निर्वाचन आयोग का सख्त रुख : पंचायत उपचुनाव तक अफसरों की लीव कैंसिल, आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ पंचायत उप चुनाव की तैयारियां हुई तेज
- कलेक्टर ने अवकाश पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए है
- बिना अनुमति अवकाश पर जाने पर होगी जवाबदेही
- दुर्ग जिले में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक
- मतदाता सूची में 2 लाख से ज्यादा कमी, महिलाओं का दबदबा
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 की घोषणा होते ही संबंधित जिलों में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन कार्यक्रम 8 मई को जारी किया गया और इसके साथ ही उन ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है, जहां उपचुनाव होना है।
कलेक्टर का महत्वपूर्ण आदेश
कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कई अहम आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक सभी शासकीय और अशासकीय कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बिना अनुमति अवकाश पर नहीं जा सकेंगे अधिकारी
नए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा। इसके अलावा, मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है।
मुख्यालय छोड़ने पर होगी जवाबदेही तय
प्रशासन ने साफ किया है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति अवकाश पर जाता है या मुख्यालय छोड़ता है, तो संबंधित जिला प्रमुख और कार्यालय प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी गई हैं और अधिकारियों को निर्वाचन कार्यों में पूर्ण सहयोग और तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्ग जिले में मतदाता सूची में बदलाव
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चुनाव आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में बदलाव आया है। एसआइआर के बाद जिले में 2 लाख 17 हजार 279 मतदाता कम हो गए हैं, लेकिन महिलाओं का दबदबा सूची में बना हुआ है। अब जिले में कुल 12 लाख 35 हजार 230 मतदाता रह गए हैं।
महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक
आंकड़ों के मुताबिक, दुर्ग जिले में पुरुष मतदाताओं की संख्या 6 लाख 14 हजार 665 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 6 लाख 20 हजार 522 है। इस प्रकार, महिला मतदाता पुरुषों से 5 हजार 857 अधिक हैं, जो जिले की राजनीतिक दिशा और चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा।
इस बदलाव से आने वाले चुनावों में महिला मतदाताओं की अहम भूमिका साबित हो सकती है, और पार्टियों को इस अहम कारक को ध्यान में रखते हुए अपनी चुनावी रणनीतियों को तैयार करना होगा।
IMP FACTS
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और निर्वाचन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, दुर्ग जिले में मतदाता सूची में बदलाव और महिलाओं का दबदबा चुनावी माहौल में नए समीकरण बनाएंगे।
FAQ
1. क्या कलेक्टर ने कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई है?
हां, कलेक्टर ने निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश पर रोक लगाई है।
2. क्या कोई बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ सकता है?
नहीं, बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
3. दुर्ग जिले में मतदाता सूची में कितना बदलाव हुआ है?
दुर्ग जिले में 2 लाख 17 हजार 279 मतदाता कम हुए हैं।
4. दुर्ग जिले में महिला मतदाताओं की संख्या कितनी है?
दुर्ग जिले में महिला मतदाताओं की संख्या 6 लाख 20 हजार 522 है, जो पुरुषों से अधिक है।
5. महिला मतदाताओं का चुनावी समीकरण पर क्या असर होगा?
महिला मतदाताओं की संख्या अधिक होने से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
यह खबरें भी पढ़े...
भिलाई और रिसाली में नहीं होगा पार्षद चुनाव, आचार संहिता भी खत्म, निर्वाचन आयोग में आई थी आपत्ति
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च का हिसाब न देने वाले 28 उम्मीदवार को बताया अयोग्य
पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, निर्वाचन आयोग ने नियुक्ति को लेकर जारी किया आदेश
SIR पर निर्वाचन आयोग सचिव को खुलकर बोला इंदौर प्रशासन, हमारे अधिकारी दिन-रात जुटे