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Photograph: (the sootr)
Jaipur. राजस्थान में नदियों से बजरी दोहन से लेकर अरावली पहाड़ियों में खनन थम नहीं रहा है। माफिया के हौसले बुलंद है और वे पुलिस को भी नही बख्श रहे। ऐसे ही कुछ कहते हुए बसवा के थाना प्रभारी का वीडियो वायरल हो रहा है। उसने यह दावा कर दिया कि माफिया पुलिस पर हमला कर रहे है और फायरिंग तक कर देते है।
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रात के अंधेरे में माफियाओं का आतंक
यह वीडियो शुक्रवार रात अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बजरी से भरी एक ट्रैक्टर ट्रोली के पीछा करने के दौरान का है। इसमें खनन माफियाओं के सामने पुलिस की बेबसी और डर साफ नजर आ रहा है। वीडियो में थाना प्रभारी रामचरण कह रहे हैं कि अवैध खनन करने वालो के हौसले इतने बुलन्द है कि वह बजरी वाहन रोकने पर पुलिस पर ही हमला कर देते है।
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थानाधिकारी रामशरण की बेबसी
वीडियो में थानाधिकारी रामशरण कहते हैं कि अवैध रूप से बजरी व पत्थरो को ले जाने वाले अलवर के टहला क्षेत्र के गांवों में मूवमेंट करते हैं। राजगढ़ का गिरोह अवैध खनन करने में सक्रिय है। इनके हौसले इतने बुलन्द है कि वाहनों में नम्बर प्लेट तक रखते नही है। पीछा करते है तो ये किसी भी प्रकार की घटना कर सकते है।
ट्रैक्टर चालक के कहर दहशत में लोग
उधर, पुलिस ने शुक्रवार रात जिस ट्रैक्टर ट्रॉली का पीछा किया, उसने राजगढ़ के सकट गांव स्थित बारां का बास में एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। उसकी चपेट में आने से तीन बकरियां मार गईं, जबकि 10 ग्रामीण बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद, स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
सूचना के अनुसार, बसवा थाना पुलिस ट्रैक्टर ट्रॉली का पीछा कर रही थी। इसके बावजूद ट्रैक्टर चालक पुलिस के प्रयासों से बचकर फरार हो गया। यहां तक कि बांदीकुई डीएसपी ने खुद वाहन पर चढ़कर चालक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। ट्रैक्टर ने एक मकान की दीवार को तोड़ा और मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन वे अब भी मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
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घटना की टाइमलाइन
- 7 जनवरी 2026: ट्रैक्टर ने तीन बकरियों को कुचल दिया और एक मकान में घुसकर दीवार तोड़ी।
- पुलिस का पीछा: पुलिस द्वारा ट्रैक्टर का पीछा किया गया, लेकिन चालक फरार हो गया।
- घटना का असर: घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए कई थानों को मौके पर भेजा गया।
ग्रामीणों का आक्रोश और मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया और मुआवजे की मांग की। उनका कहना था कि ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक ने उनका मकान क्षतिग्रस्त कर दिया और तीन बकरियों को मार डाला। ग्रामीणों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि पुलिस के साथ होते हुए भी चालक कैसे फरार हो गया।
अवैध खनन की गंभीर स्थिति
राजस्थान के राजगढ़ और टहला क्षेत्र में अवैध खनन की घटनाएं लगातार हो रही हैं। पुलिस की निष्क्रियता और माफिया की बढ़ती सक्रियता चिंता का कारण बन चुकी है। यह खनन माफिया बिना नंबर प्लेट के वाहनों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से खनन कर रहा है, और पुलिस भी इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
अलवर पुलिस की कार्यवाही
अलवर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने इस घटना के बाद बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
अवैध खनन पर नियंत्रण की आवश्यकता
राजस्थान में अवैध खनन माफिया का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुका है। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने के कारण यह माफिया रात के अंधेरे में आसानी से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।
अलवर में माफियाओं के आंतक की कहानी
घटना: 7 जनवरी 2026 को ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से 3 बकरियों की मौत।
स्थान: अलवर जिले का राजगढ़ उपखंड, सकट गांव स्थित बारां का बास।
मुख्य आरोपी: ट्रैक्टर चालक (अवैध रूप से बजरी ले जाते हुए)।
प्रारंभिक कार्रवाई: पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा है।
मुआवजा: ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की है।
दरअसल, बसवा पुलिस अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टरों का पीछा कर रही थी। पकड़े जाने के डर से माफियाओं ने ट्रैक्टर को इतनी लापरवाही से दौड़ाया कि टहला थाना क्षेत्र के एक गांव में घर की दीवार ढह गई और तीन बकरियां कुचलकर मर गईं।
SHO का चौंकाने वाला बयान
सूचना पर बसवा, बांदीकुई, राजगढ़, टहला पुलिस मौके पर पहुंची। जहां ग्रामीणों को समझाइश की गई। बकरी मालिक हरदयाल गुर्जर ने बताया कि उनकी तीन बकरियां मर गयी है। इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे बसवा थानाधिकारी रामशरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि अवैध खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करने और उन्हें उठाने से भी नहीं कतराते। उन्होंने बताया कि ये लोग अपने वाहनों से नंबर प्लेट हटा देते हैं और पीछा करने पर जानलेवा हमला कर देते हैं।
राजस्थान में कैसे रुके खनन, POLICE ही बेबस
