11 महीने में ही दरकने लगी तीन सौ करोड़ में बनी छत्तीसगढ़ विधानसभा की छत, तीन महीने में दो बार गिरी फॉल सीलिंग, बाल बाल बचा कर्मचारी

Arun Tiwari | Oct 01, 2026, 15:58 IST
नई विधानसभा भवन में गिरी फॉल्स सीलिंग
तीन सौ करोड़ से ज्यादा में बनी छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई नवेली इमारत को साल भर भी नहीं हुआ और उसकी छत दरकने लगी है। पिछले तीन महीने में दो बार विधानसभा की फॉल सीलिंग गिर चुकी है। विधानसभा की फॉल सीलिंग जुलाई में गिरी थी और अब दो दिन पहले ही यह घटना हो गई।

रायपुर : नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में मंगलवार को फॉल्स सीलिंग गिरने से एक कर्मचारी घायल हो गया। हादसा विधानसभा भवन के भूतल स्थित बी-7 कक्ष में हुआ। अचानक फॉल्स सीलिंग का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारी को तत्काल विधानसभा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। हादसे के बाद कमरे में फॉल्स सीलिंग के पैनल और उसके मलबे का बड़ा हिस्सा फर्श पर बिखरा नजर आया। छत के जिस हिस्से से सीलिंग गिरी, वहां भी नुकसान हुआ है। जिस कमरे में कर्मचारी नियमित रूप से काम करते हैं, वहां अचानक भारी हिस्सा गिरने की घटना ने भवन की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



पीएम ने किया था उद्घाटन

इस घटना को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि नए विधानसभा भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 11 महीने पहले किया था। 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया था। करीब 324 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए इस भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस विधानसभा परिसर के रूप में विकसित किया गया है। ऐसे में भवन के एक हिस्से की फॉल्स सीलिंग का इतनी कम अवधि में गिरना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सीलिंग गिरने की वास्तविक वजह क्या थी। इसके पीछे निर्माण संबंधी खामी, सामग्री की गुणवत्ता, इंस्टॉलेशन में तकनीकी कमी या रखरखाव से जुड़ा कोई कारण था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।




बाल-बाल टला बड़ा हादसा

फॉल्स सीलिंग का हिस्सा उस समय गिरा जब कमरे में कर्मचारी मौजूद थे। एक कर्मचारी इसके मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया। गनीमत रही कि सीलिंग का पूरा हिस्सा एक साथ नीचे नहीं गिरा और कोई बड़ा जनहानि वाला हादसा नहीं हुआ। यदि भारी हिस्सा सीधे किसी कर्मचारी के ऊपर गिरता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद विधानसभा भवन के दूसरे हिस्सों में लगी फॉल्स सीलिंग और अन्य निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि कहीं भवन के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी कोई तकनीकी समस्या तो नहीं है।



जांच और जिम्मेदारी पर नजर

फिलहाल फॉल्स सीलिंग गिरने के तकनीकी कारणों और घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब निगाह इस बात पर है कि विधानसभा प्रशासन घटना की तकनीकी जांच किस स्तर पर कराता है और क्या भवन के अन्य हिस्सों का भी सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि नए विधानसभा भवन में फॉल्स सीलिंगगिरने की नौबत क्यों आई। यदि जांच में निर्माण या सामग्री से जुड़ी कोई खामी सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान के भवन में काम करने वाले कर्मचारियों और आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए घटना की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



जुलाई में भी हुई थी ये घटना

छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन में जुलाई के आखिरी सप्ताह में भी फॉल सीलिंग गिरने की घटना सामने आई थी। फॉल सीलिंग मुख्य हाल से लगे एक अधिकारी के कमरे की गिरी है। इसने भवन की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। घटना के बाद अब एक आरटीआई जवाब ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है। सूचना के अधिकार के तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) से हाल ही में मांगी गई जानकारी के जवाब में विभाग ने नए विधानसभा भवन का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने की बात कही थी। दोनों घटनाक्रमों ने नए विधानसभा भवन के निर्माण, सुरक्षा मानकों और भवन के औपचारिक प्रमाणन की प्रक्रिया पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। घटना स्थल पर पहुंचे विधानसभा के ही एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य हाल से लगे एक अधिकारी के कमरे की फॉल सीलिंग गिरी है। इसमें छत के अधिकांश हिस्से के साथ स्टील के पाइप भी गिरे हैं। हालत बहुत ही ख़राब थे। अगर उस वक्त कोई कमरे में बैठा होता तो अनहोनी हो सकती थी। अब इसे जल्द ही ठीक करवाया जा रहा है।




