430 तक पहुंच जाएगी। 3. 9 साल में तीन गुना वृद्धि 2016 तक सिर्फ 700 सीटें थीं, लेकिन पिछले 9 साल में यह बढ़कर तीन गुना यानी 2180 हो गईं। 4. रावतपुरा मेडिकल कॉलेज की 150 सीटें कम रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में जीरो ईयर घोषित होने से इस बार 150 सीटें घट गईं। 5. दूसरे राउंड की काउंसलिंग में सीटें खाली 20 सितंबर तक च्वाइस फिलिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी भी 542 एमबीबीएस और 396 बीडीएस सीटें खाली हैं। |
मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोतरी
2016 तक प्रदेश में सिर्फ 5 सरकारी और 1 निजी कॉलेज ही थे। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव और जगदलपुर में सरकारी कॉलेज मौजूद थे। बाद में दुर्ग का निजी कॉलेज अधिग्रहण करके सरकारी बना दिया गया, जहां अब 200 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा हाल ही में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में 200 नई सीटें बढ़ाई गई हैं।
छत्तीसगढ़ ने पिछले दो दशकों में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। जहां एक समय केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश मिलता था, आज हजारों छात्रों को 2180 सीटों पर डॉक्टर बनने का मौका मिल रहा है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी। इससे प्रदेश में न सिर्फ मेडिकल शिक्षा मजबूत होगी बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होंगी।