किसानों के लिए 10 हजार करोड़ का चंदन, महतारी का 8200 करोड़ से वंदन

Arun Tiwari | Mar 19, 2026, 16:08 IST
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छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 1.87 लाख करोड़ रुपए का बजट 2026-27 पारित किया। इसमें किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपए और महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

Raipur. छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1.87 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पारित हो गया। इसमें कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वहीं महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रूपए रखे गए हैं। विधानसभा में फ्रीबीज का संकल्प पारित हो गया।



अब तक का सबसे बड़ा बजट:

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख 87 हजार 500 करोड़ रूपए का विनियोग विधेयक पेश किया। विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के 3 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सरकार ने संकल्प आधारित बजट बताया है। राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



2 हज़ार करोड़ के राजस्व घाटे का बजट:

विनियोग विधेयक में कुल विनियोग 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रूपए का है। जिसमें ऋणों का पुनर्भुगतान और अन्य समायोजन शामिल हैं। शुद्ध बजट आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रूपए निर्धारित किया गया है। कुल प्राप्तियां भी इसी के अनुरूप 1 लाख 72 हजार करोड़ रूपए आंकी गई हैं।



जिनमें से 1 लाख 41 हजार करोड़ रूपए राजस्व प्राप्तियां और 29 हजार करोड़ रूपए पूंजीगत प्राप्तियां हैं। राजस्व व्यय 1 लाख 45 हजार करोड़ रूपए और पूंजीगत व्यय 27 हजार करोड़ रूपए प्रस्तावित है। राज्य का राजस्व घाटा मात्र 2 हजार करोड़ रूपए और शुद्ध राजकोषीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ रूपए (जीएसडीपी का 2.87 प्रतिशत) अनुमानित है।



5 नए महत्वाकांक्षी मिशन:

वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट संकल्प (समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी) के सात स्तंभों पर टिका है। इस विजन को साकार करने के लिए 500 करोड़ रूपए की लागत से 5 नए मिशन शुरू किए जाएंगे।



मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए (तकनीक के विस्तार ), मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए और मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुन मिशन हेतु 100 करोड़ रूपए का प्रावधान है।



आंकड़ों में आर्थिक वृद्धि :

वर्ष 2025-26 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 8.11 प्रतिशत दर्ज की गई है। जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से अधिक है। कृषि क्षेत्र में 7.49 प्रतिशत, उद्योग में 7.21 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 9.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रूपए हो गई है। जिसमें 10.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।



किसान कल्याण पर सबसे ज्यादा राशि:

“कृषक उन्नति योजना” के लिए 10 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जो इस बजट का सबसे बड़ा मद है। राज्य सरकार द्वारा किसानों से 3,100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई। अब तक लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रूपए का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा चुका है।



सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास जैसी फसलों को भी योजना में शामिल किया है। इसके साथ ही कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत आपूर्ति के लिए 5,500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।



महतारी का वंदन:

“महतारी वंदन योजना” के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए 8,200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” घोषित कर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है।



इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतना बजट:

राज्य में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 27 हजार करोड़ रूपए का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 1,162 सड़कों के निर्माण हेतु 837 करोड़ रूपए तथा 393 पुलों के निर्माण के लिए 163 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,400 करोड़ रूपए तथा जल जीवन मिशन के लिए 3,000 करोड़ रूपए का आवंटन किया गया है। इन प्रावधानों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, जल आपूर्ति और कृषि उत्पादन में सुधार होने की संभावना है।



शिक्षा और स्वास्थ्य:

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रूपए तथा आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के साथ नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना भी शामिल है। शिक्षा के क्षेत्र में 700 नए शाला भवनों के निर्माण और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के उन्नयन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।



ग्रामीण और शहरी क्षेत्र:

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और रोजगार गारंटी मिशन के अंतर्गत 4-4 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़ रूपए तथा “आदर्श शहर समृद्धि योजना” के माध्यम से नगरीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भूमिगत विद्युतीकरण, नालंदा परिसर और आवास योजनाओं के माध्यम से शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।



पर्यटन पर फोकस:

“शक्ति पीठ परियोजना” के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि “रामलला दर्शन योजना” के तहत श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है। होम स्टे नीति के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और पर्यटन से जुड़े सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।



ला एन्ड आर्डर:

कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1,500 नए बस्तर फाइटर के पदों के सृजन, 15 नए पुलिस थानों की स्थापना और 5 साइबर पुलिस स्टेशनों के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों में तकनीकी सुधार किए जाएंगे।



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