सेवा सेतु के माध्यम से अब तक 38 विभागों की 939 सेवाओं को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा गया है। इसके लिए प्रदेश में 16 हजार 773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है। अब तक इस व्यवस्था के तहत 55 लाख 13 हजार 672 ऑनलाइन आवेदन मिल चुके हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है। व्यवस्था से जुड़े 21 हजार 582 अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
दूरदराज के इलाकों के लोगों को फायदा
ग्रामीण इलाकों में सेवा केंद्र लोगों की मदद करते हैं। यहां लोग जरूरी सेवाओं के लिए आवेदन करने और डिजिटल प्रक्रिया पूरी करने में सहायता ले सकते हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है। उन्हें ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझने या उसे पूरा करने के लिए अकेले परेशान नहीं होना पड़ता।
![सुशासन सरकार]()
सुशासन सरकार
Good Governance Government
कामकाज को आसान बनाने पर जोर
सेवा सेतु का उद्देश्य सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन लेने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए आवेदनों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने, उनकी स्थिति पर नजर रखने और कामकाज को व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि आवेदन किस स्तर पर है और उस पर आगे क्या कार्रवाई होनी है।
सरकार की इस पहल से सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों के जुड़ने से आवेदन की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संचालित करने का आधार तैयार हुआ है।
![सेवा सेतु]()
सेवा सेतु
Seva Setu
सेवा केंद्रों की भी अहम भूमिका
हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन, इंटरनेट या ऑनलाइन आवेदन करने का अनुभव हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए सेवा सेतु में डिजिटल व्यवस्था के साथ सेवा केंद्रों का नेटवर्क भी महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन सेवाओं और इन केंद्रों की मदद से लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायता मिलती है।
प्रदेश सरकार का प्रयास है कि सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। सेवा सेतु इसी सोच के साथ सरकारी व्यवस्था को आम नागरिक के करीब लाने की पहल है। कुल मिलाकर, 38 विभागों की 939 सेवाओं को ऑनलाइन जोड़ना और प्रदेशभर में 16 हजार 773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार करना सरकारी सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
केस 01
आवेदन करने के चार दिन में मिला प्रमाण-पत्र
![नवविवाहित दंपती गणपत धुर्वे और हंसलेखा धुर्वे]()
नवविवाहित दंपती गणपत धुर्वे और हंसलेखा धुर्वे
Newly married couple Ganpat Dhurve and Hanslekha Dhurve
विवाह पंजीयन की प्रक्रिया को सेवा सेतु पोर्टल ने सरल और सुविधाजनक बना दिया है। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम ठाकुरटोला निवासी नवविवाहित दंपती का विवाह पंजीयन आवेदन करने के महज चार दिन बाद अनुमोदित हो गया। ऑनलाइन आवेदन से प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक की यह प्रक्रिया नागरिक सेवाओं में डिजिटल व्यवस्था की उपयोगिता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
नवविवाहित दंपती गणपत धुर्वे और हंसलेखा धुर्वे का विवाह 27 मार्च 2026 को हुआ था। पंजीयन के लिए उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को लोक सेवा केंद्र के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन किया। संबंधित विवाह पंजीयक कार्यालय ने 20 अक्टूबर 2026 को आवेदन अनुमोदित कर डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया।
केस 02
सेवा सेतु से दो दिन में बना आय प्रमाण-पत्र
![आंचल सिंह]()
आंचल सिंह
Aanchal Singh
छत्तीसगढ़ सरकार की सेवा सेतु पहल से ग्राम कोईलारा के आंचल सिंह को राहत मिली है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड के रहने वाले आंचल सिंह ने आय प्रमाण-पत्र के लिए सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन किया था। उन्हें महज दो दिनों में प्रमाण-पत्र मिल गया।
आय प्रमाण-पत्र शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी होता है। ऐसे में कम समय में दस्तावेज मिलने से आंचल को राहत मिली और उन्हें लंबे इंतजार से बचने में मदद मिली। आंचल सिंह ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए सेवा सेतु को आम लोगों के लिए एक उपयोगी पहल बताया है।
सेवा सेतु पर करा सकते हैं ये प्रमुख काम...
1. जरूरी प्रमाण-पत्र
- जाति प्रमाण-पत्र: एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के जाति प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन।
- आय प्रमाण-पत्र: अपनी सालाना आय का प्रमाण-पत्र बनवाना। यह छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं में काम आता है।
- निवास प्रमाण-पत्र: छत्तीसगढ़ का निवासी होने का प्रमाण-पत्र बनवाना।
- जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन: जन्म और मृत्यु का पंजीयन कराना या शादी-पंजीयन कराकर प्रमाण-पत्र प्राप्त करना।
2. जमीन से जुड़े काम
- खसरा और बी-1 की नकल: जमीन से जुड़े दस्तावेजों की कॉपी प्राप्त करना।
- नामांतरण: जमीन खरीदने या बेचने के बाद सरकारी रिकॉर्ड में नाम बदलवाना।
- सीमांकन: जमीन की सीमा तय कराने के लिए आवेदन करना।
- पेड़ काटने की अनुमति: निजी जमीन पर पेड़ काटने के लिए नियमानुसार अनुमति मांगना।
3. पढ़ाई, रोजगार और मजदूरों से जुड़ी सेवाएं
- माइग्रेशन प्रमाण-पत्र: इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए माइग्रेशन प्रमाण-पत्र का आवेदन।
- कौशल विकास प्रमाण-पत्र: मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र बनवाना या उसका नवीनीकरण कराना।
- श्रमिक कल्याण योजनाएं: पंजीकृत मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए उपलब्ध सहायता योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदन।
4. कारोबार और लाइसेंस
- ट्रेड लाइसेंस: दुकान या कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस का आवेदन।
- बिजली ठेकेदार का लाइसेंस: बिजली ठेकेदारों के लाइसेंस का ऑनलाइन नवीनीकरण कराना।
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