बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन में गड़बड़ी: 120 शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई, 2 से 6 साल तक प्रतिबंध

Harrison Masih | Aug 11, 2025, 19:19 IST
CGBSE-blacklist-120-teachers the sootr
छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। 120 शिक्षकों को इस मामले में मंडल ने कई वर्षों तक कार्यों से प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। मामला बेहद गंभीर है और जांच जारी है।

CGBSE banned 120 teachers: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही के मामले में 120 शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की है। मंडल ने इन शिक्षकों को 2 से लेकर 6 साल तक किसी भी तरह के परीक्षा या मंडल कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, इनके खिलाफ वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा भी स्कूल शिक्षा विभाग से की गई है।



ये खबर भी पढ़ें... CGBSE Result 2025 : दूसरे चरण का मूल्यांकन... जल्द ही जारी होगा रिजल्ट



मामला कैसे खुला?

छात्रों के अंकों में बड़े पैमाने पर बदलाव पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) के दौरान सामने आया। इस साल 30 हजार से ज्यादा कॉपियों का रिवैल्यूएशन कराया गया। कई मामलों में 20 से लेकर 50 तक अंक बढ़ गए।



एक कक्षा 10 के छात्र के सोशल साइंस पेपर में 50 से ज्यादा अंक की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद संबंधित शिक्षक पर 6 साल का प्रतिबंध लगाया गया। कई शिक्षकों की कॉपियों में 41 से 49 अंकों की वृद्धि पाई गई।



ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षक भर्ती: रायपुर,सुकमा और कोरबा में शिक्षित युवाओं के लिए सुनहरा अवसर



सबसे ज्यादा गड़बड़ी कहां हुई?

कक्षा 10वीं में कार्रवाई

  • 6 शिक्षकों को 5 साल का प्रतिबंध और वेतन वृद्धि रोकने की सजा।
  • 59 शिक्षकों को 3 साल का प्रतिबंध, अंकों में 20–40 तक की वृद्धि पाई गई।

ये खबर भी पढ़ें... आत्मानंद स्कूलों में 2 साल से अटकी शिक्षक भर्ती की अगले हफ्ते से शुरू होगी प्रक्रिया



कक्षा 12वीं में कार्रवाई

  • 54 शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की अनुशंसा।
  • 7 शिक्षकों को 5 साल तक मंडल के कार्य से वंचित किया गया।
  • 47 शिक्षकों को 3 साल का प्रतिबंध, वेतन वृद्धि रोकने का प्रस्ताव भेजा गया।

परीक्षा मूल्यांकन में गड़बड़ी



छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन मामले में 5 अहम बिंदु:

  1. 120 शिक्षकों पर कार्रवाई – दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की जांच में लापरवाही के आरोप में 120 शिक्षकों को 2 से 6 साल तक परीक्षा कार्यों से प्रतिबंधित किया गया।
  2. अंकों में बड़ी बढ़ोतरी – पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के अंक 20 से लेकर 50 तक बढ़े, जिससे मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
  3. सोशल साइंस में सबसे ज्यादा गड़बड़ी – इस विषय में सबसे ज्यादा शिक्षकों पर प्रतिबंध लगा, कुल 16 शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम।
  4. वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा – दोषी पाए गए शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की भी अनुशंसा राज्य सरकार से की गई है।
  5. माशिमं की कड़ी कार्रवाई – मंडल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी और सख्त नियम लागू करने का संकेत दिया।

120 शिक्षकों पर बैन CG News



ये खबर भी पढ़ें... इस प्रदेश में निकली सैकड़ों पदों पर शिक्षक भर्ती, जानें सैलरी और आवेदन की प्रक्रिया



क्या है अगला कदम?

माशिमं ने साफ किया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और कड़े नियम लागू किए जाएंगे।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ बोर्ड ने शिक्षकों पर क्या कार्रवाई की है?
    बोर्ड ने 120 शिक्षकों को लापरवाही के आरोप में 2 से 6 साल तक परीक्षा और मंडल के अन्य कार्यों से प्रतिबंधित किया है। साथ ही उनकी वेतन वृद्धि भी रोकने की अनुशंसा की गई है।
  2. छात्रों के बढ़े हुए अंक अंतिम माने जाएंगे?
    हाँ, पुनर्मूल्यांकन के बाद जो अंक बढ़े हैं, वे अंतिम माने जाएंगे और छात्रों के परिणाम में वही अंक दर्ज होंगे।
  3. क्या सभी 120 शिक्षकों ने जानबूझकर गड़बड़ी की है?
    जांच में लापरवाही और गड़बड़ी के गंभीर सबूत मिले हैं, हालांकि हर शिक्षक के खिलाफ अलग-अलग स्तर की कार्रवाई की गई है, जिसमें कुछ को अधिक सख्त सजा मिली है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • CG News
  • छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल
  • परीक्षा मूल्यांकन में गड़बड़ी
  • 120 शिक्षकों पर बैन
  • CGBSE banned 120 teachers