देखिए SHO का वायरल वीडियो
कैसे रुके खनन
— TheSootr (@TheSootr) January 10, 2026
यह वीडियो राजस्थान में बसवा थाना प्रभारी का है। इसमें वह खनन माफिया के सामने अपनी बेबसी जाहिर कर रहा है। #MiningIssue#RajasthanMining#BaswaThana#MiningMafia#PoliceStruggle#RajasthanNewspic.twitter.com/JqhNxgRFrU
अवैध खनन पर बेबस राजस्थान पुलिस
थानाधिकारी रामशरण का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साथ ही सरकार द्वारा चलाए जा रहे अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान की पोल खोल रहा है।
टहला के गोवर्धनपुरा, पालपुर सहित आसपास के सभी गांव में रात दिन अवैध खनन होता है और अवैध खनन माफिया खान के पत्थर को फैक्ट्री के आसपास क्षेत्र में सप्लाई करते हैं. पुलिस अब जांच में जुट गई है. पिछले दिनों पहले भी अवैध पत्थर खनन राजगढ़ कस्बे के मुख्य मार्गो से निकले थे. जिन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
माफियाओं के खिलाफ चलाए गए अभियान
- विशेष अभियान (अप्रैल से दिसंबर 2025): 2 अप्रैल 2025 से अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान, 8 महीनों में 6,422 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
- 7 साल की अवधि: पिछले सात वर्षों में (2018-2025), राज्य भर में अवैध खनन, परिवहन और स्टॉकिंग से संबंधित कुल 7,173 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं।
- अरावली क्षेत्र: इसी अवधि में, अरावली क्षेत्र के जिलों में अवैध खनन से जुड़ी 40,175 घटनाएँ सामने आईं, जिनमें से 4,181 में प्राथमिकी दर्ज की गई।
- पुलिस और खान विभाग की रिपोर्टों में आमतौर पर वित्तीय वर्ष या लंबी अवधि के कुल मामले, जब्त किए गए वाहन और जुर्माना राशि का विवरण होता है, न कि विशिष्ट मासिक आँकड़े
धौलपुर के सरमथुरा थाना क्षेत्र में बजरी माफियाओं ने एक वन रक्षक को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया, जिनकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।
धौलपुर में भी ली वनकर्मी की जान
- मृतक का नाम: जितेंद्र सिंह शेखावत, जो धौलपुर टाइगर रिजर्व की झिरी नाका चौकी पर वन रक्षक के पद पर तैनात थे।
- घटना का समय: यह वारदात 8 जनवरी 2026 की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच हुई।
- विवरण: जितेंद्र सिंह झिरी नाके पर ड्यूटी के दौरान गश्त कर रहे थे, तभी उन्होंने अवैध चंबल बजरी से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने का प्रयास किया। माफियाओं ने उन्हें जान से मारने की नीयत से उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनका बायां पैर और जांघ बुरी तरह कुचल गए।
- इलाज और मृत्यु: गंभीर हालत में उन्हें जयपुर के अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए उनका पैर तक काटना पड़ा, लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण 9 जनवरी 2026 की रात को उन्होंने दम तोड़ दिया।
2025-2026 की प्रमुख घटनाएं और हताहत
- दिसंबर 2025 (टोंक): टोंक जिले के पीपलू थाना क्षेत्र के गहलौद गांव में बजरी माफिया ने एक वाहन पर हमला किया।
- मृतक: मुकेश चौधरी, जिनकी 25 दिसंबर 2025 को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
घायल: बाला (अन्य व्यक्ति जो हमले में घायल हुआ)। - कार्यवाई: पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और मिलीभगत के आरोप में थाना अधिकारी सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
मई 2025 (सवाई माधोपुर):
- चौथ का बरवाड़ा में पुलिस टीम पर माफिया ने पथराव किया और पुलिस वाहन (डिप्टी एसपी की गाड़ी) को आग लगा दी।
मृतक: एक ट्रैक्टर चालक, जिसकी ट्रैक्टर ट्रॉली के नीचे दबने से मौत हो गई।
घायल: डिप्टी एसपी लाभराम बिश्नोई और उनकी टीम के अन्य सदस्य।
जनवरी 2026 (भरतपुर):
- घटना: चूरारी डांग इलाके में अवैध खनन पर कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर 13-15 माफियाओं ने हमला कर दिया और जब्त की गई LNT मशीन छुड़ा ले गए।
घायल: हेड कांस्टेबल दाताराम, कांस्टेबल अभिषेक, महेश और कृष्णराम।
जनवरी 2025 (जयपुर - चोमू):
- घटना: भू-माफियाओं द्वारा एक बुजुर्ग पर हमला किया गया।
मृतक: हमले में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
राजस्थान पुलिस की कार्यवाई (दिसंबर 2025)
- दिसंबर 2025 में खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत के संदेह में राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने कड़ी कार्यवाई की।
- 5 SHO निलंबित: शिवदासपुरा (जयपुर), पीपलू व बरौनी (टोंक), पीसांगन (अजमेर) और कोतवाली (धौलपुर)।
- 6 SHO स्थानांतरित: गुलाबपुरा, कुन्हाड़ी, नांता, लालसोट, गंगरार और लूणी के थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया
मुख्य बिंदू:
- राजस्थान के राजगढ़ और टहला क्षेत्र में अवैध खनन माफिया की सक्रियता सबसे अधिक है। यहां अवैध खनन के वाहनों का प्रयोग बिना नंबर प्लेट के किया जाता है और पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
- 7 जनवरी 2026 को एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने अवैध रूप से बजरी ले जाते हुए तीन बकरियों को कुचल दिया और एक मकान में घुसकर दीवार को तोड़ दिया। इस घटना के बाद ट्रैक्टर चालक फरार हो गया।
- पुलिस ने घटना के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अवैध खनन के खिलाफ ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं।
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