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Photograph: (the sootr)
News in Short
राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 2026
शून्यकाल के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई गई।
- आरक्षण, बिजली आपूर्ति, और टोल मुद्दों पर बहस हुई।
भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरा।
शून्यकाल में कई विधायकों ने अनुपस्थिति पर विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जताई।
News in Detail
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में गुरूवार को अधिकारियों की अनुपस्थिति पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जताई। इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भविष्य में अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। यह मामला शून्यकाल के समय उठा। इस दौरान आरक्षण, बिजली आपूर्ति और टोल की समस्या सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
शून्यकाल में अधिकारियों की अनुपस्थिति
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान जब संबंधित विभागों के अधिकारी दीर्घा में मौजूद नहीं पाए गए तो, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी नाराज हो उठे। उन्होने आसन से उठकर संसदीय कार्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि अफसरों की अनुपस्थिति सदन की गरिमा के खिलाफ है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सदन को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी । शून्यकाल के दौरान अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
आरक्षण और बिजली आपूर्ति पर तीखा हमला
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायकों ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा। कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने आरक्षण में अनियमितताएं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई भर्तियों में ओबीसी को अपेक्षित आरक्षण नहीं दिया गया और एससी व एसटी वर्ग के आरक्षण में भी कटौती की गई। इसके अलावा, भाजपा विधायक अंशुमान भाटी ने किसानों को 24 घंटे बिजली देने के सरकारी दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसानों को केवल 6 घंटे बिजली मिल रही है, जबकि बिल पूरे वसूले जा रहे हैं।
टोल और किसानों की समस्याएं
भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने स्टेट हाईवे पर टोल की समस्या को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने वसुंधरा राजे सरकार के दौरान समाप्त किए गए टोल को फिर से लागू कर दिया था। इससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक दीनदयाल बैरवा ने आवारा मवेशियों की समस्या को उठाया और कहा कि यह मवेशी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके लिए उन्हें पर्याप्त गौशालाएं खोलने की आवश्यकता है।
जल संकट और प्रशासनिक लापरवाही
सुजानगढ़ क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या पर विधायक मनोज कुमार ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में भी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और कई ट्यूबवेल खराब पड़े हुए हैं। उन्होंने सरकार से इन ट्यूबवेल को जल्द ठीक करने और नए ट्यूबवेल खोदने की मांग की। इसके अलावा, पीलीबंगा और अन्य स्थानों पर किसानों को खातेदारी अधिकार देने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए गए।
विधायकों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी
जब शून्यकाल की शुरुआत हुई तो अधिकांश विधायक सदव में उपस्थित नहीं थे। उस समय अध्यक्ष आसन पर थे। उन्होने विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताई। तभी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे कुछ समय के लिए आसन पर ही बैठें। विधायक कुछ समय में ही सदन में प्रवेश कर जाएंगे। इस पर स्पीकर ने विधायकों को सदन में प्रवेश करने का अवसर दिया।
विधानसभा सत्र में सदन के मुद्दे और विपक्ष के तीखे सवाल
राजस्थान विधानसभा के इस सत्र में कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार को विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ा और विधायकों ने जनता से जुड़ी समस्याओं को उठाया। विशेष रूप से आरक्षण, बिजली आपूर्ति, आवारा मवेशियों की समस्या, और जल संकट जैसे मुद्दों ने सदन में हंगामे की स्थिति पैदा कर दी। इन मुद्दों पर अब देखना होगा कि सरकार कब तक ठोस कदम उठाती है और इन समस्याओं का समाधान कैसे होता है।
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