पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, निर्वाचन आयोग ने नियुक्ति को लेकर जारी किया आदेश

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी जिला कलक्टर को आरओ और एआरओ की नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं। इन आदेश में ट्रेनी आइएएस या आरएएस की नियुक्ति चुनाव में नहीं की जाएगी।

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Ashish Bhardwaj
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Chunav aayog

Photograph: (The Sootr)

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Jaipur: राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दी है। 15 अप्रैल 2026 से पहले प्रस्तावित पंचायत चुनावों के लिए आयोग ने आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत सभी जिला कलक्टर को पंचायत समितियों में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिये गए हैं। इस निर्देश में ट्रेनी आइएएस या आरएएस की पंचायती चुनाव नियुक्ति नहीं होगी।  

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चुनाव में नहीं लगेगी ट्रेनी आइएएस या आरएएस ड्यूटी 

निर्वाचन आयोग के नए आदेश के अनुसार, पंचायत चुनावों के लिए आरओ और एआरओ के पद पर प्रशिक्षणाधीन (ट्रेनी) आइएएस या आरएएस अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जाएगी। यदि किसी पंचायत समिति में इन पदों के लिए आइएएस या आरएएस अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं, तो निर्वाचन आयोग की अनुमति से तहसीलदार को रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। यह आदेश निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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एआरओ के पद पर तहसीलदार 

निर्वाचन आयोग ने यह भी कहां है कि एआरओ के पद पर तहसीलदार के साथ-साथ नायब तहसीलदार की नियुक्ति भी की जा सकती है। इससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुगमं और प्रभावी की जा सकती है। इस तरह से निर्वाचन आयोग प्रशासनिक स्तर पर चुनाव व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

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सुप्रीम कोर्ट का निर्देश 

राजस्थान में पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पंचायत परिसीमन के मुद्दे पर दखल देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत परिसीमन के एक मामले में दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया।

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सरकार का पक्ष

नए परिसीमन को लेकर सरकार ने कहा हैं कि परिसीमन केवल दूरी के आधार पर नहीं, बल्कि जनसंख्या, प्रशासनिक सुगमता और जिला कलेक्टर की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। पूरी प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक कानूनी रूप से पूरी हो चुकी है।  

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15 अप्रैल की डेडलाइन

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले की पुष्टि की है, जिसमें 15 अप्रैल 2026 तक सभी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए गए थे।  शीर्ष अदालत ने परिसीमन पर दखल देने से साफ इनकार कर दिया था। 

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पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगें चुनाव 

निर्वाचन आयोग के इन आदेशों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना और सभी आवश्यक चुनावी कार्यों को समय पर पूरा करना है। आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि इस बार पंचायत चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराए जाएंगे।

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चुनाव को लेकर मुख्य बिंदू 

  • राजस्थान पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं।
  • राजस्थान निर्वाचन आयोग ने जिला कलक्टरों को पंचायत समितियों में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि ट्रेनी आइएएस और आरएएस अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होगी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राजस्थान में पंचायत चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक पूरे कराए जाएं। इसके अलावा, पंचायत परिसीमन के मामले में कोर्ट ने दखल से इनकार किया है।
  • निर्वाचन आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर के पद के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदार की नियुक्ति का आदेश दिया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावी और निष्पक्ष बनाने की कोशिश की जा रही है।
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