अब RTI के पुराने जवाब ने बढ़ाए सवाल

फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना के बीच अब उस आरटीआई जवाब की चर्चा हो रही है, जो लोक निर्माण विभाग ने पहले ही जारी किया था। आरटीआई कार्यकर्ता ने नए विधानसभा भवन के निर्माण के बाद जारी किए गए उपयोगिता प्रमाण पत्र समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियां विभाग से मांगी थीं। लोक निर्माण विभाग, परियोजना मंडल-1, रायपुर के कार्यपालन अभियंता ने आरटीआई का जवाब दिया था। इसमें नए विधानसभा भवन का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई थी। विभाग ने आरटीआई में मांगी गई कुछ अन्य जानकारियों के संबंध में भी बताया था कि संबंधित जानकारी अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है या उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।



RTI में क्या-क्या पूछा गया था

आरटीआई एक्टिविस्ट राकेश चौबे ने पीडब्लूडी से पूछा था की नए विधानसभा भवन का निर्माण पूरा होने के बाद क्या उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किया गया है। यदि प्रमाण पत्र जारी किया गया है तो उसकी प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। इसके अलावा भवन में विधानसभा सत्र आयोजित करने की अनुमति, अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी फायर एनओसी और भवन से संबंधित अन्य तकनीकी स्वीकृतियों की जानकारी भी मांगी गई थी। लेकिन विभाग के जवाब में उपयोगिता प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। अब, जब भवन में फॉल सीलिंग गिरने की घटना सामने आई है, तो उपयोगिता प्रमाण पत्र और भवन की तकनीकी स्वीकृतियों की स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।



नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी नई विधानसभा की इस बिल्डिंग पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भी कहा था कि 300 करोड़ में बनी इस बिल्डिंग की हालत बहुत ही ख़राब है। इतना ही नहीं विधानसभा से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पहली बारिश में ही इस बिल्डिंग में सीपेज आ चुका है। बिल्डिंग के अधिकांश हिस्सों में सीपेज है। हालत ख़राब थे इसलिए विधानसभा शुरू होने से 15 दिन पहले ही आनन-फानन में इसे व्यवस्थित किया गया है।



सरकार और PWD को देना होगा जवाब

नया विधानसभा भवन राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों में से एक है। ऐसे में फॉल सीलिंग गिरने की घटना को केवल एक सामान्य तकनीकी खराबी मानकर छोड़ने के बजाय इसकी वास्तविक वजह सामने आना जरूरी है। साथ ही, भवन के उपयोगिता प्रमाण पत्र और अन्य तकनीकी स्वीकृतियों की स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि फॉल सीलिंग गिरने की वजह निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन, फिटिंग या रखरखाव से जुड़ी है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं यदि भवन की सुरक्षा और तकनीकी स्वीकृतियों से जुड़ी कोई प्रक्रिया लंबित है, तो उसकी स्थिति भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।



FAQ



  1. छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना कब हुई?
    यह घटना मंगलवार को हुई, जब एक कर्मचारी भूतल स्थित बी-7 कक्ष में मौजूद था।
  2. इस हादसे में किसी कर्मचारी को चोट आई थी?
    हाँ, इस हादसे में एक कर्मचारी घायल हो गया, जिसे तत्काल विधानसभा अस्पताल ले जाया गया।
  3. क्या इस घटना के कारणों का पता चल पाया है?
    अभी तक फॉल्स सीलिंग गिरने के वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। इसकी जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि क्या यह निर्माण संबंधी खामी, सामग्री की गुणवत्ता, इंस्टॉलेशन की तकनीकी कमी या रखरखाव की समस्या थी।
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