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News In Short
सत्र में विधानसभा की कार्यवाही में जवाब देने पर फोकस होगा।
सभी विभागों में विधानसभा प्रकोष्ठ और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
दस्तावेज सात दिन पहले विधानसभा सचिवालय को भेजने होंगे।
सत्र के दौरान छुट्टी पर जाने और बाहर जाने पर रोक लगाई गई है।
News In Detail
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले तैयारियों को लेकर राज्य शासन ने प्रशासनिक स्तर पर कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए बुधवार, 11 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक होगी। इसमें राज्य शासन के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं विशेष सचिवों को मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
संसदीय कार्य विभाग के जरिए जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा का 8वीं सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक होनी है।
सत्र के दौरान विधानसभा की कार्यवाही समय पर जवाब उपलब्ध करवाने पर फोकस होगी। बैठक के लिए विधानसभा के दौरान अधिकारियों की उपलब्धता, ड्यूटी रोस्टर, विधानसभा सदस्यों के सवाल जवाब, पेंडिंग फाइलों के स्टेटस पर भी चर्चा की जाएगी।
अभिभाषण भाषण को लेकर सजग
एजेंडा के अनुसार सभी विभागों में विधानसभा प्रकोष्ठ का गठन एवं नोडल अधिकारियों की नियुक्ति शीघ्र की जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा के लिए आवश्यक जानकारी तैयार करने कहा गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य चर्चा के लिए विभागीय तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त विधानसभा प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन माध्यम से समय-सीमा के भीतर विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
दस्तावेज समय पर उपलब्ध करवाना होगा
संसदीय कार्य विभाग ने एक और बात साफ की है। उन्होंने कहा कि शासकीय विधेयकों से जुड़ी सभी दस्तावेज सत्र शुरू होने से कम से कम सात दिन पहले विधानसभा सचिवालय को भेज दिए जाएं।
इसके अलावा, विभागीय वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट और सीएजी से जुड़ी रिपोर्ट समय पर पेश करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
छुट्टी पर लगाई रोक
सत्र के दौरान सभी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय में अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। सिर्फ बहुत जरूरी कारणों को छोड़कर किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, सत्र के बीच में बिना जरूरी कारण के प्रदेश के बाहर जाने के लिए कोई प्रस्ताव भी नहीं मंजूर किया जाएगा।
व्यवस्था बनाने की कवायद
राज्य शासन का मानना है कि समय रहते की गई यह तैयारियां विधानसभा सत्र के दौरान कार्यवाही को व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में सहायक होंगी। इससे सदन में उठाए जाने वाले विषयों पर त्वरित और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
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