स्मार्ट मीटर योजना : अब नहीं थोपा जाएगा प्रीपेड मीटर, मर्जी के मालिक होंगे ग्राहक, केंद्र ने दी बड़ी राहत!
NEWS IN SHORT
- रायपुर में स्मार्ट मीटर योजना में बड़ा बदलाव किया गया हैं
- अब प्रीपैड कनेक्शन नहीं होंगे अनिवार्य केंद्रीय मंत्री ने कहा
- उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प पोस्टपेड या प्रीपैड कनेक्शन
- स्मार्ट मीटर योजना के तहत 35 लाख कनेक्शन लगाए गए हैं
- प्रदेश में सरकारी कनेक्शन प्रीपैड करने की तैयारी जारी हैं
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की खबर सामने आई है। अब स्मार्ट मीटर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को कनेक्शन प्रीपैड करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को यह स्वतंत्रता होगी कि वो अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड या प्रीपैड कनेक्शन का चयन कर सकें।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टरने लोकसभा में यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी उपभोक्ता को प्रीपैड कनेक्शन थोपे नहीं जाएंगे, और यह केवल उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा।
प्रीपैड कनेक्शन की बाध्यता खत्म
केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद राज्य के अधिकारियों ने भी साफ किया है कि अब प्रदेश में प्रीपैड कनेक्शन की कोई बाध्यता नहीं होगी। हालांकि, सरकारी विभागों के कनेक्शन अभी भी प्रीपैड करने की तैयारी जारी है।
यदि प्रदेश सरकार अपना फैसला बदलती है, तो इन कनेक्शनों को प्रीपैड किया जाएगा। स्मार्ट मीटर योजना के तहत प्रदेश के 60 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के मीटर बदलने का काम चल रहा है, और अब तक 35 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
प्रीपैड कनेक्शन पर सवाल उठ रहे थे
जब स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत की गई थी, तब यह प्रस्ताव था कि सभी कनेक्शन को प्रीपैड किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली का उपयोग केवल रीचार्ज करने के बाद ही संभव हो सके।
कई राज्यों में इस योजना को लागू किया गया, लेकिन इस पर सवाल भी उठ रहे थे। राज्य उपभोक्ता परिषद ने इसे विद्युत अधिनियम की धारा 47(5) का उल्लंघन बताते हुए विरोध किया था, क्योंकि इस धारा में प्रीपैड कनेक्शन का कोई प्रावधान नहीं था।
केंद्रीय मंत्री का बयान
(केंद्र सरकार)लोकसभा में मंत्री मनोहर खट्टर ने इस विवाद को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रीपैड कनेक्शन अनिवार्य नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता चाहे तो प्रीपैड कनेक्शन चुन सकते हैं, लेकिन यह उनकी इच्छा पर निर्भर करेगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि जिन राज्यों में उपभोक्ताओं ने प्रीपैड कनेक्शन को अपनाया, वहां पॉवर कंपनियों को फायदा हुआ और घाटा कम हुआ हैं।
अधिसूचना में बदलाव
केंद्रीय ऊर्जा प्राधिकरण ने अब संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि प्रीपैड कनेक्शन अनिवार्य नहीं होंगे। हालांकि, प्रदेश में सरकारी कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी अभी भी चल रही है, और इसे अगले महीने से लागू करने की योजना है।
कनेक्शन को प्रीपैड करने की तैयारी
प्रदेश में करीब 45 हजार कनेक्शनों को प्रीपैड करने की योजना है, जो अब तक रीचार्ज न होने के कारण पहले नहीं किए जा सके थे। पॉवर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार ने इन कनेक्शनों को प्रीपैड करने से मना नहीं किया, तो ये कनेक्शन जल्द ही प्रीपैड कर दिए जाएंगे।
निष्कर्ष
इस निर्णय से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब वे अपनी सुविधा के अनुसार कनेक्शन चुन सकेंगे, और प्रीपैड कनेक्शन की बाध्यता समाप्त हो जाएगी।
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