छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष पर मनमानी और भ्रष्टाचार का आरोप,सदस्यों ने उठाई आवाज,जानें पूरा मामला

Harrison Masih | Oct 09, 2025, 13:08 IST
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छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में उठे गंभीर आरोपों ने सबको चौंका दिया है। तीन सदस्यों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और सचिव आयोग को एकतरफा और पक्षपाती ढंग से चला रहे हैं, सुनवाई में अनधिकृत लोग मौजूद रहते हैं।

Raipur. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में गंभीर कलह (CG Women's Commission controversy) खड़ी हो गई है। भाजपा सरकार बनने के बाद नियुक्त हुईं तीन सदस्य—लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया और दीपिका सोरी ने आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक और सचिव अभय सोनवानी पर भ्रष्टाचार, पक्षपात और नियमों की अवहेलना के आरोप लगाए हैं।



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सदस्यों के आरोप:

एकतरफा निर्णय प्रक्रिया:


सदस्यों का कहना है कि सुनवाई और निर्णय में उन्हें शामिल नहीं किया जाता। अध्यक्ष अकेले अंतिम निर्णय लेती हैं, जबकि नियम के अनुसार दो सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है।



अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी:


सुनवाई और मीटिंग के दौरान अध्यक्ष के पति और निजी वकील भी मौजूद रहते हैं, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़ा होता है।



सचिव पर संदेह:


सचिव अभय सोनवानी सवालों का जवाब नहीं देते और ऐसा प्रतीत होता है कि वे अध्यक्ष के प्रति जवाबदेह हैं, आयोग के प्रति नहीं।



भ्रष्टाचार और निजी अधिकार क्षेत्र का आरोप:


सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष आयोग को अपने निजी अधिकार क्षेत्र की तरह चला रही हैं, और सदस्यों को संभागीय सुनवाई की जानकारी तक नहीं दी जाती।इसी कारण तीनों ने 8 अक्टूबर को सुनवाई का बहिष्कार किया।



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राजनीतिक तस्वीरों पर विवाद:


सदस्यों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष के चेंबर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और भूपेश बघेल की तस्वीरें लगी हैं, जो संवैधानिक संस्था में अनुचित और पक्षपाती हैं। उनका कहना है कि केवल राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तस्वीरें होनी चाहिए।



छत्तीसगढ़ महिला आयोग विवाद को 5 पॉइंट में समझें:

  1. अध्यक्ष और सचिव पर आरोप:
    तीन सदस्यों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष किरणमयी नायक और सचिव अभय सोनवानी आयोग को एकतरफा ढंग से चला रहे हैं।
  2. सदस्यों की भागीदारी नहीं:
    सुनवाई और निर्णय प्रक्रिया में सदस्यों को शामिल नहीं किया जाता, जबकि नियम के अनुसार दो सदस्यों की सहमति आवश्यक है।
  3. अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी:
    सुनवाई के दौरान अध्यक्ष के पति और निजी वकील भी मौजूद रहते हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
  4. भ्रष्टाचार और निजी नियंत्रण:
    अध्यक्ष पर आरोप है कि वे भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और आयोग को अपने निजी अधिकार क्षेत्र की तरह चला रही हैं।
  5. राजनीतिक तस्वीरों और कानूनी कदम:
    सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष के चेंबर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और भूपेश बघेल की तस्वीरें लगी हैं। सदस्यों ने सुनवाई का बहिष्कार किया और कोर्ट व राज्य उच्च अधिकारियों को जानकारी देने का ऐलान किया।

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सदस्यों की अगली कार्रवाई:

तीन सदस्यों ने घोषणा की है कि वे कोर्ट जाएंगे और पूरे प्रकरण की जानकारी विधि विभाग, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को देंगे। सदस्यों का कहना है कि आयोग की कार्यप्रणाली “लोकतांत्रिक भावना के विपरीत” चल रही है।



अध्यक्ष का जवाब:

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक ने इस पूरे विवाद पर कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहेंगी। उन्होंने कहा कि संबंधित जानकारी सचिव ही देंगे।



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FAQ

  1. छत्तीसगढ़ महिला आयोग विवाद क्या है?
    छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक पर आरोप हैं कि वे आयोग को एकतरफा और पक्षपाती ढंग से चला रही हैं।
  2. छत्तीसगढ़ महिला आयोग विवाद के कारण सदस्यों ने क्या कदम उठाया?
    विवाद के कारण तीन सदस्यों ने सुनवाई का बहिष्कार किया और यह मामला कोर्ट, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को जानकारी देने तक ले जाने का निर्णय लिया है।
  3. किरणमयी नायक कौन हैं?
    किरणमयी नायक छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हैं। वे आयोग की कार्यप्रणाली और मामलों की देखरेख की जिम्मेदारी निभाती हैं। हाल ही में उनके ऊपर सदस्यों ने आरोप लगाए हैं।
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