छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में अब बिना मंत्र नहीं मिलेगा भोजन, 16 जून से प्रार्थना सभा के नियमों में बड़ा बदलाव

Umeshwari Baghel | Apr 12, 2026, 09:41 IST
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 16 जून से नई व्यवस्था लागू की जाएगी। अब सभी बच्चों को पांच मंत्रों का पाठ करना अनिवार्य होगा, जिसमें राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप वंदना, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र शामिल होंगे। खाने से पहले गुरु मंत्र करवाए जाएंगे।

NEWS IN SHORT

16 जून से स्कूलों में पांच मंत्रों का पाठ अनिवार्य हो जायेगा


प्रार्थना सभा की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से की जायेगी


खाने से पहले सभी छात्रों को गुरु मंत्र करवाए जाएंगे


स्कूलों की दीवारों पर मंत्रों का उच्चारण लिखा जायेगा


हर शनिवार को बच्चों को बिना बस्ते स्कूल बुलाया जाएगा



NEWS IN DETAIL

(छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूल )प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 16 जून से एक नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस नए सत्र से सभी छात्रों को पांच मंत्रों का पाठ अनिवार्य रूप से करना होगा।



छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग :इस पहल का उद्देश्य बच्चों में संस्कार और अनुशासन को बढ़ावा देना है। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की शुरुआत अब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से होगी। (chhattisgarh school)इसके बाद दीप वंदना, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का उच्चारण किया जाएगा।



खाने से पहले गुरु मंत्र का उच्चारण

(Chhattisgarh School Education)दोपहर के भोजन से पहले स्कूल में सभी बच्चों को गुरुजी द्वारा भोजन मंत्र करवाए जाएंगे। यह नियम सभी सरकारी स्कूलों में लागू होगा



जिससे बच्चों में अनुशासन और संस्कार की भावना जागृत हो सके। शाम को छुट्टी से पहले शांति पाठ होगा, इन मंत्रों को सभी स्कूलों में 16 जून से पहले भेज दिया जाएगा।



स्कूल की दीवारों पर मंत्रों का उच्चारण

स्कूलों में मंत्रों को दीवारों पर भी लिखा जाएगा, ताकि बच्चों को दिनभर इन मंत्रों का स्मरण रहे। इसके साथ ही सभी स्कूलों में लाउडस्पीकर लगाने की योजना बनाई गई है



जिससे मंत्रों का उच्चारण सभी को सुनाई दे सके। इस पहल से न केवल बच्चों में एकजुटता आएगी, बल्कि स्कूलों में एक सकारात्मक वातावरण भी बनेगा।



हर शनिवार को होगा गतिविधि दिवस

नई व्यवस्था के तहत हर शनिवार को स्कूलों में गतिविधि दिवस मनाया जाएगा। इस दिन बच्चों को बिना बस्ते के स्कूल आने की अनुमति होगी।



प्राचार्य बच्चों को इस दिन 6 विभिन्न गतिविधियां करवा सकते हैं। यह गतिविधियाँ बच्चों की शारीरिक और मानसिक विकास के लिए फायदेमंद होंगी।



इस नई पहल से बच्चों के जीवन में न केवल पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ेगी, बल्कि उनके अंदर अनुशासन और संस्कार भी विकसित होंगे।



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