DL.Ed और PSC परीक्षा की तिथियां बदलने अड़े छात्र
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ परीक्षा टकराव : छात्रों का प्रदर्शन
- डीएलएड और PSC परीक्षा की तिथियों में टकराव
- छात्रावास में जर्जर स्थिति, छात्रों में गुस्सा
- एनएसयूआई ने प्रशासन को घेरकर जताई मांग
- भविष्य संकट में: छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
NEWS IN DETAIL
Raipur : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा आयोजित परीक्षाओं की तिथियां 8 जून को एक ही दिन होने के कारण छात्रों में असंतोष फैल गया है।
एनएसयूआई ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव कर परीक्षा तिथियों में बदलाव की मांग की। तेज गर्मी और झुलसाने वाली धूप में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा, इस दौरान एक छात्र बेहोश भी हो गया, जिसे प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।
इसके बावजूद छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन स्थल पर डटे रहने का फैसला किया। ( DLEd BEd) डीएलएड परीक्षाओं का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कराया जाता है, और छात्रों ने इन परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव की आवश्यकता जताई है।
परीक्षा टकराव से भविष्य पर असर
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि डीएलएड परीक्षा और CGPSC मुख्य परीक्षा की तिथियों का टकराव प्रदेश के सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। एक ओर छात्र वर्षों की मेहनत के बाद PSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी करते हैं
वहीं दूसरी ओर डीएलएड परीक्षा भी उनके शैक्षणिक भविष्य से जुड़ी हुई है।इस स्थिति में छात्रों को किसी एक परीक्षा का त्याग करना मजबूरी बन गई है, जोकि छात्र विरोधी कदम माना जा रहा है।
जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर खान के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ, जिसमें पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जिलाध्यक्ष शांतिलु झा, सरकार पांडेय, आशीष बाजपाई, मोहम्मद जिशन, शत्रुजय शुक्ला, खुलराज दिल्लत कधिन डांडे सहित कई एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
छात्रावास की अव्यवस्थाएं
साथ ही, पाकारिता विश्वविद्यालय के हॉस्टल में व्याप्त समस्याओं ने छात्रों की परेशानी और बढ़ा दी। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल के लगभग 30 कमरों में से अधिकांश रहने योग्य नहीं हैं। कई कमरों की खिड़कियां टूटी हुई हैं, दीवारों में सोलन और फफूंदी जम गई है। कुछ कमरों को स्टोर रूम में तब्दील कर कबाड़ भर दिया गया है
जिससे छात्रों को आवास संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में स्थित बालक छात्रावास की जर्जर स्थिति के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों ने बताया कि इन परिस्थितियों में परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
प्रशासनिक अनदेखी और मांगें
छात्रों का कहना है कि उन्होंने लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने डीएलएड परीक्षा की तिथियों को PSC मुख्य परीक्षा से अलग करने और हॉस्टल की स्थिति सुधारने की मांग की है। उनका उद्देश्य केवल अपनी पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित करना है।
निष्कर्ष
छात्रों का प्रदर्शन और उनके द्वारा उठाई गई समस्याएं दर्शाती हैं कि शिक्षा प्रशासन में तिथियों और छात्रावास प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता है।
परीक्षा टकराव और हॉस्टल की जर्जर स्थिति छात्रों के शैक्षणिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। राज्य प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि वह छात्रों की मांगों पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाए ताकि उनके भविष्य और पढ़ाई को कोई नुकसान न पहुंचे।
FAQ
- छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
छात्रों ने प्रदर्शन किया क्योंकि डीएलएड और CGPSC मुख्य परीक्षा दोनों 8 जून को हैं। दोनों परीक्षाएं उनके भविष्य और करियर से जुड़ी हैं। प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन को यह दिखाना है कि छात्रों को किसी एक परीक्षा छोड़ने के लिए मजबूर करना अनुचित है। - हॉस्टल में मुख्य समस्याएं क्या हैं?
विश्वविद्यालय के हॉस्टल में अधिकतर कमरे रहने योग्य नहीं हैं। खिड़कियां टूटी हैं, दीवारों में फफूंदी और सोलन है, कुछ कमरे स्टोर रूम में बदल दिए गए हैं। इन खराब हालातों में छात्रों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। - प्रशासन से छात्रों की मांगें क्या हैं?
छात्रों की मांग है कि डीएलएड परीक्षा की तिथियां PSC मुख्य परीक्षा से अलग की जाएं। साथ ही हॉस्टल में मरम्मत कर उचित और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए।
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