CGPSC परीक्षा घोटाला, 2020-21 में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की होगी जांच
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ी और पर्चा लीक मामले की जांच अब 2020 और 2021 में आयोजित की गई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वर्ष 2021 के साथ-साथ अब 2020 में हुई परीक्षाओं की भी जांच शुरू कर दी है।
एजेंसी की ओर से जारी बयानों के आधार पर दोनों वर्षों में आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। बताया गया है कि जांच का दायरा केवल राज्य सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं है।
व्यावहार न्यायाधीश, पशु चिकित्सा, वन सेवा, सहायक प्राध्यापक और नगर निवेशक समेत अलग-अलग पदों के लिए आयोजित परीक्षाओं से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए जा रहे हैं। इनमें कई परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती और पोस्टिंग भी हो चुकी है।
2020-21 में हुई प्रमुख परीक्षाओं पर नजर:
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020-21 में कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। राज्य सेवा परीक्षा-2020 की प्रारंभिक परीक्षा 14 फरवरी 2021 को और मुख्य परीक्षा जुलाई 2021 में आयोजित हुई थी। इसके अलावा राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा-2020, सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2019, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ परीक्षा-2020, सिविल जज (प्रवेश स्तर)-2020 और सहायक भू-रसायनज्ञ सहित अन्य पदों के लिए भी भर्ती परीक्षाएं हुई थीं।इसी अवधि में वन सेवा, सहायक वन संरक्षक और फॉरेस्ट रेंजर जैसी परीक्षाएं भी आयोजित की गईं।
इन परीक्षाओं में सामान्य अध्ययन, एप्टीट्यूड, भाषा, निबंध, विधि, इंजीनियरिंग, विज्ञान, कृषि और वानिकी सहित पद के अनुसार अलग-अलग विषयों के प्रश्नपत्र शामिल थे। अब जांच एजेंसी इन परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही है।
पैसे के लेन-देन और चैट रिकॉर्ड की जांच:
ED की जांच में अभ्यर्थियों से जुड़े पैसों के लेन-देन, चैट रिकॉर्ड और प्रत्यक्ष गवाहों के बयानों समेत कई तरह के साक्ष्यों को शामिल किया गया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के लिए किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं।
जांच के दौरान सामने आए डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के साथ उनके संपर्क में रहे लोगों के बयान भी जांच का हिस्सा बताए जा रहे हैं। मामले में आगे कुछ लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
2021 की परीक्षाओं से आगे बढ़ी जांच:
CGPSC पर्चा लीक मामले में जांच पहले मुख्य रूप से वर्ष 2021 में हुई परीक्षाओं पर केंद्रित थी। अब जांच एजेंसी ने वर्ष 2020 में आयोजित परीक्षाओं को भी अपने दायरे में लिया है। इसके चलते उन परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल के दौरान आयोजित भर्ती परीक्षाओं की जांच की जा रही है। उनके कार्यकाल में असिस्टेंट प्रोफेसर (एपी) समेत अन्य पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं भी जांच के दायरे में बताई गई हैं। परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप नियंत्रक ललित गणवीर से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी अब परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन, डिजिटल चैट और बयानों को आपस में मिलाकर तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि 2020 और 2021 की किन-किन परीक्षाओं में अनियमितताओं के संबंध में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं और उनकी जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है।
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