एमपी में बिजली उपभोक्ताओं को झटका, स्मार्ट मीटर का खर्च आपकी जेब से वसूलेगी कंपनी

मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर अब महंगाई की नई मार पड़ने वाली है। बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च जनता से वसूलने की तैयारी कर ली है। कंपनियों ने नियामक आयोग को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है।

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Aman Vaishnav
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mp electricity smart meter bill hike

News In Short

  • बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर पर 500 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया है।

  • प्रस्ताव में स्मार्ट मीटर, मेंटेनेंस और अन्य खर्च शामिल हैं।

  • ऊर्जा मंत्री प्रद्युत सिंह तोमर ने कहा था कि स्मार्ट मीटर फ्री लगेगा।

  • भोपाल में अब तक 3 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, और बाकी लगाने हैं।

News In Detail

बिजली कंपनियों ने अब उपभोक्ताओं की जेब पर और बोझ डालने की योजना बनाई है। अब कंपनियां स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च भी उपभोक्ताओं से वसूलेंगी।

यह खर्च बिजली के बिल में जोड़ा जाएगा। कंपनियों ने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव में कंपनियों ने स्मार्ट मीटर के नाम पर 500 करोड़ रुपए की बड़ी राशि शामिल की है।

यह राशि स्मार्ट मीटर से जुड़े खर्च, मेंटेनेंस और अन्य कारणों से जोड़ी गई है। दर बढ़ाई जाती है, तो ये खर्च प्रति यूनिट में जोड़ा जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि भोपाल में अब तक तीन लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उतने ही और लगाना बाकी हैं।

मंत्री बोले थे फ्री में लगेगा स्मार्ट मीटर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युत सिंह तोमर ने ये साफ कहा था कि स्मार्ट मीटर के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। टैरिफ प्रस्ताव में स्मार्ट मीटर से जुड़ी जो लागत बताई गई है, वो कुछ और ही कहानी कह रही है।

26 फरवरी तक चली थी सुनवाई

बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग को 10.19% बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस पर 24 से 26 फरवरी तक सुनवाई चली थी। 26 फरवरी को भोपाल में नियामक आयोग के कार्यालय में सुनवाई खत्म हुई थी।

स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत की रियल टाइम जानकारी देता है। इससे वे अपने बिजली खर्च पर निगरानी रख सकते हैं। साथ ही उसे सही तरीके से मैनेज कर सकते हैं। केंद्र सरकार आइपीडीएस योजना* के तहत देशभर के बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदल रही है।

Sootr Knowladge

क्या है केंद्र सरकार आइपीडीएस योजना?

*केंद्र सरकार की एकीकृत बिजली विकास योजना (Integrated Power Development Scheme - IPDS) विद्युत मंत्रालय द्वारा 3 दिसंबर 2014 को शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करना है। साथ ही बिजली की बर्बादी (AT&C नुकसान) को कम करना है।

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