गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों? हाई कोर्ट ने आरटीई प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन करने का दिया आदेश
NEWS IN SHORT
- हाई कोर्ट ने आरटीई प्रवेश प्रक्रिया पर नाराजगी जताई
- राज्य सरकार से मांगी गई विस्तृत जानकारी
- आवेदन कम होने पर कोर्ट ने उठाए सवाल
- प्रवेश प्रक्रिया को जल्द ऑनलाइन करने का आदेश
- नई तारीखों के साथ आरटीई प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की कक्षा पहली में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की धीमी गति पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सरकार से शपथ पत्र में यह जानकारी मांगी है कि किस स्कूल में कितनी सीटें आवंटित की गई हैं और कितने बच्चों ने दाखिला लिया है।
शपथ पत्र पर असंतोष
राज्य सरकार ने जो शपथ पत्र कोर्ट में पेश किया था, उसमें बताया गया कि राज्य के 387 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं आया, जबकि 366 स्कूलों में सीटों के मुकाबले आवेदन कम थे। कोर्ट ने इस स्थिति पर आश्चर्य जताया और सवाल उठाया कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में प्रवेश नहीं लेना चाहते, या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रवेश प्रक्रिया को जल्द ऑनलाइन किया जाए।
क्या बच्चों का भविष्य खतरे में है?
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को तय की है और अधिकारियों से पूछा कि इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को हलफनामा दाखिल करने का आदेश भी दिया गया है, जिसमें अब तक किए गए कदमों की जानकारी दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब सत्र शुरू हो चुका है तो गरीब बच्चों का दाखिला कब होगा और क्या प्रशासन की लापरवाही के कारण हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा?
सीटों के मुकाबले कम आवेदन पर सवाल
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यदि एक या दो सीटों पर ही आवेदन हो रहे हैं, तो क्या उस स्कूल में केवल चार बच्चे पढ़ रहे हैं? राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह आरटीई के तहत तय 25 प्रतिशत सीटों को सुनिश्चित करें और गरीब बच्चों को उनका हक दें।
प्रवेश की तारीखें
आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की तिथियां भी अपडेट की गई हैं। काउंसलिंग और आवंटन की प्रक्रिया 13 से 17 अप्रैल तक पूरी की गई थी। इसके बाद बच्चों को 1 से 30 मई तक प्रवेश लेना था। द्वितीय चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू होगी, जिसमें नए स्कूलों का पंजीकरण होगा। इसके बाद 1 से 11 जुलाई तक छात्र पंजीकरण करेंगे और फिर 27 से 31 जुलाई तक लाॅटरी और आवंटन होगा। छात्रों को 3 से 17 अगस्त तक स्कूल में दाखिला लेना होगा।
कोर्ट का स्पष्ट संदेश
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को साफ संदेश दिया कि इस मामले में और देरी नहीं की जा सकती। सरकार को जल्द से जल्द पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया ताकि गरीब बच्चों को शिक्षा का हक मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
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